तमिलनाडु के मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों के सी और डी श्रेणी कर्मचारियों के लिए बोनस और अतिरिक्त भुगतान की घोषणा की है। पात्र कर्मचारियों को 8.33 प्रतिशत बोनस और 11.67 प्रतिशत अनुग्रह राशि मिलेगी।
चेन्नई: तमिलनाडु सरकार ने सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए बोनस और अतिरिक्त आर्थिक सहायता देने का फैसला किया है। मुख्यमंत्री सी. जोसेफ विजय ने मंगलवार, 27 अक्टूबर 2026 को राज्य की बिजली वितरण, परिवहन, नागरिक आपूर्ति और दुग्ध सहकारी संस्थाओं को पात्र कर्मचारियों के भुगतान के निर्देश दिए। सरकारी विज्ञप्ति के अनुसार, सी और डी श्रेणी के कर्मचारियों को 8.33 प्रतिशत बोनस के साथ 11.67 प्रतिशत अनुग्रह राशि दी जाएगी। इस तरह दोनों को मिलाकर कुल भुगतान 20 प्रतिशत तक होगा। फैसले से राज्य की विभिन्न सरकारी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों को लाभ मिलेगा।
किन कर्मचारियों को मिलेगा 20 प्रतिशत का लाभ?
सरकार की घोषणा मुख्य रूप से सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों में कार्यरत सी और डी श्रेणी के कर्मचारियों के लिए है। इनमें वे कर्मचारी शामिल हैं जो संबंधित संस्थानों में निर्धारित पात्रता शर्तों को पूरा करते हैं।
सरकारी विज्ञप्ति के मुताबिक, मुनाफे में चलने वाले सार्वजनिक उपक्रमों के कर्मचारियों को बोनस और अनुग्रह राशि मिलाकर 20 प्रतिशत तक भुगतान किया जाएगा। हालांकि, संबंधित कंपनी के वितरण योग्य अधिशेष यानी बोनस के लिए उपलब्ध वित्तीय राशि को भी ध्यान में रखा जाएगा। इसका मतलब है कि कर्मचारियों को मिलने वाली वास्तविक रकम निर्धारित गणना और पात्रता नियमों के अनुसार तय होगी।
बिजली और परिवहन विभाग के कर्मचारियों को फायदा
मुख्यमंत्री विजय ने तमिलनाडु पावर डिस्ट्रीब्यूशन कॉरपोरेशन को कर्मचारियों के भुगतान की व्यवस्था करने का निर्देश दिया है। यह संस्था राज्य में बिजली वितरण से जुड़ी सेवाएं संभालती है।
इसके अलावा तमिलनाडु राज्य परिवहन निगमों में काम करने वाले पात्र कर्मचारियों को भी इस फैसले का लाभ मिलेगा। परिवहन निगमों के कर्मचारी राज्य में बस सेवाओं के संचालन, रखरखाव और अन्य जरूरी कामों में लगे हैं। सरकार ने इन संस्थानों को बोनस और अतिरिक्त भुगतान के लिए आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने को कहा है।
नागरिक आपूर्ति और दूध सहकारी संस्थाएं भी शामिल
तमिलनाडु सिविल सप्लाइज कॉरपोरेशन और तमिलनाडु कोऑपरेटिव मिल्क प्रोड्यूसर्स फेडरेशन के पात्र कर्मचारियों को भी भुगतान किया जाएगा। नागरिक आपूर्ति निगम राज्य में खाद्यान्न की खरीद, भंडारण और वितरण व्यवस्था से जुड़ा है। वहीं, दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ दूध की खरीद, प्रसंस्करण और आपूर्ति का काम करता है।
इन दोनों संस्थानों में सी और डी श्रेणी के कर्मचारियों को निर्धारित दरों पर बोनस और अनुग्रह राशि देने के निर्देश जारी किए गए हैं। इस घोषणा में अलग-अलग विभागों के लिए भुगतान की दर समान रखी गई है, लेकिन कर्मचारी की पात्रता और गणना से जुड़ी शर्तों का पालन करना होगा।
8.33 प्रतिशत बोनस और 11.67 प्रतिशत अनुग्रह राशि क्या है?
सरकार ने कुल 20 प्रतिशत भुगतान को दो हिस्सों में बांटा है। पहला हिस्सा 8.33 प्रतिशत बोनस है। दूसरा हिस्सा 11.67 प्रतिशत अनुग्रह राशि है, जिसे अंग्रेजी में एक्स ग्रेशिया कहा जाता है।
बोनस कर्मचारियों को लागू नियमों और निर्धारित वित्तीय आधार पर दिया जाता है। अनुग्रह राशि नियोक्ता की ओर से अतिरिक्त भुगतान के रूप में दी जाती है।
दोनों दरों को जोड़ने पर कुल 20 प्रतिशत बनता है। इसका अर्थ यह नहीं है कि हर कर्मचारी के बैंक खाते में उसके पूरे वार्षिक वेतन का 20 प्रतिशत जमा होगा। वास्तविक रकम बोनस की गणना के लिए लागू वेतन सीमा और अन्य नियमों पर निर्भर करेगी।
क्या सभी सरकारी कर्मचारियों को बोनस मिलेगा?
यह घोषणा तमिलनाडु के सभी सरकारी कर्मचारियों के लिए नहीं है। फिलहाल इसमें सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों की सी और डी श्रेणियों का उल्लेख किया गया है। राज्य सचिवालय, अन्य सरकारी विभागों और अलग-अलग श्रेणी के कर्मचारियों के लिए वेतन तथा बोनस संबंधी व्यवस्थाएं अलग हो सकती हैं।
इसी तरह घाटे में चलने वाले उपक्रमों या अन्य संस्थानों में भुगतान की दर अलग होने की स्थिति में संबंधित सरकारी आदेश लागू होंगे। इसलिए कर्मचारी अपने संस्थान की ओर से जारी अधिसूचना के आधार पर पात्रता की पुष्टि कर सकते हैं।
कर्मचारियों के खातों में पैसा कब आएगा?
उपलब्ध सरकारी विज्ञप्ति के अंश में बोनस भुगतान की अंतिम तारीख नहीं बताई गई है। यह भी स्पष्ट नहीं किया गया है कि इस घोषणा के तहत कुल कितने कर्मचारियों को लाभ मिलेगा या सरकार पर कितना वित्तीय खर्च आएगा। इन जानकारियों के लिए संबंधित विभागों के विस्तृत आदेश महत्वपूर्ण होंगे।
तमिलनाडु सरकार पहले भी सार्वजनिक क्षेत्र के कर्मचारियों के लिए बोनस और अनुग्रह राशि की व्यवस्था करती रही है। अक्टूबर 2025 में भी ऐसी घोषणा की गई थी, लेकिन उस वर्ष के लाभार्थियों की संख्या और कुल खर्च को मौजूदा निर्णय के आंकड़े नहीं माना जाना चाहिए। राज्य सरकार के ताजा निर्देशों के बाद संबंधित संस्थानों को पात्र कर्मचारियों की जानकारी और भुगतान संबंधी प्रक्रिया आगे बढ़ानी होगी।










