चक्रवात अर्नब के कारण आंध्र प्रदेश के काकीनाडा स्थित उप्पाडा तट पर सड़क क्षतिग्रस्त हो गई। प्रशासन ने मरम्मत कार्य शुरू कराया है। सरकार ने फसलों के नुकसान का आकलन करने और प्रभावित किसानों को जल्द सहायता देने के निर्देश दिए हैं।'
अमरावती: बंगाल की खाड़ी से उठे चक्रवात अर्नब के आंध्र प्रदेश तट पार करने के बाद राज्य सरकार ने प्रभावित इलाकों में राहत और मरम्मत कार्य तेज कर दिए हैं। मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू के निर्देश पर प्रशासन मंगलवार रात से ही सतर्क है। बुधवार तड़के करीब 1:30 बजे से संवेदनशील इलाकों में रहने वाले लोगों के मोबाइल पर आपातकालीन चेतावनी भेजी गई। अधिकारियों को लगातार हालात पर नजर रखने और नुकसान की जानकारी जुटाने के निर्देश दिए गए हैं।
उप्पाडा तट पर समुद्र की लहरों से सड़क टूटी
काकीनाडा जिले के उप्पाडा तटीय क्षेत्र में चक्रवात का खासा असर देखने को मिला। तेज हवाओं के साथ उठीं ऊंची समुद्री लहरों ने तट के पास बनी सड़क को नुकसान पहुंचाया। काकीनाडा के पुलिस अधीक्षक जी. बिंदु माधव के अनुसार, समुद्र किनारे की उप्पाडा सड़क का हिस्सा लहरों और कटाव के कारण बह गया।
सड़क क्षतिग्रस्त होने से स्थानीय यातायात प्रभावित हुआ है। प्रशासन ने नुकसान वाले हिस्सों में मरम्मत शुरू करा दी है। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि आवाजाही बहाल करने से पहले सड़क की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए।
रात 1:30 बजे से भेजे गए मोबाइल अलर्ट
चक्रवात के खतरे को देखते हुए आंध्र प्रदेश सरकार ने लोगों को पहले से सतर्क करने के लिए मोबाइल चेतावनी प्रणाली का इस्तेमाल किया। मुख्यमंत्री कार्यालय के मुताबिक, मंगलवार रात से प्रशासनिक टीमें लगातार काम कर रही थीं। बुधवार तड़के करीब डेढ़ बजे से संवेदनशील क्षेत्रों में मोबाइल संदेश भेजे गए। इन संदेशों के जरिए लोगों को खराब मौसम और जरूरी सावधानियों की जानकारी दी गई।
जिला प्रशासन को भी स्थानीय स्तर पर मौसम की स्थिति के अनुसार कार्रवाई करने के निर्देश मिले। विशेष रूप से समुद्र किनारे और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों की सुरक्षा पर ध्यान दिया गया।
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कई इलाकों में पेड़ और बिजली के खंभे गिरे
काकीनाडा सहित आंध्र प्रदेश के कई तटीय जिलों में तेज हवाओं से पेड़ उखड़ने और बिजली के खंभे गिरने की घटनाएं सामने आई हैं। काकीनाडा पुलिस के मुताबिक, जिले में सैकड़ों पेड़ और 100 से कम बिजली के खंभे प्रभावित हुए। कई स्थानों पर सड़कें बंद हो गईं और बिजली आपूर्ति बाधित हुई। प्रशासन ने सड़क पर गिरे पेड़ों को हटाने और बिजली व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए कर्मचारियों को तैनात किया है।
मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से कहा कि मुख्य सड़कों पर यातायात जल्द बहाल किया जाए। तेज हवाएं कम होने के बाद क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की मरम्मत करने के निर्देश भी दिए गए हैं।
फसलों के नुकसान की जांच करेंगे अधिकारी
चक्रवात के कारण कृषि और बागवानी फसलों को हुए नुकसान का पता लगाने के लिए संबंधित विभागों को सक्रिय किया गया है। राज्य सरकार ने कृषि और बागवानी अधिकारियों से प्रभावित खेतों का निरीक्षण कर शुरुआती रिपोर्ट तैयार करने को कहा है।
अधिकारियों को किसानों को जरूरी तकनीकी सलाह देने और जहां संभव हो, फसलों को बचाने के उपाय बताने के निर्देश मिले हैं। सरकार ने पात्र किसानों तक समय पर सहायता पहुंचाने पर भी जोर दिया है। हालांकि, कुल फसल नुकसान और आर्थिक सहायता की राशि का अंतिम आकलन अभी सामने नहीं आया है।
मुख्यमंत्री ने राहत शिविरों की व्यवस्था जांचने को कहा
मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने बुधवार को जिलाधिकारियों और विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने राहत शिविरों में पर्याप्त भोजन, साफ पानी और चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
राज्य सरकार ने राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और राज्य आपदा प्रतिक्रिया बल की टीमों को जरूरत के अनुसार काम करने के लिए तैयार रखा है। अधिकारियों को जलभराव, सड़क संपर्क टूटने और बिजली आपूर्ति बाधित होने जैसी समस्याओं पर प्राथमिकता से कार्रवाई करने को कहा गया है।
सुबह तक जनहानि की सूचना नहीं
बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय और जिला अधिकारियों की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, चक्रवात अर्नब के कारण राज्य में किसी की मौत की सूचना नहीं मिली थी। मुख्यमंत्री ने कहा कि समय रहते किए गए बचाव उपायों से जनहानि रोकने में मदद मिली है।
हालांकि, तूफान से पेड़ों, बिजली के खंभों, सड़कों और फसलों को नुकसान पहुंचा है। कुछ क्षेत्रों में प्रशासन ने लोगों को एहतियात के तौर पर राहत शिविरों में पहुंचाया था। सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति सामान्य होने तक निगरानी जारी रखी जाए।
आंध्र प्रदेश तट पार करने के बाद कमजोर पड़ा तूफान
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग के मुताबिक, चक्रवात अर्नब ने बुधवार सुबह आंध्र प्रदेश और यानम के तट को पार किया। इस दौरान हवाओं की रफ्तार लगभग 125 से 135 किलोमीटर प्रति घंटा रही और कुछ झोंके 150 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंचे।
जमीन पर आने के बाद तूफान की तीव्रता कम होने लगी। इसके बावजूद प्रभावित जिलों में बारिश और तेज हवाओं का खतरा पूरी तरह समाप्त नहीं हुआ था। प्रशासन ने लोगों से क्षतिग्रस्त सड़कों, गिरे बिजली के तारों और समुद्र किनारे के खतरनाक स्थानों से दूर रहने की अपील की है।









