श्रीकृष्ण जन्मस्थान के चढ़ावे में गड़बड़ी का आरोप लगाने वाले फलाहारी बाबा पर अब जन्मस्थान सेवा संस्थान ने 20 लाख रुपये की रंगदारी मांगने और फर्जी ट्रस्ट के जरिए चंदा जुटाने का आरोप लगाया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मथुरा: श्रीकृष्ण जन्मस्थान से जुड़े विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। चढ़ावे में कथित अनियमितताओं का आरोप लगाने वाले दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी बाबा के खिलाफ जन्मस्थान सेवा संस्थान ने गंभीर आरोप लगाए हैं। संस्थान ने पुलिस को शिकायत देकर रंगदारी मांगने, फर्जी ट्रस्ट संचालित करने और प्रतिष्ठान को बदनाम करने का आरोप लगाया है।
चढ़ावे में गड़बड़ी के आरोप के बाद बढ़ा विवाद
श्रीकृष्ण जन्मभूमि संघर्ष न्यास के अध्यक्ष दिनेश शर्मा उर्फ फलाहारी बाबा ने हाल ही में आरोप लगाया था कि श्रीकृष्ण जन्मस्थान में आने वाले चढ़ावे और आभूषणों के प्रबंधन में अनियमितताएं हो रही हैं। उन्होंने इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग करते हुए मुख्यमंत्री को पत्र भी भेजा था। उनके आरोपों के बाद यह मामला चर्चा का विषय बन गया था।
हालांकि अब इस पूरे विवाद ने नया मोड़ ले लिया है। श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा संस्थान की ओर से दी गई शिकायत में फलाहारी बाबा पर कई गंभीर आरोप लगाए गए हैं, जिनकी पुलिस जांच कर रही है।
फर्जी ट्रस्ट और चंदा वसूली के आरोप
संस्थान के उपप्रबंधक अनुराग पाठक ने पुलिस को दिए गए प्रार्थना पत्र में आरोप लगाया है कि दिनेश शर्मा ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि ट्रस्ट के समान नाम का एक ट्रस्ट बनाकर लोगों से चंदा और दान की राशि एकत्र की। शिकायत में कहा गया है कि इस तरह की गतिविधियों से लोगों में भ्रम की स्थिति पैदा हुई और संस्थान की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने का प्रयास किया गया।
संस्थान का दावा है कि जब इन गतिविधियों का विरोध किया गया तो संबंधित पक्ष की ओर से संस्थान के पदाधिकारियों पर दबाव बनाने और धमकियां देने की कोशिश की गई। शिकायत में यह भी कहा गया है कि संस्थान के नाम और पहचान का लाभ उठाकर आर्थिक लाभ प्राप्त करने का प्रयास किया गया।
20 लाख रुपये रंगदारी मांगने का आरोप
शिकायत में सबसे गंभीर आरोप 20 लाख रुपये की कथित रंगदारी मांगने का लगाया गया है। संस्थान का कहना है कि दिनेश शर्मा ने अपने सहयोगियों के माध्यम से संस्थान के कार्यों में हस्तक्षेप न करने के बदले यह रकम मांगी थी। आरोप है कि मांग पूरी नहीं होने पर संस्थान और उसके पदाधिकारियों को बदनाम करने की चेतावनी दी गई।
संस्थान ने यह भी दावा किया है कि बाद में सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों के जरिए वित्तीय अनियमितताओं, गबन और घोटाले जैसे आरोपों से जुड़ी सामग्री प्रसारित की गई। संस्थान के अनुसार ये सभी आरोप निराधार और तथ्यों से परे हैं।
पुलिस कर रही मामले की जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए जन्मस्थान सेवा संस्थान ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है। एसएसपी श्लोक कुमार ने बताया कि प्राप्त शिकायत की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों के अनुसार जन्मस्थान सेवा संस्थान केवल पुलिस शिकायत तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि मामले में अन्य कानूनी विकल्पों पर भी विचार कर रहा है। संस्थान के पदाधिकारी दिनेश शर्मा की गतिविधियों की उच्चस्तरीय जांच कराने की तैयारी में भी जुटे हैं। फिलहाल पूरे मामले की सच्चाई जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी और पुलिस की रिपोर्ट पर सभी की नजर बनी हुई है।











