SFI-ABVP कार्यकर्ताओं में झड़प, 2 घायल पुलिस की मौजूदगी में लाठी-डंडों से हमला एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप

शिमला के हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में SFI और ABVP कार्यकर्ताओं के बीच झड़प में दो छात्र घायल हुए। दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला करने का आरोप लगाया।
SFI-ABVP कार्यकर्ताओं में झड़प, 2 घायल पुलिस की मौजूदगी में लाठी-डंडों से हमला एक-दूसरे पर हमला करने के आरोप
Photo Credit / Attribution: Google

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय शिमला में शनिवार सुबह छात्र संगठनों के बीच विवाद के बाद मारपीट की घटना सामने आई। विश्वविद्यालय परिसर में स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया यानी SFI और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद यानी ABVP से जुड़े कार्यकर्ता आमने-सामने आ गए। दोनों पक्षों के बीच हुई झड़प में दो छात्रों के घायल होने की सूचना है। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर और आसपास के क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला और सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार दोनों संगठनों की ओर से एक-दूसरे पर मारपीट शुरू करने के आरोप लगाए गए हैं, इसलिए घटना की पूरी जिम्मेदारी किस पक्ष की थी, यह पुलिस जांच और दोनों पक्षों की शिकायतों के आधार पर स्पष्ट होना बाकी है।

जानकारी के मुताबिक यह घटना शनिवार सुबह करीब 8:30 से पौने नौ बजे के बीच समरहिल चौकी के पास हुई। उस समय दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ता विश्वविद्यालय परिसर में मौजूद थे। अचानक किसी बात को लेकर दोनों पक्षों में विवाद शुरू हुआ और देखते ही देखते मामला मारपीट तक पहुंच गया। प्रत्यक्ष रूप से सामने आए वीडियो में भी छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और मारपीट जैसी स्थिति दिखाई देने की बात सामने आई है। पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद स्थिति को नियंत्रित करने की कोशिश की गई।

घटना में दो छात्रों के घायल होने की सूचना है। रिपोर्ट के अनुसार घायलों में एक छात्र के सिर में चोट लगी है। दोनों घायलों को उपचार के लिए ले जाया गया। फिलहाल उनकी चोटों की विस्तृत स्थिति और इलाज से संबंधित जानकारी पुलिस तथा संबंधित चिकित्सा रिपोर्ट के आधार पर ही स्पष्ट होगी। घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया और सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। क्यूआरटी ने भी मौके पर मोर्चा संभाला।

घटना को लेकर SFI की ओर से आरोप लगाया गया कि उसके कार्यकर्ता विश्वविद्यालय के मुख्य गेट के पास कुलपति के आने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान ABVP से जुड़े कार्यकर्ताओं ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। SFI का कहना है कि अचानक हुए हमले में उसके कार्यकर्ताओं को चोटें आईं। संगठन की ओर से पुलिस से मामले की जांच कराने और आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई की मांग किए जाने की बात कही गई है। यह SFI की ओर से लगाए गए आरोप हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

दूसरी ओर ABVP ने SFI के आरोपों को खारिज किया है। ABVP की ओर से दावा किया गया कि मारपीट की शुरुआत SFI के कार्यकर्ताओं ने की और उसके कार्यकर्ताओं के साथ भी हमला किया गया। संगठन की ओर से भी पुलिस में शिकायत देने की बात कही गई है। यानी घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे पर हमला शुरू करने के आरोप लगाए गए हैं। ऐसे मामलों में पुलिस के लिए दोनों पक्षों के बयान, मौके पर मौजूद लोगों के बयान, वीडियो फुटेज और अन्य साक्ष्यों की जांच महत्वपूर्ण होगी।

घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में दोनों छात्र संगठनों के कार्यकर्ताओं के बीच तनाव की स्थिति बनी रही। दोनों पक्षों के बीच नारेबाजी की भी जानकारी सामने आई है। पुलिस ने किसी तरह स्थिति को नियंत्रित करने के बाद मौके पर सुरक्षा बढ़ा दी। प्रशासन की कोशिश है कि विवाद दोबारा न बढ़े और विश्वविद्यालय परिसर में शैक्षणिक गतिविधियां प्रभावित न हों।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों के बीच पहले भी अलग-अलग मुद्दों को लेकर विवाद और झड़प की घटनाएं सामने आती रही हैं। ऐसे में मौजूदा घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया जा रहा है। फिलहाल शनिवार की घटना में पुलिस की मौजूदगी के बावजूद दोनों पक्षों के बीच विवाद बढ़ने के बाद अतिरिक्त बल की तैनाती की गई है। पुलिस मामले की शिकायतों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी।

