भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। बैंक के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में उसका कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट 13.73 फीसदी बढ़कर 24,113 करोड़ रुपये पहुंच गया।
बिजनेस न्यूज़: देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के वित्तीय नतीजे जारी कर दिए हैं। अप्रैल से जून 2026 के बीच बैंक ने मजबूत प्रदर्शन दर्ज किया। इस दौरान SBI का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 13.73 प्रतिशत बढ़कर ₹24,113 करोड़ पहुंच गया।
पिछले वित्त वर्ष की इसी तिमाही में बैंक का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट ₹21,201.47 करोड़ था। मार्च 2026 को समाप्त पिछली तिमाही में यह आंकड़ा ₹19,642.87 करोड़ रहा था। तिमाही आधार पर भी बैंक के मुनाफे में अच्छी बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
नेट इंटरेस्ट इनकम में 15% की वृद्धि
SBI के वित्तीय प्रदर्शन में नेट इंटरेस्ट इनकम यानी NII की महत्वपूर्ण भूमिका रही। बैंक के मुताबिक, जून तिमाही में NII सालाना आधार पर करीब 15 प्रतिशत बढ़कर ₹46,992 करोड़ हो गई। स्टैंडअलोन आधार पर बैंक का नेट प्रॉफिट भी बढ़ा। अप्रैल-जून तिमाही में SBI का स्टैंडअलोन नेट प्रॉफिट ₹21,121.22 करोड़ रहा, जो एक साल पहले की समान अवधि में ₹19,160.44 करोड़ था। यानी इसमें सालाना आधार पर 10.23 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
हालांकि, घरेलू नेट इंटरेस्ट मार्जिन यानी NIM घटकर 3 प्रतिशत रह गया। इसके बावजूद पिछली तिमाही की तुलना में NIM में करीब 0.07 प्रतिशत का सुधार दर्ज किया गया।
SBI की एसेट क्वालिटी में सुधार

बैंक के तिमाही नतीजों में सबसे महत्वपूर्ण संकेतों में से एक एसेट क्वालिटी से जुड़ा रहा। SBI का ग्रॉस नॉन-परफॉर्मिंग एसेट यानी GNPA रेश्यो 30 जून 2026 को घटकर 1.47 प्रतिशत हो गया। मार्च 2026 के अंत में GNPA 1.49 प्रतिशत था, जबकि जून 2025 में यह 1.83 प्रतिशत दर्ज किया गया था। इससे पता चलता है कि बैंक ने फंसे हुए कर्ज को नियंत्रित करने और एसेट क्वालिटी बेहतर करने की दिशा में प्रगति की है।
एनपीए से जुड़े प्रावधान भी सालाना आधार पर घटे। जून तिमाही में बैंक ने इसके लिए ₹3,359 करोड़ का प्रावधान किया, जबकि पिछले वित्त वर्ष की समान तिमाही में यह राशि ₹4,934 करोड़ थी। हालांकि, मार्च तिमाही के ₹3,140 करोड़ के मुकाबले प्रावधान बढ़ा है।
14-15% लोन ग्रोथ का लक्ष्य
SBI के चेयरमैन सी.एस. शेट्टी के अनुसार बैंक की वित्त वर्ष 2026-27 में क्रेडिट ग्रोथ को 14-15 प्रतिशत तक ले जाने की योजना है। इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए जमा में करीब 10-11 प्रतिशत की वृद्धि पर्याप्त मानी जा रही है। बैंक विदेशी मुद्रा जमा के मोर्चे पर भी सक्रिय है। चेयरमैन के अनुसार, विशेष FCNR-B योजना के तहत SBI अब तक करीब 6 अरब अमेरिकी डॉलर जुटा चुका है। सितंबर 2026 में योजना की अवधि समाप्त होने तक बैंक को यह राशि बढ़ाकर लगभग 10 अरब डॉलर करने की उम्मीद है।
SBI शेयर में भी दिखी तेजी
तिमाही नतीजों के बाद बाजार में SBI के शेयरों पर भी नजर रही। शुक्रवार को BSE पर बैंक का शेयर 1.03 प्रतिशत की बढ़त के साथ ₹1,096.05 पर बंद हुआ। कारोबार के दौरान शेयर ₹1,124.40 के स्तर तक पहुंचा था। BSE के आंकड़ों के अनुसार, SBI के शेयर का 52-सप्ताह का उच्चतम स्तर ₹1,234.80 और निचला स्तर ₹790.10 रहा है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक बैंक का बाजार पूंजीकरण लगभग ₹10.12 लाख करोड़ के स्तर पर था।











