Maurya Express के B3 कोच का दरवाजा टूटा, यात्री ने रेल मंत्री से X पर की शिकायत

Maurya Express के B3 कोच का दरवाजा टूटा मिला। यात्री ने वीडियो और फोटो के साथ X पर रेल मंत्री से शिकायत की। घटना के बाद रेलवे की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे।

संबलपुर से गोरखपुर आ रही मौर्य एक्सप्रेस के B3 कोच का दरवाजा टूटने का मामला सामने आया है। एक यात्री ने वीडियो और फोटो साझा करते हुए रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से X पर शिकायत की।

गोरखपुर: संबलपुर से गोरखपुर आ रही Maurya Express के B3 कोच का दरवाजा टूटने का मामला सामने आया है। ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने इसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर साझा कर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से शिकायत की। घटना के बाद रेलवे की निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठने लगे हैं।

मौर्य एक्सप्रेस के B3 कोच का दरवाजा टूटा, यात्री ने सोशल मीडिया पर उठाया मुद्दा

संबलपुर से गोरखपुर आने वाली 15027 मौर्य एक्सप्रेस के बी3 कोच का दरवाजा टूटा होने का मामला सामने आया है। ट्रेन में सफर कर रहे एक यात्री ने इस लापरवाही की जानकारी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव को टैग करते हुए साझा की। यात्री ने अपने पोस्ट के साथ टूटे हुए दरवाजे की तस्वीरें और वीडियो भी अपलोड किए, जिसके बाद यह मामला सोशल मीडिया पर तेजी से चर्चा का विषय बन गया। तस्वीरों में कोच के दरवाजे को बर्थ के नीचे रखा हुआ देखा जा सकता है, जबकि दरवाजे की जगह अस्थायी रूप से बेडशीट टांगी गई थी।

यात्री ने वीडियो और फोटो के साथ दर्ज कराई शिकायत

बी3 कोच की बर्थ संख्या 68 पर यात्रा कर रहे विकास महतो ने बताया कि ट्रेन के कोच का एक दरवाजा पूरी तरह टूट चुका था। उन्होंने X पर पोस्ट करते हुए रेलवे से जल्द से जल्द इसे ठीक कराने की मांग की। उनके द्वारा साझा किए गए वीडियो और फोटो में साफ दिखाई दे रहा है कि दरवाजा अपनी जगह पर नहीं लगा था, जिससे यात्रियों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई। पोस्ट वायरल होने के बाद कई लोगों ने भी रेलवे की कार्यप्रणाली और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाए।

संबलपुर से ही बिना दरवाजे के चल रही थी ट्रेन

रिपोर्ट के अनुसार, विकास महतो ने 6 अगस्त को दोपहर करीब एक बजे सोशल मीडिया पर शिकायत दर्ज कराई थी। उस समय ट्रेन राउरकेला और हटिया के बीच चल रही थी। इससे माना जा रहा है कि ट्रेन संबलपुर स्टेशन से ही टूटे हुए दरवाजे के साथ रवाना हुई थी। यदि ऐसा है, तो ट्रेन के प्रस्थान से पहले होने वाली तकनीकी जांच और सुरक्षा निरीक्षण पर सवाल खड़े होना स्वाभाविक है।

यात्रियों का कहना है कि सफर के दौरान न तो ट्रेन के साथ मौजूद रेलवे स्टाफ ने इस समस्या पर ध्यान दिया और न ही इसे तुरंत ठीक करने की कोई कोशिश की गई। ऐसे में यात्रियों को पूरे सफर के दौरान बिना सुरक्षित दरवाजे वाले कोच में यात्रा करनी पड़ी।

सुरक्षा व्यवस्था को लेकर उठे सवाल

रेलवे में किसी भी ट्रेन को रवाना करने से पहले कोचों की तकनीकी जांच की जाती है ताकि सफर के दौरान यात्रियों को किसी तरह की परेशानी न हो। लेकिन मौर्य एक्सप्रेस के इस मामले ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यात्रियों का कहना है कि यदि ट्रेन के एक कोच का दरवाजा ही गायब था, तो निरीक्षण के दौरान यह कमी कैसे नजरअंदाज हो गई।

विशेषज्ञों का भी मानना है कि कोच का दरवाजा केवल सुविधा का हिस्सा नहीं, बल्कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए बेहद महत्वपूर्ण होता है। लंबी दूरी की यात्रा के दौरान दरवाजा खराब या गायब होने से दुर्घटना का खतरा बढ़ सकता है, खासकर रात के समय या भीड़भाड़ की स्थिति में।

रेलवे की प्रतिक्रिया का इंतजार

मामला रेल मंत्री तक पहुंचने के बाद भी खबर लिखे जाने तक रेलवे की ओर से कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। हालांकि, सोशल मीडिया पर शिकायत सामने आने के बाद यात्रियों को उम्मीद है कि रेलवे इस मामले की जांच करेगा और संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी तय करेगा।

यात्रियों ने मांग की है कि ट्रेनों की नियमित तकनीकी जांच को और सख्त बनाया जाए ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। साथ ही, जिन कोचों में तकनीकी खराबी हो, उन्हें यात्रा शुरू होने से पहले ही ठीक किया जाए। मौर्य एक्सप्रेस की यह घटना एक बार फिर यह याद दिलाती है कि रेलवे में यात्रियों की सुरक्षा से जुड़े छोटे-छोटे पहलुओं पर भी पूरी गंभीरता से ध्यान देना जरूरी है।

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