श्रद्धा सिंह को हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाने का मामला, छह साल बाद दो दोषी; आज सजा पर फैसला

सुल्तानपुर के श्रद्धा सिंह हत्याकांड में अदालत ने सुभाष सिंह चौहान और जयकरन को दोषी करार दिया है। दोनों की सजा पर आज 17 सितंबर को सुनवाई होगी।
श्रद्धा सिंह को हाथ-पैर बांधकर जिंदा जलाने का मामला, छह साल बाद दो दोषी; आज सजा पर फैसला
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उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में करीब छह साल पुराने श्रद्धा सिंह हत्याकांड में अदालत ने दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। अब इस मामले में 17 सितंबर 2026 यानी आज दोषी ठहराए गए सुभाष सिंह चौहान और जयकरन की सजा पर सुनवाई होनी है। दोनों को फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय ने हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी माना है। अदालत के इस फैसले के बाद एक बार फिर 21 सितंबर 2020 की वह घटना चर्चा में आ गई है, जिसमें 16 वर्षीय श्रद्धा सिंह को कथित तौर पर हाथ-पैर बांधकर मिट्टी का तेल डालकर आग के हवाले कर दिया गया था। गंभीर रूप से झुलसी श्रद्धा की इलाज के दौरान मौत हो गई थी।

मामला सुल्तानपुर के बल्दीराय थाना क्षेत्र के टड़रसा ऐंजर गांव से जुड़ा है। रिपोर्ट के मुताबिक श्रद्धा सिंह अपने घर के सामने लगे हैंडपंप से पानी भर रही थी। इसी दौरान उसे बुलाया गया और आरोप है कि जयकरन, सुभाष सिंह चौहान तथा अन्य लोगों ने उसके हाथ-पैर बांध दिए। इसके बाद उस पर केरोसिन डालकर आग लगा दी गई। घटना के बाद आसपास के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। चीख-पुकार सुनकर लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी वहां से भाग चुके थे। गंभीर हालत में श्रद्धा को अस्पताल ले जाया गया। पहले उसे सीएचसी धनपतगंज और फिर जिला अस्पताल से लखनऊ ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

श्रद्धा की मौत के बाद उसकी मां अर्चना देवी की ओर से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। पुलिस ने मामले में जगबरन यादव, सुभाष सिंह चौहान, जयकरन और महंथ के खिलाफ हत्या सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया था। विवेचना के बाद सुभाष सिंह और जयकरन के खिलाफ आरोपपत्र अदालत में दाखिल किया गया। बाद में अभियोजन की ओर से की गई कार्रवाई के आधार पर जगबरन यादव और महंथ को भी मुकदमे की सुनवाई के लिए अदालत में तलब किया गया। इस तरह मामले में आरोपियों की भूमिका को लेकर अलग-अलग स्तर पर न्यायिक प्रक्रिया आगे बढ़ती रही।

इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में हुई। अदालत ने बुधवार को सुभाष सिंह चौहान और जयकरन को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी करार दिया। दोषी करार दिए जाने के बाद दोनों को जेल भेजने का आदेश दिया गया। अदालत ने उनकी सजा पर सुनवाई के लिए 17 सितंबर की तारीख निर्धारित की थी। यानी आज अदालत यह तय करेगी कि दोनों दोषियों को किन धाराओं के तहत कितनी सजा दी जाती है।

रिपोर्टों के मुताबिक, दोनों आरोपी घटना के बाद जेल भेजे गए थे और मामले की गंभीरता को देखते हुए उन्हें जमानत नहीं मिली थी। इसी बीच मामले के एक अन्य आरोपी महंथ चौहान को भी जुलाई 2026 में पुलिस ने गिरफ्तार कर अदालत में पेश किया था। अदालत ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल भेज दिया था। उसकी पत्रावली अलग कर उसके खिलाफ सुनवाई आगे बढ़ाई जा रही है।

