इंडिगो का संचालन संकट गुरुवार को तीसरे दिन भी जारी रहा और देशभर में 150 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। DGCA के नए नियम, क्रू की कमी और नेटवर्क शेड्यूलिंग गड़बड़ी के कारण प्रमुख एयरपोर्ट्स पर यात्रियों को भारी अव्यवस्था का सामना करना पड़ा।
Indigo flight cancel: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो इन दिनों गंभीर संचालन संकट का सामना कर रही है। पिछले दो दिनों से लगातार बड़े पैमाने पर उड़ानें रद्द होने के बाद गुरुवार को भी हालात सामान्य नहीं हो सके। 150 से ज्यादा उड़ानों की कैंसिलेशन ने भारत के कई बड़े एयरपोर्ट्स पर यात्रियों के लिए भारी अव्यवस्था पैदा कर दी। नए DGCA नियम, क्रू की कमी और शेड्यूलिंग गड़बड़ी ने स्थिति और जटिल बना दी है। एयरलाइन ने अगले 48 घंटों के लिए संचालन को स्थिर करने के लिए कैलिब्रेटेड शेड्यूल एडजस्टमेंट लागू किया है ताकि उड़ानों की व्यवस्था धीरे-धीरे पटरी पर लौट सके।
प्रमुख एयरपोर्ट्स पर सबसे ज्यादा असर
इंडिगो की उड़ानों में आए इस बड़े व्यवधान का सबसे गहरा असर देश के व्यस्ततम एयरपोर्ट्स पर दिखाई दिया। बेंगलुरु एयरपोर्ट ने पुष्टि की कि 4 दिसंबर को अकेले इंडिगो की 73 उड़ानें रद्द करनी पड़ीं। दिल्ली एयरपोर्ट पर 50 से ज्यादा और मुंबई में करीब 85 उड़ानें कैंसिल हुईं। हैदराबाद एयरपोर्ट से आने–जाने वाली 64 उड़ानें भी प्रभावित हुईं। इन आंकड़ों से समझा जा सकता है कि समस्या सीमित रूट या क्षेत्र में नहीं, बल्कि पूरे नेटवर्क में फैल चुकी है।
इस स्थिति का सीधा असर यात्रियों पर पड़ा, जिन्हें बुकिंग काउंटर, बोर्डिंग गेट और हेल्पडेस्क पर घंटों इंतजार करना पड़ा। कई यात्रियों को वैकल्पिक उड़ानों की उपलब्धता भी नहीं मिल पाई क्योंकि अचानक आए इस व्यवधान ने अन्य एयरलाइंस पर भी दबाव बढ़ा दिया।
इंडिगो नेटवर्क में गड़बड़ी की वजह
हालांकि आधिकारिक तौर पर इंडिगो ने तकनीकी समस्याओं, खराब मौसम और एयरपोर्ट कंजेशन को कारण बताया है, लेकिन सूत्रों की मानें तो असली चुनौती DGCA के नए पायलट रेस्ट और ड्यूटी नियमों से जुड़ी है।
पायलटों की रात के समय उड़ानों पर सीमाएं बढ़ा दी गई हैं और वीकली रेस्ट भी लंबा कर दिया गया है। इसके कारण एयरलाइन के शेड्यूलिंग सिस्टम में बड़ी समायोजन की जरूरत पड़ रही है। ऐसा माना जा रहा है कि क्रू की पहले से मौजूद कमी और नए नियम दोनों ने मिलकर इस व्यवधान को और गंभीर बना दिया।
स्टॉक मार्केट पर दिखा प्रभाव
इंडिगो की पैरेंट कंपनी इंटरग्लोब एविएशन के शेयर भी इस संकट से अछूते नहीं रहे। गुरुवार सुबह ट्रेडिंग के दौरान कंपनी के शेयर 3.4% गिरकर 5,405 रुपये तक पहुंच गए। निवेशकों का मानना है कि यदि यह व्यवधान लंबे समय तक जारी रहता है तो कंपनी की वित्तीय स्थिति पर असर पड़ सकता है।
एविएशन सेक्टर विशेष रूप से समय की पाबंदी और भरोसे पर चलता है। किसी भी एयरलाइन की बड़ी संख्या में उड़ानें रद्द होना उसके ब्रांड ट्रस्ट पर भी असर डालता है। इसी कारण इंडिगो स्थिति को जल्द स्थिर करने पर जोर दे रही है।
DGCA के नए नियमों का असर
