आज, बुधवार को शेयर बाजार लगातार दूसरे दिन गिरावट के साथ बंद हुआ। सेंसेक्स 352 अंक और निफ्टी करीब 51 अंक टूटा। रिलायंस, इंफोसिस और टीसीएस में बिकवाली रही। वहीं, एलएंडटी और ट्रेंट के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार, 28 अक्टूबर 2026 को पूरे दिन उतार-चढ़ाव देखने को मिला। सुबह बड़ी गिरावट के साथ खुले सेंसेक्स और निफ्टी ने कारोबार के दौरान कुछ नुकसान कम किया, लेकिन बाजार बंद होने तक दोनों इंडेक्स लाल निशान में ही रहे। आईटी कंपनियों और रिलायंस इंडस्ट्रीज के शेयरों में बिकवाली ने बाजार पर दबाव बनाया। दूसरी ओर, एलएंडटी, ट्रेंट और चुनिंदा बैंकिंग शेयरों में खरीदारी से गिरावट कुछ हद तक सीमित रही।
सेंसेक्स 352 अंक टूटा, निफ्टी 22,700 के नीचे बंद
बुधवार को बीएसई सेंसेक्स 352.64 अंक यानी 0.48 प्रतिशत गिरकर 73,246.03 पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई निफ्टी 50 में 50.90 अंक या 0.22 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई और यह 22,698.85 पर बंद हुआ। इससे पहले मंगलवार को भी दोनों प्रमुख इंडेक्स मामूली गिरावट के साथ बंद हुए थे। लगातार दूसरे दिन कमजोरी रहने से बाजार में निवेशकों का रुख सतर्क बना हुआ है।
हालांकि, बुधवार की गिरावट मुख्य रूप से कुछ बड़ी कंपनियों तक सीमित रही। निफ्टी की 50 कंपनियों में से 26 के शेयर बढ़त के साथ बंद हुए, जबकि 24 कंपनियों में गिरावट रही। इसके मुकाबले सेंसेक्स की 30 कंपनियों में सिर्फ नौ शेयरों में तेजी दर्ज हुई। बाकी 21 कंपनियां नुकसान के साथ बंद हुईं।
रिलायंस और इंफोसिस ने बाजार पर बनाया दबाव
आज के कारोबार में रिलायंस इंडस्ट्रीज सेंसेक्स का सबसे ज्यादा गिरने वाला शेयर रहा। कंपनी का स्टॉक 3.46 प्रतिशत टूटकर बंद हुआ। आईटी कंपनियों में भी भारी बिकवाली देखने को मिली। इंफोसिस के शेयर 3.34 प्रतिशत और टेक महिंद्रा के शेयर 1.83 प्रतिशत गिर गए। वहीं, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) में 1.68 प्रतिशत की कमजोरी दर्ज हुई।
एचसीएल टेक के शेयर भी 1.13 प्रतिशत टूटे। आईटी सेक्टर में इस बिकवाली का असर निफ्टी आईटी इंडेक्स पर पड़ा, जो करीब दो प्रतिशत नीचे बंद हुआ।बाजार में कमजोरी के पीछे अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों और अमेरिकी फेडरल रिजर्व के ब्याज दरों से जुड़े फैसले को लेकर बनी अनिश्चितता को भी अहम माना जा रहा है।
![]()
एलएंडटी और ट्रेंट के शेयरों में अच्छी तेजी
बाजार में गिरावट के बावजूद कुछ बड़ी कंपनियों ने निवेशकों को राहत दी। लार्सन एंड टुब्रो (L&T) का शेयर 3.68 प्रतिशत की बढ़त के साथ सेंसेक्स का सबसे ज्यादा चढ़ने वाला स्टॉक रहा। कंपनी ने हाल ही में सितंबर तिमाही के बेहतर नतीजे जारी किए हैं। एलएंडटी का मुनाफा करीब 33 प्रतिशत बढ़कर 5,202 करोड़ रुपये पहुंच गया है। इन नतीजों के बाद शेयर में निवेशकों की दिलचस्पी बढ़ी।
ट्रेंट के शेयर में भी 2.79 प्रतिशत की तेजी दर्ज हुई। इसके अलावा भारतीय स्टेट बैंक 1.23 प्रतिशत और एक्सिस बैंक 1.14 प्रतिशत की बढ़त के साथ बंद हुए।इंडिगो की मूल कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर 1.13 प्रतिशत चढ़े। एचडीएफसी बैंक में 0.87 प्रतिशत और मारुति सुजुकी में 0.83 प्रतिशत की बढ़त रही। बजाज फाइनेंस और महिंद्रा एंड महिंद्रा के शेयर भी मामूली तेजी के साथ बंद हुए।
बैंकिंग से लेकर मेटल तक इन कंपनियों में गिरावट
बुधवार को कई दूसरी बड़ी कंपनियों के शेयर भी दबाव में रहे। भारती एयरटेल में 1.42 प्रतिशत और टाटा स्टील में 1.37 प्रतिशत की गिरावट दर्ज हुई। बजाज फिनसर्व 1.25 प्रतिशत, एटरनल 1.21 प्रतिशत और भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL) 1.20 प्रतिशत नीचे बंद हुए। बैंकिंग सेक्टर में आईसीआईसीआई बैंक का शेयर 1.02 प्रतिशत और कोटक महिंद्रा बैंक 0.64 प्रतिशत गिरा। हालांकि, एसबीआई, एक्सिस और एचडीएफसी बैंक में तेजी ने बैंकिंग शेयरों को कुछ सहारा दिया।
टाइटन, हिंदुस्तान यूनिलीवर, आईटीसी, अल्ट्राटेक सीमेंट और एनटीपीसी के शेयर भी लाल निशान में रहे। अडानी पोर्ट्स, एशियन पेंट्स, पावर ग्रिड और सन फार्मा में मामूली गिरावट दर्ज हुई।
बाजार में गिरावट के पीछे क्या रही वजह?
शेयर बाजार पर बुधवार को कच्चे तेल की ऊंची कीमतों का भी असर दिखाई दिया। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड का भाव 115 डॉलर प्रति बैरल के आसपास बना रहा। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा विदेशों से खरीदता है। इसलिए कच्चा तेल महंगा होने पर आयात खर्च और महंगाई बढ़ने की चिंता रहती है।
इसके अलावा अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आगामी फैसले को लेकर भी निवेशक सतर्क रहे। ब्याज दरों से जुड़े संकेत विदेशी निवेशकों के रुख को प्रभावित कर सकते हैं। दूसरी ओर, जियो प्लेटफॉर्म्स की शेयर बाजार में लिस्टिंग भी आज चर्चा में रही। कंपनी के शेयर करीब 21.4 प्रतिशत प्रीमियम पर लिस्ट हुए, लेकिन इससे प्रमुख सूचकांकों की गिरावट नहीं रुक सकी।








