सीरिया: सेना ने ISIS जेल पर किया कब्जा, बंदियों की सुरक्षा अब सरकार के हाथ

सीरिया में अल-अक्तान जेल पर सरकारी सेना ने कब्जा कर लिया। कुर्दिश बल इलाके से पीछे हटे। लगभग 2,000 बंदियों की सुरक्षा अब सरकार के नियंत्रण में।

सीरियाई सेना ने उत्तरी सीरिया में अल-अक्तान जेल पर पूरा नियंत्रण हासिल कर लिया। कुर्दिश बल इलाके से हट गए। अब लगभग 2,000 बंदियों की सुरक्षा और जेल का संचालन पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में है।

रक्का: सीरियाई सरकारी बलों ने देश के उत्तरी हिस्से में स्थित अल-अक्तान जेल पर पूरी तरह नियंत्रण हासिल कर लिया है। यह जेल आईएसआईएस के आतंकियों को रखने के लिए जानी जाती थी। बुधवार को सेना ने दावा किया कि अब जेल पूरी तरह सरकारी नियंत्रण में है। इस हिस्से पर कब्जा तब संभव हुआ जब कुर्दिश लड़ाके इलाके को छोड़कर चले गए।

सीरिया के आंतरिक मंत्रालय ने बयान जारी कर बताया कि अब जेल की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार के पास है। बंदियों के फाइलों की समीक्षा की जा रही है और सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ किया जा रहा है।

सीरियाई सेना ने पहले भी किया था कब्जा

अल-अक्तान जेल पर कब्जा करने से पहले सोमवार को इराक सीमा के पास शद्दादेह जेल में सैनिकों के प्रवेश के दौरान अराजकता फैली थी, जिसमें 120 आईएस बंदी भाग निकले थे। इनमें से अधिकांश को दोबारा पकड़ लिया गया।

अल-अक्तान जेल में प्रवेश दो दिन बाद हुआ जब अमेरिकी सेना ने पूर्वोत्तर सीरिया में कुर्दिश नेतृत्व वाली सीरियन डेमोक्रेटिक फोर्सेस (एसडीएफ) द्वारा नियंत्रित हिरासत केंद्रों में रखे गए लगभग 9,000 आईएस बंदियों में से कुछ को स्थानांतरित करना शुरू किया।

एसडीएफ का आईएस विरोधी अभियान

पिछले एक दशक में सीरिया में आईएस के खिलाफ लड़ाई में एसडीएफ मुख्य बल बनकर उभरा। मार्च 2019 में एसडीएफ ने चरमपंथियों के पास बचे आखिरी इलाके पर कब्जा किया। आईएस के खिलाफ लड़ाई में हजारों चरमपंथियों, उनकी महिलाओं और बच्चों को जेलों और अल-होल कैम्प में रखा गया। अल-अक्तान जेल पर कब्जा इस सप्ताह की शुरुआत में एसडीएफ के खिलाफ सरकारी बलों के दो सप्ताह के हमलों के बाद हुआ, जिसमें इसे चारों ओर से घेरकर नियंत्रण किया गया।

अल-अक्तान जेल में बंदी संख्या

रक्का के गवर्नर अब्दुल-रहमान सलामा ने बताया कि अल-अक्तान जेल में लगभग 2,000 बंदी हैं। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि इनमें कितने आईएस से जुड़े हैं। उपराज्य मंत्री मेजर जनरल अब्दुल-कादिर ताहन ने जेल का दौरा कर हिरासत केंद्र और बंदियों की स्थिति का जायजा लिया।

कुछ दिनों तक चली बातचीत के बाद समझौता हुआ, जिसमें लगभग 800 एसडीएफ लड़ाकों के लिए पश्चिम की ओर कोबानी क्षेत्र की ओर जाने का रास्ता खोला गया। एसडीएफ ने बयान में कहा कि अमेरिका नेतृत्व वाले गठबंधन के समर्थन से अल-अक्तान जेल की सुरक्षा में तैनात उनके लड़ाके सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किए गए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अल-अक्तान जेल में आईएस के “आतंकवादी संगठन” के बंदी हैं।

कुर्दिश बलों में युद्धविराम

जनवरी की शुरुआत में सरकारी बलों द्वारा पूर्वोत्तर सीरिया में धक्का देने के बाद हजारों लोग, मुख्य रूप से कुर्द, हसाकेह प्रांत की ओर भाग गए। मंगलवार रात चार दिवसीय युद्धविराम की घोषणा की गई, इससे पहले कई युद्धविराम टूट चुके थे।

अंतरिम राष्ट्रपति अहमद अल-शरआ और एसडीएफ कमांडर मज़लूम अब्दी द्वारा हस्ताक्षरित समझौते के तहत अमेरिकी समर्थित बलों को रक्षा और आंतरिक मंत्रालयों में विलय करने की बात कही गई।

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