बॉलीवुड अभिनेत्री सई मांजरेकर, जिन्होंने सलमान खान के साथ 'दबंग 3' से अपने फिल्मी करियर की शुरुआत की थी, हाल ही में फिनलैंड की नॉर्दन लाइट्स देखने गईं और वहां की अपनी यादगार ट्रिप के अनुभव मीडिया से साझा किए।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: एक समय ऐसा भी था जब सई मांजरेकर इन्वेस्टमेंट बैंकर बनने का सपना देखती थीं, लेकिन किस्मत उन्हें ग्लैमर और फिल्मों की दुनिया में ले आई। सई ने साल 2019 में सलमान खान के अपोजिट फिल्म ‘दबंग 3’ से अपने एक्टिंग करियर की शुरुआत की। इसके बाद वह अजय देवगन के साथ ‘औरों में कहां दम था’ में नजर आईं और तेलुगू सिनेमा में ‘घनी’, ‘मेजर’ और ‘स्कंदा’ जैसी हिट फिल्मों का भी हिस्सा रहीं। एक्टिंग में सफलता के बावजूद सई ने अपने ट्रैवलर बनने के सपने को कभी नहीं छोड़ा।
घूमने-फिरने की शौकीन सई हाल ही में नॉर्दर्न लाइट्स देखने फिनलैंड गई थीं और वहां की खूबसूरत जगहों से घूमकर लौटी हैं। मीडिया से खास बातचीत में उन्होंने अपनी घुमक्कड़ी, खान-पान की आदतों, पिता महेश मांजरेकर और सलमान खान को लेकर भी कई दिलचस्प बातें साझा की हैं।
सई मांजरेकर की फिल्मी यात्रा और ट्रैवलिंग का पैशन
सई मांजरेकर ने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखने से पहले इन्वेस्टमेंट बैंकर बनने का सपना देखा था। लेकिन किस्मत ने उन्हें फिल्मों की दुनिया में ला दिया। 2019 में उन्होंने सलमान खान के साथ 'दबंग 3' में अभिनय की शुरुआत की। इसके बाद वह अजय देवगन के साथ 'औरों में कहां दम था' जैसी फिल्मों में नजर आईं और तेलुगु फिल्मों जैसे 'घनी', 'मेजर' और 'स्कंदा' में भी अपनी अभिनय प्रतिभा दिखाई।
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फिल्मी करियर के बावजूद सई का ट्रैवलिंग का पैशन कभी कम नहीं हुआ। बचपन से ही घूमने-फिरने का शौक रखने वाली सई का कहना है कि पहली यादगार ट्रिप माथेरान और मनाली की थी, जिसने उन्हें तय करने में मदद की कि वह दुनिया की यात्रा करना चाहती हैं। सई कहती हैं, "कई बार आप अपने शहर और कामकाज में फंस जाते हैं, ऐसे में अपनी एकरसता तोड़ने के लिए घुमक्कड़ी जरूरी होती है। मुझे पापा (महेश मांजरेकर) के साथ स्पेन का टूर आज भी याद है, जहां हमने खूब मजे किए और स्पेनिश फूड का आनंद लिया।
फिनलैंड की नॉर्दन लाइट्स यात्रा
सई की हालिया ट्रिप लैपलैंड, फिनलैंड की थी, जहां उन्होंने नॉर्दन लाइट्स देखी। सई ने बताया कि यह उनका बचपन का सपना था और उन्होंने इसके लिए महीनों रिसर्च की थी। उन्होंने और उनकी स्कूल फ्रेंड्स ने दिवाली के बाद के दस दिन फ्री होने पर इस ट्रिप की योजना बनाई। सई कहती हैं, "हमारे पास नॉर्दन लाइट्स को ट्रैक करने के लिए एक ऐप था, जिसने सुबह पांच बजे इसे देखने की सूचना दी। हम ग्लास इग्लू में लेटे-लेटे कंबल के अंदर बैठकर आसमान में रंग-बिरंगी रोशनी देखते रहे। यह अनुभव अद्भुत और जादुई था।
ट्रिप की चुनौतियां और अनुभव
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सई ने अपनी यात्रा के दौरान हुई एक मजेदार घटना भी साझा की। उन्होंने बताया कि फिनलैंड के एक रेस्टोरेंट में उनका पर्स छूट गया, लेकिन एक लोकल व्यक्ति दौड़ते हुए उन्हें वापस कर गया। इसके अलावा, वीजा संबंधी छोटी-मोटी दिक्कतें भी आईं, लेकिन उन्होंने इसका हल निकाला। सई ने ट्रैवलिंग के दौरान स्थानीय भोजन का भी पूरा आनंद लिया। उन्होंने बताया कि स्वीडन के लोकल मार्केट में पैनकेक और बैरीज के साथ जैम का स्वाद उन्होंने खूब चखा।
सई मांजरेकर ने बताया कि यह ट्रिप उन्होंने खुद के पैसों से स्पॉन्सर की थी, जो उनके लिए और उनके माता-पिता के लिए गर्व का पल था। उन्होंने कहा, "माता-पिता ने बचपन से ही मुझे दुनिया दिखाया, और अब मैं अपने दम पर इस ड्रीम ट्रिप को पूरा कर पाई।









