पुलिस पर हमले का आरोपी दो साल बाद गिरफ्तार, ट्रक ड्राइवर बनकर छिपा था 10 हजार का इनामी विकास बिश्नोई

जोधपुर में ग्रामीण पुलिस ने चित्तौड़गढ़ में पुलिस टीम पर हमले और फायरिंग के मामले में फरार विकास बिश्नोई को पकड़ा। आरोपी पर 10 हजार रुपये का इनाम था।

जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने चित्तौड़गढ़ में पुलिस टीम पर हमले और फायरिंग के मामले में दो साल से फरार विकास बिश्नोई को पकड़ा है। आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए ट्रक चालक बनकर रह रहा था। उस पर 10 हजार रुपये का इनाम था।

जोधपुर: राजस्थान में पंचायती राज चुनावों को देखते हुए वांछित और इनामी आरोपियों की धरपकड़ तेज कर दी गई है। इसी अभियान के तहत जोधपुर ग्रामीण पुलिस की जिला स्पेशल टीम (DST) ने मंगलवार को खोखरिया गांव से विकास बिश्नोई को पकड़ा। वह चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी थाना क्षेत्र में पुलिस पर हमले और फायरिंग से जुड़े मामले में वांछित था। पुलिस को करीब दो साल से उसकी तलाश थी। मुखबिर से मिली जानकारी के आधार पर टीम ने गांव में घेराबंदी कर कार्रवाई की।

पुलिस से बचने के लिए ट्रक चलाने लगा था आरोपी

पुलिस के अनुसार, विकास बिश्नोई गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार अपनी पहचान और ठिकाने बदल रहा था। इसी दौरान उसने ट्रक चालक का काम शुरू कर दिया।

आरोपी को उम्मीद थी कि ट्रक चलाने के कारण अलग-अलग जगहों पर आना-जाना सामान्य लगेगा और पुलिस को उसकी गतिविधियों का पता नहीं चलेगा।

वह लंबे समय से इसी तरह फरारी काट रहा था। हालांकि, पुलिस की स्पेशल टीम उसकी तलाश में जुटी हुई थी। उसके गांव और संभावित ठिकानों से जुड़ी जानकारी भी जुटाई जा रही थी।

पंचायत चुनाव के दौरान गांव आने की मिली सूचना

मंगलवार को जिला स्पेशल टीम को मुखबिर से सूचना मिली कि विकास बिश्नोई अपने गांव खोखरिया आया हुआ है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी पंचायती राज चुनावों के दौरान गांव पहुंचा था। यह जानकारी मिलते ही टीम को तुरंत कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

डीएसटी ने पहले आरोपी के मौजूद होने की सूचना की पुष्टि की। इसके बाद पुलिसकर्मियों की टीम खोखरिया गांव की सरहद की ओर रवाना हुई।

पुलिस ने उस स्थान के आसपास घेराबंदी की, जहां आरोपी के मिलने की संभावना थी। कार्रवाई के दौरान उसे पकड़ लिया गया।

एएसआई श्रवण कुमार के नेतृत्व में हुई कार्रवाई

जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पंकज यादव के निर्देशन में जिले में वांछित आरोपियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक रामेश्वर कड़ेला की निगरानी में जिला स्पेशल टीम के प्रभारी शंकर कड़वा को फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए जरूरी निर्देश दिए गए थे।

विकास बिश्नोई के गांव पहुंचने की जानकारी मिलने पर एएसआई श्रवण कुमार भंवरिया के नेतृत्व में टीम बनाई गई।

टीम ने खोखरिया की सरहद पर पहुंचकर घेराबंदी की और आरोपी को दस्तयाब कर लिया। पुलिस के मुताबिक, कार्रवाई के दौरान मिली जानकारी के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि की गई।

आरोपी के खिलाफ चित्तौड़गढ़ में दर्ज है मामला

पकड़े गए आरोपी की पहचान विकास उर्फ विक्रम उर्फ मुरली उर्फ विक्रम चंद बिश्नोई के रूप में हुई है। उसकी उम्र करीब 30 वर्ष है।

वह मंगलाराम बिश्नोई का पुत्र है और जोधपुर जिले के कापरड़ा थाना क्षेत्र में स्थित खोखरिया गांव का निवासी है।

पुलिस के अनुसार, विकास चित्तौड़गढ़ जिले के बस्सी थाने में दर्ज पुलिस टीम पर जानलेवा हमला और फायरिंग के मामले में वांछित था।

घटना के बाद से वह गिरफ्तारी से बच रहा था। उसकी तलाश के बावजूद लंबे समय तक उसका कोई निश्चित ठिकाना नहीं मिल पाया था।

इसी मामले में आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था।

आगे की जांच करेगी बस्सी थाना पुलिस

जोधपुर ग्रामीण की जिला स्पेशल टीम आरोपी को पकड़ने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।

पुलिस के अनुसार, उसे चित्तौड़गढ़ जिले की बस्सी थाना पुलिस के सुपुर्द किया जाएगा। इसके बाद संबंधित थाने की टीम पुराने मामले की जांच आगे बढ़ाएगी।

जांच में पुलिस यह पता लगा सकती है कि फरारी के दौरान आरोपी किन स्थानों पर रहा और उसे किसी व्यक्ति से मदद मिली थी या नहीं।

फिलहाल इन पहलुओं पर जांच पूरी होने की जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस पर हमले के मामले में आरोपी की भूमिका का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के आधार पर ही होगा।

पंचायत चुनाव से पहले पुलिस का विशेष अभियान

पंचायती राज चुनावों को शांतिपूर्ण और भयमुक्त माहौल में संपन्न कराने के लिए राजस्थान पुलिस वांछित आरोपियों के खिलाफ अभियान चला रही है।

इसके तहत इनामी आरोपियों, अवैध हथियार रखने वालों और चुनाव के दौरान कानून-व्यवस्था प्रभावित करने की आशंका वाले लोगों पर निगरानी बढ़ाई गई है।

जोधपुर ग्रामीण पुलिस ने भी सभी थाना क्षेत्रों में वांछित आरोपियों की तलाश तेज करने के निर्देश दिए हैं। विकास बिश्नोई की गिरफ्तारी इसी अभियान के तहत हुई है।

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