श्रिया सरन ने पूरे किए 25 साल: बोली- '8 घंटे काम के बाद घर जाना भी लोगों को खलता है'

एक्ट्रेस श्रिया सरन ने फिल्म इंडस्ट्री में 25 साल पूरे होने पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि 8 घंटे काम के बाद घर जाना भी लोगों को पसंद नहीं आता। पढ़ें पूरा

साउथ की शिवाजी द बॉस, छत्रपति और पोक्किरी राजा जैसी सुपरहिट फिल्मों से लेकर हिंदी की हिट दृश्यम फ्रेंचाइजी तक, अभिनेत्री श्रिया सरन पिछले करीब ढाई दशक से दर्शकों के दिलों पर राज कर रही हैं।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय फिल्म इंडस्ट्री की लोकप्रिय अभिनेत्री Shriya Saran ने अपने 25 साल लंबे करियर, असफलताओं से मिली सीख, बड़े सितारों के साथ काम करने के अनुभव और एक वर्किंग मदर होने की चुनौतियों पर खुलकर बात की। साउथ और हिंदी सिनेमा में अपनी मजबूत पहचान बना चुकी श्रिया का कहना है कि फिल्म सेट पर बीते ये साल किसी सपने से कम नहीं रहे।

उन्होंने बताया कि करियर की शुरुआत में उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि वह इतने लंबे समय तक इंडस्ट्री में काम करेंगी, लेकिन धीरे-धीरे सिनेमा ही उनका जुनून बन गया।

25 साल का सफर: “एक फिल्म करने आई थी, करियर बन गया”

श्रिया सरन ने अपने शुरुआती दिनों को याद करते हुए कहा कि जब उन्होंने फिल्म इंडस्ट्री में कदम रखा था, तब उनका इरादा सिर्फ एक फिल्म करने का था और फिर पढ़ाई पर लौट जाने का था। लेकिन एक फिल्म के बाद दूसरी और फिर तीसरी फिल्म मिलती गई और उनका सफर आगे बढ़ता चला गया। उन्होंने बताया कि उस समय आज की तरह सोशल मीडिया या इंटरनेट नहीं था, इसलिए नए कलाकारों के लिए मौके मिलना आसान नहीं था। 

उन्होंने कभी औपचारिक रूप से एक्टिंग नहीं सीखी थी, लेकिन कई निर्देशकों ने उन पर भरोसा किया और उसी भरोसे ने उन्हें आगे बढ़ने का हौसला दिया।श्रिया के अनुसार, इतने लंबे करियर में उन्होंने सफलता और असफलता दोनों को करीब से देखा है। कभी काम नहीं होने का दौर आया तो कभी ऐसा समय भी रहा जब उन्हें लगातार दो-दो शिफ्ट में शूटिंग करनी पड़ती थी। वह मानती हैं कि हर फिल्म और हर शुक्रवार उनके लिए एक नया सीखने का मौका रहा है।

सेल्फ-डाउट और असफलता: “कई बार लगा कि गलत फिल्म कर ली”

हाल ही में अपनी वेब सीरीज Space Jane: Chandrayaan को लेकर चर्चा में चल रहीं श्रिया ने कहा कि करियर में कई बार ऐसा दौर आया जब उन्हें अपनी पसंद पर शक हुआ। उन्होंने बताया कि कई बार उन्हें लगा कि उन्होंने गलत फिल्म चुन ली, लेकिन वही फिल्म सफल हो गई। वहीं कुछ फिल्मों के लिए उन्होंने बहुत मेहनत की, लेकिन वे नहीं चलीं। ऐसे समय में खुद पर सवाल उठना स्वाभाविक है।

उनका मानना है कि असफलता ही सबसे बड़ी शिक्षक होती है। जब कोई फिल्म नहीं चलती, तो इंसान अपनी गलतियों को समझता है और आगे बेहतर करने की कोशिश करता है।

श्रिया सरन ने पूरे किए 25 साल: बोली- '8 घंटे काम के बाद घर जाना भी लोगों को खलता है'

रजनीकांत के साथ काम और यादगार सलाह

श्रिया सरन ने अपने करियर में कई बड़े सितारों के साथ काम किया है, जिनमें Rajinikanth, Nagarjuna और Ajay Devgn जैसे नाम शामिल हैं। उन्होंने बताया कि फिल्म Sivaji: The Boss की शूटिंग उनके करियर का बड़ा मौका था। इस फिल्म में काम करते समय उन्हें एक ऐसी सलाह मिली जिसे वह आज भी याद रखती हैं।

उन्हें बताया गया था कि सफलता के समय बहुत लोग साथ होते हैं, लेकिन असफलता के समय जो लोग आपके साथ खड़े रहते हैं, वही आपकी असली सफलता होते हैं। श्रिया के अनुसार, यही बात उन्हें हर मुश्किल समय में मजबूत बनाती रही।

वर्किंग मदर की चुनौती: “8 घंटे बाद घर जाना भी लोगों को पसंद नहीं”

श्रिया सरन ने अपनी निजी जिंदगी के बारे में बात करते हुए कहा कि एक अभिनेत्री होने के साथ-साथ वह एक मां भी हैं और दोनों जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाना आसान नहीं होता। उन्होंने बताया कि शूटिंग के दौरान भी वह अपनी बेटी के लिए समय निकालने की कोशिश करती हैं। अगर उन्हें छोटा सा ब्रेक भी मिलता है, तो वह परिवार से बात कर लेती हैं या मिलने चली जाती हैं।

उन्होंने समाज की सोच पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि अक्सर कामकाजी महिलाओं से ही पूछा जाता है कि वे अपने बच्चों की देखभाल कैसे करती हैं। अगर कोई मां आठ घंटे काम करने के बाद घर जाना चाहती है, तो भी लोगों को इससे परेशानी होती है। उनके अनुसार, इन बातों को ज्यादा दिल पर लेने के बजाय अपने काम और परिवार दोनों को खुशी से निभाना चाहिए। उन्होंने कहा कि मां होना एक अनमोल अनुभव है और वर्किंग मदर होना भी उतना ही खास है।

आज भी सीख रही हैं, आज भी वही जुनून

25 साल पूरे करने के बाद भी श्रिया सरन खुद को एक विद्यार्थी की तरह मानती हैं। उनका कहना है कि हर नया प्रोजेक्ट उन्हें कुछ नया सिखाता है और यही वजह है कि वह आज भी उतने ही उत्साह के साथ काम करती हैं जितना अपने करियर की शुरुआत में करती थीं। उनके अनुसार, फिल्म इंडस्ट्री में टिके रहने के लिए प्रतिभा के साथ-साथ धैर्य, मेहनत और सीखते रहने की इच्छा सबसे जरूरी होती है — और यही उनके लंबे और सफल सफर का राज भी है।

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