अखिलेश यादव को लेडी इन्फ्लुएंसर ने बताया उत्तराखंड का जमाई: बोलीं ससुराल वालों से माफी मांग लो हमारी बेटी से कुछ गड़बड़ हो गई क्या

लखनऊ तिहरे हत्याकांड का आरोपी ऋषभ शुक्ला पूर्व मर्चेंट नेवी अधिकारी रहा है। पार्किंग विवाद में तीन लोगों की हत्या के बाद पुलिस जांच में जुटी है।
अखिलेश यादव को लेडी इन्फ्लुएंसर ने बताया उत्तराखंड का जमाई: बोलीं ससुराल वालों से माफी मांग लो हमारी बेटी से कुछ गड़बड़ हो गई क्या
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लखनऊ के सआदतगंज इलाके में तीन लोगों की हत्या के मामले में मुख्य आरोपी ऋषभ शुक्ला को लेकर कई तरह की जानकारियां सामने आ रही हैं। नौबस्ता के ब्राह्मणी टोला में 26 अक्टूबर को कार पार्किंग और बरगद के पेड़ के पास चबूतरा बनाने को लेकर शुरू हुआ विवाद खूनी संघर्ष में बदल गया था। इस घटना में एक ही परिवार के शिवाजी तिवारी, उनके भाई शिवेंद्र तिवारी उर्फ शंभू और शिवाजी के बेटे सुयश तिवारी की गोली लगने से मौत हो गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी ऋषभ को घटनास्थल से गिरफ्तार किया था। मामले में उसके परिवार के अन्य सदस्यों को भी गिरफ्तार किया गया है और पुलिस सभी आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है।

ऋषभ शुक्ला के बारे में सामने आई जानकारी के मुताबिक वह पहले मर्चेंट नेवी में नेविगेशन अधिकारी के रूप में काम कर चुका है। फिलहाल वह नौकरी में नहीं था। सोशल मीडिया और समाचार रिपोर्टों में उसके शौक, रहन-सहन और निजी जिंदगी को लेकर भी चर्चा हो रही है। उसे लेकर गोल्ड मेडलिस्ट शूटर होने और सांप तथा कुत्तों से लगाव जैसी बातें भी सुर्खियों में हैं। हालांकि, इन सभी दावों की आधिकारिक पुष्टि उपलब्ध पुलिस जानकारी से नहीं होती है। इसलिए उसके व्यक्तित्व और शौक से जुड़ी जानकारियों को जांच में प्रमाणित तथ्यों से अलग करके देखना जरूरी है।

पुलिस और स्थानीय लोगों के मुताबिक दोनों परिवारों के बीच पार्किंग और खाली जमीन के इस्तेमाल को लेकर पहले से विवाद चल रहा था। बरगद के पेड़ के पास चबूतरा बनाने को लेकर भी दोनों पक्षों के बीच तनाव था। घटना वाले दिन गाड़ी हटाने को लेकर कहासुनी हुई और विवाद बढ़ने पर मारपीट की स्थिति बन गई। आरोप है कि इसी दौरान ऋषभ ने पिस्टल से गोलीबारी कर दी। शिवाजी तिवारी और उनके भाई शिवेंद्र की मौके पर मौत हो गई, जबकि सुयश को अस्पताल ले जाया गया, जहां उसने दम तोड़ दिया। सुयश की शादी पांच दिसंबर को होने वाली थी और परिवार में इसकी तैयारियां चल रही थीं।

घटना के बाद पुलिस ने कथित वारदात में इस्तेमाल की गई देसी पिस्टल, कारतूस, खाली खोखे और मैगजीन बरामद करने की जानकारी दी है। हथियार को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है, ताकि गोलीबारी से जुड़े साक्ष्यों का मिलान किया जा सके। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि विवाद किस तरह बढ़ा और घटना में शामिल प्रत्येक व्यक्ति की क्या भूमिका थी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है।

हत्याकांड के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। स्थानीय लोगों ने आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। वहीं लखनऊ विकास प्राधिकरण ने आरोपी के मकान में कथित अवैध निर्माण के खिलाफ कार्रवाई करते हुए परिसर को सील किया और कुछ हिस्से को गिराया। अधिकारियों के अनुसार भवन का स्वीकृत नक्शा नहीं मिलने के बाद यह कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि हत्याकांड की जांच साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर आगे बढ़ाई जा रही है।

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