बिहार। सावन का महीना शुरू होते ही देशभर में शिवभक्ति का रंग गहराने लगा है। मंदिरों में हर-हर महादेव के जयकारे गूंज रहे हैं और श्रद्धालु भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक के लिए अलग-अलग तरीके से अपनी आस्था और संकल्प को पूरा कर रहे हैं। इसी बीच एक शिवभक्त का अनोखा संकल्प लोगों के बीच चर्चा का विषय बना हुआ है। यह भक्त आंखों पर पट्टी बांधकर बाबा के दर्शन के लिए निकला है।
शिवभक्त का कहना है कि उसने दुनिया की दूसरी चीजों से ध्यान हटाकर केवल भोलेबाबा के दर्शन का संकल्प लिया है। उसका कहना है, "दुनिया में किसी को नहीं देखना, बस बाबा के करने हैं दर्शन।" इसी भावना के साथ उसने अपनी आंखों पर पट्टी बांधी और भगवान शिव के दर्शन के लिए यात्रा शुरू की।
भक्त के इस अनोखे संकल्प को देखने के लिए रास्ते में लोगों की भीड़ भी जुट रही है। कई लोग उससे बातचीत कर रहे हैं और उसके संकल्प के बारे में जानने की कोशिश कर रहे हैं। कुछ लोग इसे भगवान शिव के प्रति गहरी आस्था और समर्पण का उदाहरण बता रहे हैं।
श्रावण के महीने में भगवान शिव की पूजा और जलाभिषेक का विशेष महत्व माना जाता है। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु शिव मंदिरों में पहुंचते हैं। कई भक्त पैदल यात्रा करते हैं तो कुछ लोग कठिन संकल्प लेकर बाबा के दरबार तक पहुंचते हैं।
आंखों पर पट्टी बांधकर यात्रा कर रहे इस भक्त का कहना है कि उसका उद्देश्य केवल बाबा के दर्शन करना है। उसने सांसारिक आकर्षण से खुद को दूर रखने का संदेश देने के लिए यह संकल्प लिया है। उसके मुताबिक, जब मन में भगवान के प्रति सच्ची आस्था होती है तो कठिन रास्ता भी आसान लगने लगता है।
भक्त के साथ चल रहे लोगों ने उसकी सुरक्षा का भी ध्यान रखा। आंखों पर पट्टी होने के कारण रास्ते में किसी तरह की दुर्घटना न हो, इसके लिए आसपास मौजूद लोग उसे दिशा बताते हुए आगे बढ़ाते नजर आए। यात्रा के दौरान कई जगह लोगों ने उसे रोककर पानी भी दिया।
श्रावण के दौरान इस तरह के कई अनोखे धार्मिक संकल्प देखने को मिलते हैं। कोई भक्त नंगे पैर लंबी दूरी तय करता है, कोई दंडवत यात्रा करता है तो कोई कठिन व्रत और नियमों का पालन करते हुए मंदिर पहुंचता है। इन सभी के पीछे श्रद्धालुओं की अपनी धार्मिक मान्यता और व्यक्तिगत आस्था होती है।
शिवभक्त का यह वीडियो और उसकी तस्वीरें भी लोगों के बीच चर्चा में हैं। खासतौर पर उसका यह कहना कि उसे दुनिया में किसी को नहीं देखना और केवल बाबा के दर्शन करने हैं, लोगों का ध्यान खींच रहा है।
हालांकि, आंखों पर पट्टी बांधकर सड़क पर चलना जोखिम भरा हो सकता है। ऐसी स्थिति में भक्त के साथ किसी जिम्मेदार व्यक्ति का रहना और रास्ते में सुरक्षा का पूरा ध्यान रखना जरूरी है। आस्था के साथ सुरक्षा का ध्यान रखना भी बेहद महत्वपूर्ण है।
फिलहाल इस शिवभक्त का अनोखा संकल्प श्रावण की भक्ति और श्रद्धा के बीच लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। उसके लिए यह यात्रा केवल मंदिर तक पहुंचने का रास्ता नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अपने समर्पण और विश्वास को व्यक्त करने का एक तरीका है।










