कमजोर वैश्विक संकेतों और निवेशकों की सतर्कता के बीच शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत गिरावट के साथ हुई। शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स करीब 350 अंक टूटकर 78,641.21 के स्तर पर पहुंच गया, जबकि एनएसई निफ्टी 24,600 के अहम स्तर से नीचे फिसलकर 24,592.40 पर कारोबार करता नजर आया।
बिजनेस न्यूज़: भारतीय शेयर बाजार ने शुक्रवार के कारोबारी सत्र की शुरुआत कमजोरी के साथ की। वैश्विक बाजारों से मिले मिश्रित संकेतों, निवेशकों की सतर्कता और बैंकिंग शेयरों में बिकवाली के दबाव के बीच प्रमुख सूचकांक लाल निशान में कारोबार करते दिखाई दिए। हालांकि, व्यापक बाजार (Broader Market) ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया और कुछ प्रमुख उपभोक्ता कंपनियों के शेयरों ने नए रिकॉर्ड स्तर भी छुए।
शुरुआती कारोबार में बीएसई सेंसेक्स लगभग 350 अंकों की गिरावट के साथ कारोबार करता दिखाई दिया, जबकि एनएसई निफ्टी 50 महत्वपूर्ण 24,600 के स्तर के नीचे बना रहा। बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि निवेशक फिलहाल वैश्विक आर्थिक संकेतों, कॉरपोरेट आय और ब्याज दरों से जुड़े संभावित घटनाक्रमों पर नजर बनाए हुए हैं।
शुरुआती कारोबार में बाजार पर दबाव
शुक्रवार सुबह के कारोबार में सेंसेक्स लगभग 0.40 प्रतिशत की गिरावट के साथ 78,600 के आसपास कारोबार करता दिखाई दिया। वहीं निफ्टी 50 भी हल्की कमजोरी के साथ 24,600 के नीचे रहा। बैंकिंग और वित्तीय शेयरों में बिकवाली के कारण बैंक निफ्टी पर भी दबाव देखा गया। निवेशकों की सतर्कता का असर प्रमुख बैंकिंग शेयरों पर दिखाई दिया, जिससे सेक्टर की समग्र चाल कमजोर रही।
हालांकि, बाजार की व्यापक तस्वीर पूरी तरह नकारात्मक नहीं रही। मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में चुनिंदा खरीदारी देखने को मिली, जिसने व्यापक बाजार को समर्थन प्रदान किया। इससे संकेत मिलता है कि निवेशक अभी भी कुछ विशिष्ट क्षेत्रों और कंपनियों में अवसर तलाश रहे हैं।
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों ने दिखाई मजबूती

जहां प्रमुख सूचकांक दबाव में रहे, वहीं मिडकैप और स्मॉलकैप वर्ग के शेयरों ने अपेक्षाकृत बेहतर प्रदर्शन किया। विश्लेषकों के अनुसार, निवेशकों का ध्यान बड़ी कंपनियों के बजाय विकास की संभावनाओं वाले मध्यम और छोटे आकार के व्यवसायों की ओर बढ़ रहा है। बाजार के जानकारों का कहना है कि हाल के महीनों में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में निवेशकों की रुचि बढ़ी है, क्योंकि कई कंपनियां मजबूत आय वृद्धि और बेहतर कारोबारी प्रदर्शन दिखा रही हैं।
हालांकि, विशेषज्ञ यह भी सलाह देते हैं कि इस वर्ग के शेयरों में निवेश करते समय जोखिम प्रबंधन और कंपनी की मूलभूत स्थिति का सावधानीपूर्वक मूल्यांकन आवश्यक है।
नेस्ले इंडिया ने छुआ नया रिकॉर्ड
उपभोक्ता वस्तु क्षेत्र की प्रमुख कंपनी नेस्ले इंडिया के शेयरों में शुक्रवार को मजबूती देखने को मिली। कारोबार के दौरान कंपनी का शेयर अपने अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया। विश्लेषकों का मानना है कि उपभोक्ता मांग में स्थिरता, मजबूत ब्रांड पोर्टफोलियो और निरंतर वित्तीय प्रदर्शन ने निवेशकों का भरोसा बनाए रखा है। यही कारण है कि बाजार की कमजोरी के बावजूद नेस्ले इंडिया के शेयरों में खरीदारी जारी रही।
तेजी से बदलते आर्थिक माहौल में भी उपभोक्ता क्षेत्र की कंपनियां अपेक्षाकृत स्थिर प्रदर्शन करने वाली श्रेणी में गिनी जाती हैं, जिससे निवेशकों की रुचि बनी रहती है।
टाइटन के शेयर ने बनाया 52 सप्ताह का नया उच्च स्तर
आभूषण, घड़ियों और लाइफस्टाइल उत्पादों के क्षेत्र में अग्रणी कंपनी Titan Company के शेयरों ने भी कारोबार के दौरान नया 52-सप्ताह का उच्च स्तर हासिल किया। हालांकि रिकॉर्ड स्तर छूने के बाद शेयर में कुछ मुनाफावसूली देखने को मिली, लेकिन निवेशकों का भरोसा कंपनी पर बना हुआ है। बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत उपभोक्ता मांग, प्रीमियम उत्पादों की बढ़ती लोकप्रियता और लगातार विस्तार की रणनीति ने टाइटन के प्रदर्शन को समर्थन दिया है।











