अभिनेत्री Shruti Sharma ने हाल ही में अपने नए शो ‘ऑफिस ऑफिस – चली मुसद्दीलाल की बेटी’ को लेकर बातचीत की। उन्होंने बताया कि बचपन में वह जिस मशहूर कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘ऑफिस ऑफिस’ को देखकर बड़ी हुई थीं, अब उसी का हिस्सा बनना उनके लिए बेहद खास अनुभव है।
एंटरटेनमेंट न्यूज़: भारतीय टेलीविजन की लोकप्रिय कॉमेडी फ्रेंचाइजी ‘ऑफिस ऑफिस’ एक बार फिर दर्शकों के बीच चर्चा में है। इस बार नए रूप और नई कहानी के साथ शो वापसी कर रहा है, जिसमें अभिनेत्री श्रुति शर्मा ‘मुसद्दीलाल की बेटी’ का किरदार निभा रही हैं। अपने नए शो ‘ऑफिस-ऑफिस: चली मुसद्दीलाल की बेटी’ को लेकर श्रुति ने हाल ही में मीडिया से बातचीत में अपने अनुभव, प्रेरणा और व्यक्तिगत जीवन से जुड़े दिलचस्प पहलुओं को साझा किया।
श्रुति शर्मा ने बताया कि वह बचपन से ही ‘ऑफिस ऑफिस’ की बड़ी प्रशंसक रही हैं और अब उसी विरासत का हिस्सा बनना उनके लिए एक भावनात्मक और खास अनुभव है।
पंकज कपूर से मिलने की इच्छा
श्रुति शर्मा ने कहा कि उन्होंने बचपन में जब ‘ऑफिस ऑफिस’ देखा था, तब उन्हें यह शो बेहद मनोरंजक और सामाजिक व्यंग्य से भरपूर लगता था। आज उसी शो का हिस्सा बनना उनके करियर का एक महत्वपूर्ण मोड़ है। उन्होंने कहा कि यह अनुभव उनके लिए केवल एक अभिनय अवसर नहीं, बल्कि एक जिम्मेदारी भी है क्योंकि यह शो भारतीय टेलीविजन के सबसे प्रतिष्ठित कॉमेडी प्रारूपों में से एक माना जाता है।
शो के मूल किरदार ‘मुसद्दीलाल’ को पंकज कपूर ने निभाया था, जिनके अभिनय ने इस किरदार को अमर बना दिया। श्रुति शर्मा ने बताया कि वह अब तक पंकज कपूर से व्यक्तिगत रूप से नहीं मिल पाई हैं, लेकिन उनकी सबसे बड़ी इच्छा है कि वह उनसे मुलाकात करें। श्रुति ने कहा कि वह पंकज कपूर की अभिनय शैली की बड़ी प्रशंसक हैं और चाहती हैं कि वह नया शो देखें और उनके प्रदर्शन पर अपनी राय साझा करें। उनके अनुसार, एक अनुभवी कलाकार की सराहना उनके लिए सबसे बड़ी उपलब्धि होगी।
‘अनोखी’ किरदार की नई पहचान
![]()
श्रुति शर्मा इस नए संस्करण में ‘अनोखी’ नामक किरदार निभा रही हैं, जिसे ‘मुसद्दीलाल’ की बेटी के रूप में पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि यह किरदार पुराने शो से काफी अलग है। जहां मूल शो में मुसद्दीलाल अक्सर भ्रष्ट सिस्टम और सरकारी प्रक्रियाओं से जूझते हुए अंततः हार मान लेते थे, वहीं नई कहानी में ‘अनोखी’ हार नहीं मानती।
वह सिस्टम से लड़ती है और हर चुनौती का समाधान निकालकर आगे बढ़ती है। श्रुति के अनुसार, यह किरदार आज की पीढ़ी को आत्मविश्वास, जागरूकता और सिस्टम के खिलाफ सकारात्मक तरीके से खड़े होने का संदेश देता है।
सरकारी सिस्टम पर व्यक्तिगत अनुभव
इंटरव्यू के दौरान श्रुति शर्मा ने अपने निजी अनुभव भी साझा किए, जिसमें उन्होंने बताया कि उन्हें भी सरकारी प्रक्रियाओं में कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है। उन्होंने एक उदाहरण देते हुए बताया कि आधार कार्ड में एड्रेस अपडेट कराने के दौरान उन्हें काफी परेशानी हुई। अपॉइंटमेंट मिलने में देरी हुई और कई बार कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़े।
श्रुति ने कहा कि इस तरह के अनुभव आम लोगों के जीवन में अक्सर देखने को मिलते हैं और ये प्रक्रियाएं कभी-कभी अपेक्षा से अधिक समय ले लेती हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे अनुभव लोगों को धैर्य और सिस्टम को बेहतर समझने का अवसर देते हैं।
कॉमेडी के साथ सामाजिक संदेश
‘ऑफिस-ऑफिस’ का नया संस्करण केवल मनोरंजन तक सीमित नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और प्रशासनिक व्यवस्था पर हल्के व्यंग्य के माध्यम से महत्वपूर्ण संदेश भी देता है। श्रुति शर्मा का मानना है कि यह शो दर्शकों को हंसाने के साथ-साथ सोचने पर भी मजबूर करेगा। उन्होंने कहा कि आज के समय में जब लोग तेज और सरल सेवाओं की उम्मीद करते हैं, तब ऐसे शो सिस्टम की वास्तविकताओं को मनोरंजक तरीके से सामने लाते हैं।
श्रुति शर्मा ने उम्मीद जताई कि दर्शक नए किरदार ‘अनोखी’ को उतना ही प्यार देंगे जितना उन्होंने पुराने ‘मुसद्दीलाल’ को दिया था। उन्होंने कहा कि यह शो पुरानी यादों और नए दृष्टिकोण का एक संतुलित मिश्रण है।










