उत्तर प्रदेश के सिद्धार्थनगर जिले में एक नाबालिग लड़की के साथ कथित रूप से अश्लील वीडियो बनाकर फिर उसी वीडियो के माध्यम से ब्लैकमेलिंग का मामला सामने आया है। दरअसल, एक परिचित युवक ने लड़की से दोस्ती की और उसे झांसा देकर अश्लील स्थिति में वीडियो बनवाया। इसके बाद उस वीडियो को दिखाकर उसे डरायाधमकाया गया और वीडियो को दोस्तों के बीच साझा किया गया। उस शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है लेकिन आरोपी अभी तक गिरफ्तार नहीं हुए।
आरोप है कि आरोपी युवक ने पहले लड़की को दोस्ती का झांसा दिया, फिर अश्लील वीडियो बनाया।
वीडियो बनने के बाद लड़की को डराकर बारबार उस वीडियो के ज़रिए यौन शोषण किया गया।
मामले में शिकायत मिलते ही पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है जिसमें विभिन्न धाराओं में मुकदमेबाजी हो रही है।
हालांकि, रिपोर्ट के समय तक किसी भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया गया था, जिससे यह प्रश्न खड़ा हुआ है कि पीड़िता को न्याय मिलने में देरी क्यों हो रही है।
इस घटना ने सामाजिक सुरक्षा, बच्चों की रक्षा तथा डिजिटल माध्यमों के दुरुपयोग जैसे मुद्दों को फिर से उजागर किया है।
इस प्रकार की घटनाएँ यह दर्शाती हैं कि नाबालिगों के प्रति यौन अपराध, वीडियो ब्लैकमेलिंग और डिजिटल माध्यमों का गलत प्रयोग किस तरह से उनकी सुरक्षा एवं गरिमा को प्रभावित कर सकता है।










