मानसा चलो से पहले पंजाब पुलिस की कार्रवाई, अकाली दल वारिस पंजाब के कई नेता घरों में नजरबंद

पंजाब में मानसा चलो के आह्वान के बाद पुलिस ने अकाली दल वारिस पंजाब के कई नेताओं को घरों में रोका। जानें शमशेर सिंह पधरी और अन्य नेताओं पर हुई कार्रवाई।

पंजाब में 'मानसा चलो' के आह्वान के बाद पुलिस ने अकाली दल वारिस पंजाब के कई नेताओं को घरों में रोक दिया है। परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर चल रहे आंदोलन के बीच पार्टी ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं।

अमृतसर: पंजाब के मानसा में मंगलवार को प्रदर्शनकारियों और पुलिस के बीच टकराव के बाद प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी है। अकाली दल वारिस पंजाब की ओर से दिए गए 'मानसा चलो' के आह्वान के बीच बुधवार, 28 अक्टूबर की सुबह कई नेताओं को उनके घरों से निकलने से रोक दिया गया। इनमें पार्टी के स्थानीय पदाधिकारी और प्रदेश मीडिया प्रभारी शमशेर सिंह पधरी भी शामिल हैं। पार्टी नेताओं ने इसे विरोध प्रदर्शन में शामिल होने से रोकने की कार्रवाई बताया है।

मानसा में तनाव के बाद कई जिलों में पुलिस सक्रिय

मानसा में परविंदर सिंह झोटा की हत्या के खिलाफ चल रहा आंदोलन एक बार फिर चर्चा में है। मंगलवार को प्रदर्शन के दौरान पुलिस और आंदोलनकारियों के बीच विवाद हुआ था। इसके बाद अकाली दल वारिस पंजाब ने अपने समर्थकों से मानसा पहुंचने की अपील की।

मानसा चलो से पहले पंजाब पुलिस की कार्रवाई, अकाली दल वारिस पंजाब के कई नेता घरों में नजरबंद

इस आह्वान को देखते हुए अमृतसर और फतेहगढ़ साहिब सहित अलग-अलग क्षेत्रों में पुलिस ने एहतियाती कदम उठाए। मंगलवार देर रात से बुधवार सुबह तक पार्टी के कई पदाधिकारियों के घरों के बाहर पुलिस तैनात किए जाने की जानकारी सामने आई।

प्रशासन की ओर से कानून-व्यवस्था बनाए रखने को कार्रवाई का उद्देश्य बताया गया है। हालांकि, सभी नेताओं को किन कानूनी प्रावधानों के तहत रोका गया, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है।

नवदीप तान और हरप्रीत भंगू समेत कई नेता घरों में रोके गए

रिपोर्ट के मुताबिक, अकाली दल वारिस पंजाब के जिला उपाध्यक्ष नवदीप तान, कोर कमेटी के पूर्व सदस्य हरप्रीत सिंह भंगू और वरिष्ठ नेता लखबीर सिंह सौंटी को उनके घरों में नजरबंद किए जाने की जानकारी सामने आई है।

इन नेताओं के घरों के बाहर पुलिसकर्मी तैनात किए गए, ताकि वे मानसा जाने के लिए रवाना न हो सकें।

पार्टी के जिला प्रधान लखबीर सिंह कोटला ने भी पुलिस कार्रवाई की पुष्टि करते हुए बताया कि मंगलवार देर शाम पुलिस उनके घर पहुंची थी। हालांकि, उस समय वह घर पर मौजूद नहीं थे।

कोटला ने आरोप लगाया कि सरकार और प्रशासन शांतिपूर्ण प्रदर्शन में शामिल होने से लोगों को रोक रहे हैं। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर रोक लगाने की कोशिश बताया।

अमृतसर में सुबह साढ़े पांच बजे शमशेर सिंह पधरी को रोका

अमृतसर में अकाली दल वारिस पंजाब के प्रदेश मीडिया प्रभारी शमशेर सिंह पधरी को भी बुधवार सुबह उनके आवास पर रोक दिया गया।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, पुलिस सुबह करीब साढ़े पांच बजे उनके घर पहुंची। पधरी मानसा में चल रहे आंदोलन में शामिल होने की तैयारी कर रहे थे।

उन्होंने पुलिस की कार्रवाई का विरोध करते हुए राज्य सरकार पर लोगों की आवाज दबाने का आरोप लगाया।

पधरी पहले भी परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड में न्याय की मांग को लेकर आयोजित प्रदर्शनों में शामिल रहे हैं। पार्टी ने इस मामले में झोटा के परिवार का समर्थन किया है। 

परविंदर सिंह झोटा हत्याकांड को लेकर जारी है आंदोलन

मानसा में नशे के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की 13 अक्टूबर को गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस घटना के बाद जिले में विरोध प्रदर्शन शुरू हुए।

झोटा के परिवार और आंदोलन से जुड़े संगठनों ने मामले की निष्पक्ष जांच तथा आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई है।

परिवार की ओर से न्याय मिलने तक अंतिम संस्कार नहीं करने का फैसला भी लिया गया था। आंदोलनकारियों ने पुलिस और सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं।

पुलिस ने हत्या के मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी की जानकारी दी थी। वहीं, आंदोलन से जुड़े संगठनों ने जांच और जवाबदेही को लेकर अपनी मांगें जारी रखी हैं। 

लखा सिधाना की गिरफ्तारी के बाद बढ़ा विवाद

मंगलवार, 27 अक्टूबर को मानसा में एक युवक की मौत के बाद उसके शव को प्रदर्शन स्थल तक ले जाने को लेकर भी तनाव पैदा हुआ।

पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए रास्ते पर बैरिकेडिंग की थी। इसी दौरान दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और टकराव हुआ।

रिपोर्टों के अनुसार, पुलिस ने लखा सिधाना, भाना सिद्धू और कुछ अन्य प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। इस कार्रवाई के बाद अकाली दल वारिस पंजाब के समर्थकों ने विरोध तेज कर दिया। 

पुलिस कार्रवाई पर पार्टी ने उठाए सवाल

अकाली दल वारिस पंजाब के नेताओं का कहना है कि वे परविंदर सिंह झोटा के परिवार को न्याय दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन में शामिल होना चाहते हैं।

पार्टी ने आरोप लगाया कि लोगों को मानसा पहुंचने से रोककर सरकार विरोध की आवाज को सीमित कर रही है। दूसरी ओर, पुलिस की प्राथमिकता जिले में शांति और कानून-व्यवस्था बनाए रखने की बताई जा रही है।

फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि घरों में रोके गए नेताओं पर लगी पाबंदियां कब हटाई जाएंगी। इस संबंध में कोई विस्तृत आधिकारिक आदेश सामने नहीं आया है।

मानसा में चल रहे आंदोलन और पुलिस की अगली कार्रवाई से जुड़ी जानकारी के लिए पंजाब पुलिस की आधिकारिक वेबसाइट पर अपडेट देखे जा सकते हैं।

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