सेनेगल में फंसे भारतीय नागरिक उमाशंकर की आखिरकार वतन वापसी का रास्ता साफ होता दिखाई दे रहा है। कई दिनों से वहां परेशानियों का सामना कर रहे उमाशंकर के मामले में भारतीय दूतावास ने हस्तक्षेप किया है। दूतावास की कार्रवाई के बाद कंपनी मालिक को तलब किया गया और उमाशंकर का पासपोर्ट वापस कराया गया। अब उनकी भारत वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जा रही है और बताया जा रहा है कि करीब तीन दिन के भीतर उन्हें भारत भेजने की तैयारी है। उमाशंकर के परिवार के लिए यह खबर राहत देने वाली है, क्योंकि पासपोर्ट अपने पास नहीं होने के कारण उनकी वापसी मुश्किल बनी हुई थी। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार उमाशंकर सेनेगल में काम करने के लिए गए थे और वहां पहुंचने के बाद उन्हें कई परेशानियों का सामना करना पड़ा।
बताया जा रहा है कि उमाशंकर पहले हरियाणा की एक कंपनी से जुड़े हुए थे और काम के सिलसिले में सेनेगल पहुंचे थे। विदेश जाने के बाद उनकी स्थिति ऐसी हो गई कि उन्हें अपने ही देश वापस लौटने में परेशानी होने लगी। रिपोर्ट में बताया गया है कि उनका पासपोर्ट भी कंपनी की ओर से अपने पास रख लिया गया था। इसके अलावा वेतन और खाने-पीने से जुड़ी परेशानियों का भी उल्लेख सामने आया था। पासपोर्ट किसी दूसरे व्यक्ति या कंपनी के कब्जे में होने के कारण उमाशंकर के लिए सामान्य तरीके से भारत लौटना संभव नहीं था।
मामला सामने आने के बाद उमाशंकर के परिवार और उनसे जुड़े लोगों की ओर से मदद की कोशिश शुरू हुई। विदेश में फंसे किसी भारतीय नागरिक के लिए पासपोर्ट सबसे जरूरी दस्तावेजों में से एक होता है। इसके बिना अंतरराष्ट्रीय यात्रा करना बेहद मुश्किल हो जाता है। ऐसे में उमाशंकर का पासपोर्ट वापस मिलना उनकी भारत वापसी की दिशा में सबसे अहम कदम माना जा रहा है। दूतावास के हस्तक्षेप के बाद कंपनी मालिक को बुलाकर पासपोर्ट वापस करवाए जाने की जानकारी सामने आई है।
दूतावास की कार्रवाई के बाद अब उमाशंकर को भारत भेजने की तैयारी की जा रही है। रिपोर्ट के मुताबिक करीब तीन दिन के भीतर उनकी वापसी की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है। हालांकि उनकी यात्रा किस फ्लाइट से होगी और भारत पहुंचने के बाद वे अपने गृह क्षेत्र कब तक पहुंचेंगे, इसकी विस्तृत जानकारी उपलब्ध रिपोर्ट में नहीं दी गई है। इसलिए फिलहाल इतना ही कहा जा सकता है कि पासपोर्ट वापस मिलने के बाद उनकी वापसी की प्रक्रिया आगे बढ़ चुकी है।
उमाशंकर के सेनेगल में फंसे होने की खबर सामने आने के बाद उनके परिवार की चिंता लगातार बढ़ रही थी। विदेश में किसी व्यक्ति के पास न तो पर्याप्त भोजन हो और न ही उसे नियमित वेतन मिल रहा हो, तो स्थिति और कठिन हो जाती है। उपलब्ध रिपोर्ट में उमाशंकर के सामने ऐसी ही परेशानियों का जिक्र किया गया है। सबसे बड़ी दिक्कत यह थी कि उनका पासपोर्ट भी उनके पास नहीं था। इस वजह से वे अपनी मर्जी से वहां से निकलकर भारत लौटने की स्थिति में नहीं थे।
