उदयपुर के डबोक थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-27 पर कार पलटने से प्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी की मौत हो गई। वे भजन संध्या से लौट रहे थे। हादसे में ड्राइवर घायल हुआ, जबकि बेटा और साथी पहले उतर गए थे।
उदयपुर: राजस्थान के उदयपुर जिले में गुरुवार तड़के एक दर्दनाक सड़क हादसे में मेवाड़ क्षेत्र के प्रसिद्ध भजन गायक धनराज जोशी की मौत हो गई। यह हादसा नेशनल हाईवे-27 पर डबोक थाना क्षेत्र के पास सुबह करीब 5 बजे हुआ, जब उनकी कार अनियंत्रित होकर पलट गई।
पुलिस के अनुसार, हादसे के समय वाहन में चालक समेत कुछ अन्य लोग मौजूद थे। अचानक बैलेंस बिगड़ने के कारण कार डिवाइडर से टकराकर पलट गई, जिससे यह गंभीर दुर्घटना हुई।
भजन संध्या से लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार, धनराज जोशी अपने साथियों के साथ हल्दीघाटी के समीप सैमन गांव में आयोजित भजन संध्या कार्यक्रम में शामिल होकर वापस लौट रहे थे। वे चित्तौड़गढ़ जिले के बड़वाई गांव के निवासी थे।
रास्ते में कुछ साथी और उनका बेटा किसी काम से उदयपुर में उतर गए थे, जिसके बाद गाड़ी में केवल चालक और धनराज जोशी ही आगे यात्रा कर रहे थे।
डबोक क्षेत्र में कार अनियंत्रित होकर पलटी
उदयपुर के दरोली गांव और एयरपोर्ट के बीच हाईवे पर अचानक कार का संतुलन बिगड़ गया। वाहन डिवाइडर पर चढ़कर कई बार पलट गया। हादसा इतना तेज था कि आसपास के लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।
डबोक थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने भजन गायक धनराज जोशी को मृत घोषित कर दिया, जबकि चालक का इलाज जारी है।
मेवाड़-मारवाड़ क्षेत्र के लोकप्रिय भजन गायक
धनराज जोशी मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र में अपनी भजन गायकी और हास्य शैली के लिए बेहद लोकप्रिय थे। उनकी प्रस्तुति में भक्ति और मनोरंजन का अनोखा मिश्रण देखने को मिलता था, जिससे वे लोगों के बीच खास पहचान बना चुके थे।

सोशल मीडिया पर भी थी बड़ी पहचान
धनराज जोशी सोशल मीडिया पर भी काफी सक्रिय थे। इंस्टाग्राम पर उनके लगभग 3.79 लाख फॉलोअर्स थे। उनकी लोकप्रियता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि उनके वीडियो और भजन ऑनलाइन तेजी से वायरल होते थे।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और संघर्ष की कहानी
धनराज जोशी का जन्म एक संगीत परिवार में हुआ था। वे आठवीं कक्षा तक शिक्षित थे। बताया जाता है कि उन्होंने स्कूल के दिनों में ही पहली बार स्टेज पर प्रस्तुति दी थी।
उनके परिवार में भी भजन और लोक संगीत की परंपरा रही है। उनकी मां और नाना-नानी भी भजन गायक थे। उनके परिवार में चार बहनें हैं, जो भी भजन गाती हैं। उनके दो बेटे और एक बेटी हैं।
क्षेत्र में शोक की लहर
धनराज जोशी के निधन की खबर से राजस्थान के मेवाड़ और मारवाड़ क्षेत्र में शोक की लहर फैल गई है। स्थानीय कलाकारों और प्रशंसकों ने इसे क्षेत्रीय लोक संस्कृति के लिए अपूरणीय क्षति बताया है।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और प्रारंभिक रूप से इसे सड़क दुर्घटना बताया गया है।