नवंबर 2025 से लागू नए नियम पायलटों की सुरक्षा और थकान प्रबंधन पर आधारित हैं। हालांकि इनका उद्देश्य सुरक्षा बढ़ाना है, लेकिन शेड्यूलिंग और क्रू प्रबंधन पर ब्रिट प्रभाव पड़ा है। नए नियमों के प्रमुख बिंदु इस प्रकार हैं।
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• पहले पायलट को हर सप्ताह 36 घंटे का लगातार आराम मिलता था, जिसे अब बढ़ाकर 48 घंटे कर दिया गया है।
• एयरलाइन कंपनियों को हर तीन महीने में DGCA को रिपोर्ट देनी होती है कि पायलटों ने थकान की शिकायत की या नहीं।
• एयरलाइन को यह भी बताना होगा कि उन्होंने थकान को कम करने के लिए क्या कदम उठाए।
• पहले नाइट ड्यूटी की सीमा आधी रात तक मानी जाती थी, अब इसे बढ़ाकर रात 12 बजे से सुबह 6 बजे तक कर दिया गया है।
• नाइट ड्यूटी में अधिकतम उड़ान समय 8 घंटे, ड्यूटी अवधि 10 घंटे और लगातार केवल दो नाइट ड्यूटी ही संभव है।
• रात में अधिकतम दो लैंडिंग की अनुमति है।
इन्हीं नियमों के कारण एयरलाइन को पायलटों के लिए नए शेड्यूल और रोटेशन तैयार करने में समय लग रहा है, जिससे कई उड़ानों का संचालन प्रभावित हो गया।
यात्रियों की परेशानियां बढ़ीं
इंडिगो की उड़ानें रद्द होने से यात्रियों को कई प्रकार की कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। कई शहरों में यात्रियों ने सोशल मीडिया पर लंबे इंतजार, कमजोर सहायता व्यवस्था और अचानक कैंसिलेशन की शिकायतें भी साझा कीं। कई यात्रियों के अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिंग फ्लाइट्स प्रभावित हुए, जिससे उनकी आगे की यात्रा योजनाएं भी गड़बड़ा गईं।
एयरलाइन ने हालांकि रिफंड, रिबुकिंग और यात्रा सहायता के लिए हेल्पलाइन और ऑनलाइन सपोर्ट सक्रिय रखा है, लेकिन उड़ानों की बड़ी संख्या में कैंसिलेशन के कारण प्रतिक्रिया में देरी देखी गई।
आज रद्द हुई प्रमुख उड़ानों की सूची
गुरुवार को रद्द हुई उड़ानों की एक विस्तृत सूची जारी की गई है। नीचे कुछ प्रमुख रूट्स और फ्लाइट नंबर दिए गए हैं।
- हैदराबाद–पुणे: 6E 351
- हैदराबाद–दिल्ली: 6E 6010
- हैदराबाद–गुवाहाटी: 6E 972
- हैदराबाद–विशाखापत्तनम: 6E 618
- हैदराबाद–अहमदाबाद: 6E 6927
- हैदराबाद–कोलकाता: 6E 6494
- हैदराबाद–जोधपुर: 6E 6471
- हैदराबाद–लखनऊ: 6E 608
- हैदराबाद–अमृतसर: 6E 495
- हैदराबाद–बेंगलुरु: 6E 413
- हैदराबाद–कोच्चि: 6E 752
- हैदराबाद–बेंगलुरु: 6E 6361
- हैदराबाद–वडोदरा: 6E 2178
- हैदराबाद–बेंगलुरु: 6E 180
- हैदराबाद–दिल्ली: 6E 849
- हैदराबाद–अहमदाबाद: 6E 6727
- हैदराबाद–कोलकाता: 6E 944
- हैदराबाद–पटना: 6E 6334
- दिल्ली–अहमदाबाद: 6E 2308
- दिल्ली–पुणे: 6E 2471
- दिल्ली–नागपुर: 6E 6820
- दिल्ली–वाराणसी: 6E 6741
- दिल्ली–कोच्चि: 6E 5273
- दिल्ली–पटना: 6E 6643
- दिल्ली–चेन्नई: 6E 2386
- दिल्ली–कोलकाता: 6E 5014
- दिल्ली–बेंगलुरु: 6E 6833
संचालन कब होगा सामान्य
इंडिगो ने कहा है कि अगले 48 घंटों में शेड्यूलिंग एडजस्टमेंट के बाद संचालन धीरे-धीरे सामान्य होने लगेगा। लेकिन एयरलाइन विशेषज्ञों का मानना है कि क्रू की कमी और नए नियामक बदलावों के कारण स्थिति को पूरी तरह सामान्य होने में कुछ और दिन लग सकते हैं।