इस पूरे घटनाक्रम में भारतीय दूतावास की भूमिका महत्वपूर्ण रही। दूतावास ने मामले को संज्ञान में लेते हुए कंपनी मालिक को तलब किया। इसके बाद पासपोर्ट वापस करवाया गया। विदेश में किसी भारतीय नागरिक के दस्तावेज को लेकर विवाद की स्थिति में दूतावास या भारतीय मिशन संबंधित पक्षों से संपर्क कर सहायता उपलब्ध कराने की कोशिश करता है। उमाशंकर के मामले में भी हस्तक्षेप के बाद अब उनकी स्वदेश वापसी का रास्ता खुल गया है।
परिवार के लिए सबसे बड़ी राहत यह है कि अब उमाशंकर के पास उनका पासपोर्ट है और उन्हें भारत भेजने की तैयारी की जा रही है। इससे पहले पासपोर्ट कंपनी के पास होने की वजह से उनकी यात्रा अटक गई थी। अब दस्तावेज वापस मिलने के बाद टिकट और यात्रा संबंधी औपचारिकताओं को पूरा किया जा सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक तीन दिन में भारत भेजने की तैयारी की जा रही है।
उमाशंकर के मामले ने विदेश में रोजगार के लिए जाने वाले भारतीय कामगारों की मुश्किलों को भी सामने रखा है। विदेश जाने से पहले नौकरी देने वाली कंपनी, रोजगार की शर्तों, वेतन, रहने और खाने की व्यवस्था तथा पासपोर्ट जैसे महत्वपूर्ण दस्तावेजों से जुड़े नियमों की जानकारी होना जरूरी है। कई बार बेहतर रोजगार और कमाई की उम्मीद में लोग दूसरे देशों का रुख करते हैं, लेकिन वहां पहुंचने के बाद परिस्थितियां उम्मीद के मुताबिक नहीं रहतीं। ऐसी स्थिति में स्थानीय भारतीय मिशन से संपर्क करना महत्वपूर्ण हो सकता है।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक उमाशंकर की परेशानी केवल रोजगार से जुड़ी नहीं थी, बल्कि उनके पासपोर्ट के अपने पास नहीं होने से उनकी स्वतंत्र आवाजाही भी प्रभावित हो रही थी। यही कारण है कि दूतावास के हस्तक्षेप और पासपोर्ट वापस मिलने के बाद मामले में बड़ा बदलाव आया है। अब उनकी प्राथमिकता भारत लौटना है।
उमाशंकर के परिवार को अब उनकी सुरक्षित वापसी का इंतजार है। करीब तीन दिन के भीतर भारत भेजे जाने की तैयारी की खबर से परिवार को उम्मीद जगी है कि जल्द ही वह अपने लोगों के बीच होंगे। हालांकि अंतिम रूप से उनकी वापसी यात्रा पूरी होने और भारत पहुंचने के बाद ही यह प्रक्रिया पूरी मानी जाएगी। फिलहाल पासपोर्ट वापस मिल चुका है और वापसी की तैयारियां आगे बढ़ रही हैं।
सेनेगल में फंसे उमाशंकर के मामले में दूतावास की कार्रवाई के बाद घटनाक्रम तेजी से बदला है। जिस पासपोर्ट के कारण उनकी भारत वापसी अटकी हुई थी, वह अब उन्हें वापस मिल गया है। कंपनी मालिक को दूतावास द्वारा तलब किए जाने के बाद यह कदम उठाया गया। अब यात्रा की व्यवस्था की जा रही है और तीन दिन के भीतर उन्हें भारत भेजे जाने की तैयारी की जानकारी सामने आई है।
इस घटनाक्रम से उमाशंकर के परिवार को बड़ी राहत मिली है। विदेश में फंसे होने के दौरान परिवार के लिए सबसे बड़ी चिंता यही थी कि वे सुरक्षित वापस कैसे आएंगे। पासपोर्ट वापस मिलने के बाद अब उनकी स्वदेश वापसी की प्रक्रिया संभव हो गई है। आने वाले दिनों में उनकी यात्रा पूरी होने और भारत पहुंचने की उम्मीद है।