बताया जा रहा है कि विवाद की शुरुआत नारे लगाने या बैनर लगाने से जुड़े मुद्दे को लेकर हुई थी। हालांकि यह जानकारी प्रारंभिक रिपोर्टों पर आधारित है और पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि विवाद की वास्तविक शुरुआत किस बात से हुई। विश्वविद्यालय परिसर में छात्र संगठनों के बीच किसी भी राजनीतिक या संगठनात्मक गतिविधि के दौरान तनाव बढ़ने पर उसका असर दूसरे विद्यार्थियों और शैक्षणिक वातावरण पर भी पड़ सकता है। इसलिए घटना के बाद स्थिति को सामान्य बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण हो गया है।

शनिवार सुबह हुई घटना के दौरान कुछ छात्राओं के भी मौके पर मौजूद होने और झड़प में शामिल होने की जानकारी सामने आई है। सामने आए वीडियो में कुछ छात्रों को आपस में उलझते और कुछ अन्य लोगों को बचाव करते हुए देखा गया। हालांकि वीडियो के आधार पर घटना की पूरी पृष्ठभूमि तय नहीं की जा सकती। पुलिस को पूरे घटनाक्रम के वीडियो, प्रत्यक्षदर्शियों और दोनों संगठनों के बयानों को मिलाकर जांच करनी होगी।

घटना के बाद दोनों संगठनों के कार्यकर्ताओं की ओर से शिकायत किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस शिकायतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह देखा जाएगा कि विवाद किस परिस्थिति में शुरू हुआ, मारपीट में कौन-कौन लोग शामिल थे और किसके खिलाफ किस तरह के आरोप लगाए गए हैं। पुलिस के सामने यह भी चुनौती होगी कि विश्वविद्यालय परिसर में तनाव दोबारा न बढ़े और दोनों पक्षों के बीच किसी नए विवाद की स्थिति पैदा न हो।

विश्वविद्यालय परिसर में पुलिस बल की तैनाती के साथ सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अतिरिक्त पुलिस बल और क्यूआरटी की मौजूदगी का उद्देश्य किसी भी संभावित तनाव या दोबारा विवाद की स्थिति को तुरंत नियंत्रित करना है। घटना के बाद विश्वविद्यालय आने वाले विद्यार्थियों और कर्मचारियों के बीच भी इस घटना को लेकर चर्चा रही। प्रशासन की प्राथमिकता अब परिसर में सामान्य माहौल बनाए रखने की होगी।

SFI और ABVP दोनों ही विश्वविद्यालय की छात्र राजनीति में सक्रिय संगठन हैं। दोनों संगठनों की अपनी-अपनी गतिविधियां और छात्र मुद्दों को लेकर कार्यक्रम होते हैं। ऐसे में किसी भी मुद्दे पर दोनों पक्षों के बीच मतभेद होना अलग बात है, लेकिन विवाद का मारपीट में बदल जाना विश्वविद्यालय परिसर की सुरक्षा के लिहाज से गंभीर स्थिति पैदा करता है। मौजूदा मामले में भी पुलिस की जांच यह तय करेगी कि विवाद की शुरुआत कैसे हुई और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे।

घटना को लेकर सामने आए आरोपों में सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि दोनों पक्ष खुद को हमले का शिकार बता रहे हैं। SFI का कहना है कि उसके कार्यकर्ताओं पर अचानक हमला किया गया, जबकि ABVP का दावा है कि उसके कार्यकर्ताओं पर पहले हमला हुआ। ऐसे परस्पर विरोधी दावों के बीच किसी एक पक्ष को दोषी मानना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा। पुलिस की जांच, शिकायतों और उपलब्ध वीडियो फुटेज के आधार पर आगे की तस्वीर साफ हो सकती है।

पुलिस ने घटना के बाद विश्वविद्यालय परिसर में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत किया है। अतिरिक्त जवानों की तैनाती के साथ स्थिति पर नजर रखी जा रही है। अधिकारियों की कोशिश होगी कि छात्र संगठनों के बीच तनाव को आगे बढ़ने से रोका जाए। यदि दोनों पक्षों की ओर से औपचारिक शिकायतें दी गई हैं तो पुलिस उनके आधार पर कानूनी प्रक्रिया भी आगे बढ़ा सकती है। फिलहाल घटना की जांच जारी है और पुलिस की ओर से सामने आने वाली जानकारी के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि इस मामले में कितने लोगों के खिलाफ कार्रवाई की जाती है।

हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय में हुई इस घटना ने एक बार फिर छात्र संगठनों के बीच विवाद के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए हैं। विश्वविद्यालय परिसर विद्यार्थियों की पढ़ाई और अकादमिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, इसलिए किसी भी तरह की हिंसक झड़प का असर वहां के सामान्य माहौल पर पड़ सकता है। शनिवार की घटना के बाद पुलिस की अतिरिक्त तैनाती इसी बात को ध्यान में रखते हुए की गई है।

फिलहाल दो छात्रों के घायल होने की सूचना है और दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करने का आरोप लगा रहे हैं। पुलिस दोनों पक्षों की शिकायतों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। विश्वविद्यालय परिसर में तनाव को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था बढ़ाई गई है। आने वाले समय में पुलिस जांच और विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई से यह स्पष्ट होगा कि विवाद की वास्तविक वजह क्या थी और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।

 

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