मामले के एक अन्य आरोपी जगबरन यादव की पत्रावली में हाई कोर्ट के आदेश के बाद कार्रवाई स्थगित होने की बात सामने आई है। इसके कारण उसके खिलाफ चल रही न्यायिक प्रक्रिया अलग स्थिति में है। वहीं महंथ चौहान को फरार रहने के बाद पुलिस ने गिरफ्तार किया था। इस तरह छह साल पुराने इस मामले में सभी आरोपियों की न्यायिक स्थिति एक जैसी नहीं है और अलग-अलग आरोपियों के खिलाफ मुकदमे की प्रक्रिया अलग-अलग चरण में चल रही है।

श्रद्धा सिंह हत्याकांड की घटना वर्ष 2020 की है, लेकिन मामले की न्यायिक प्रक्रिया लंबे समय तक चलती रही। अब सुभाष सिंह चौहान और जयकरन को दोषी करार दिए जाने के बाद आज की सुनवाई महत्वपूर्ण हो गई है। हालांकि, दोषी करार दिए जाने और सजा सुनाए जाने के बीच कानूनी रूप से अंतर होता है। अदालत ने पहले दोनों को अपराध में दोषी माना है और अब सजा की अवधि तथा अन्य दंड के संबंध में आदेश पारित किया जाना है।

इस मामले में परिवार की ओर से लगाए गए आरोपों, पुलिस की विवेचना और अदालत के समक्ष रखे गए साक्ष्यों के आधार पर सुनवाई आगे बढ़ी। अदालत ने उपलब्ध न्यायिक प्रक्रिया के बाद दोनों आरोपियों को दोषी माना है। अब सजा के चरण में अदालत मामले की धाराओं और कानून के प्रावधानों के अनुसार फैसला करेगी। इसलिए आज की सुनवाई के बाद ही यह स्पष्ट होगा कि दोनों दोषियों को कितनी सजा मिलती है।

घटना के समय श्रद्धा की उम्र महज 16 वर्ष बताई गई थी। घर के सामने पानी भरने के दौरान उसके साथ हुई इस वारदात ने परिवार और आसपास के लोगों को झकझोर दिया था। गंभीर रूप से झुलसने के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए लखनऊ ले जाया गया, लेकिन उसकी जान नहीं बच सकी। छह साल बाद अदालत द्वारा दो आरोपियों को दोषी ठहराए जाने से मुकदमे का एक महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ है। अब सजा को लेकर अदालत के आदेश का इंतजार है।

अदालत के फैसले में फिलहाल सुभाष सिंह चौहान और जयकरन को दोषी माना गया है। वहीं जगबरन यादव और महंथ चौहान से जुड़ी न्यायिक प्रक्रिया अलग-अलग स्तर पर जारी है। जुलाई में महंथ की गिरफ्तारी के बाद उसके खिलाफ भी मुकदमे की प्रक्रिया आगे बढ़ी है, जबकि जगबरन की पत्रावली में हाई कोर्ट के आदेश के कारण कार्यवाही स्थगित बताई गई है। इसलिए पूरे मामले में सभी आरोपियों के संबंध में एक ही समय पर अंतिम फैसला हुआ है, ऐसा मानना सही नहीं होगा।

अब सुल्तानपुर की फास्ट ट्रैक कोर्ट द्वितीय में आज होने वाली सुनवाई पर सबकी नजर है। अदालत ने जिन दो आरोपियों को हत्या सहित अन्य धाराओं में दोषी करार दिया है, उनके खिलाफ सजा का आदेश आज सामने आ सकता है। छह साल पहले हुई इस वारदात में पहले जांच, फिर आरोपपत्र और लंबे ट्रायल के बाद दोषसिद्धि का चरण आया है। अब न्यायिक प्रक्रिया का अगला चरण सजा निर्धारित करने का है।

मुख्य बिंदु: श्रद्धा सिंह हत्याकांड वर्ष 2020 का मामला है। अदालत के अनुसार सुभाष सिंह चौहान और जयकरन को हत्या समेत अन्य धाराओं में दोषी करार दिया गया है। दोनों की सजा पर 17 सितंबर 2026 को सुनवाई निर्धारित है। मामले के अन्य आरोपी जगबरन यादव और महंथ चौहान से जुड़ी कार्यवाही अलग-अलग स्तर पर जारी है।

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