सीकर में स्मैक खरीदने के लिए कॉपर वायर चोरी करते थे दो युवक, पुलिस ने किया गिरफ्तार

सीकर में निर्माणाधीन मकानों से कॉपर वायर चोरी के मामले में दो युवक गिरफ्तार। पुलिस का दावा है कि आरोपी स्मैक खरीदने के लिए तांबा बेचते थे। जानें पूरा मामला।

सीकर की कोतवाली पुलिस ने निर्माणाधीन मकानों से कॉपर वायर चोरी करने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों स्मैक खरीदने के लिए चोरी करते थे। सीसीटीवी फुटेज की मदद से उनकी पहचान हुई।

सीकर: राजस्थान के सीकर में निर्माणाधीन मकानों से कॉपर वायर चोरी होने के मामले में कोतवाली पुलिस ने दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का कहना है कि दोनों युवक स्मैक का नशा करते हैं और इसके लिए पैसे जुटाने के मकसद से चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपी निर्माणाधीन मकानों से बिजली के तार चुराकर ले जाते थे। इसके बाद तारों को जलाकर उनसे तांबा निकालते और बाजार में बेच देते थे। पुलिस के मुताबिक, दोनों युवक रोजाना करीब चार से पांच हजार रुपये की स्मैक का नशा करते हैं। चोरी से मिलने वाले पैसों का इस्तेमाल इसी नशे को खरीदने में किया जाता था। फिलहाल पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है।

सीसीटीवी फुटेज से पुलिस के हाथ लगे आरोपी

कोतवाली थाना प्रभारी सुनील कुमार जांगिड़ ने बताया कि गिरफ्तार युवकों की पहचान राहुल कुमार (22) पुत्र पप्पू कुमार और मुकेश वाल्मीकि (24) पुत्र प्रकाश वाल्मीकि के रूप में हुई है। दोनों सीकर के वार्ड नंबर 64 के रहने वाले हैं।

पुलिस को 23 अक्टूबर को कॉपर वायर चोरी होने की शिकायत मिली थी। वार्ड नंबर 24 निवासी नरसी ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके मकान और पड़ोस में निर्माण कार्य चल रहा है। इसी दौरान वहां रखे कॉपर वायर और दूसरे सामान की चोरी हो गई।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की रिकॉर्डिंग देखी गई। फुटेज की जांच और दूसरी जानकारी जुटाने के बाद पुलिस दोनों युवकों तक पहुंची और उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

डेढ़ साल में 20 से ज्यादा बार हुई चोरी

पुलिस के अनुसार, पिछले करीब डेढ़ साल में इलाके में इसी तरह की 20 से ज्यादा चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। निर्माणाधीन मकानों में रखे बिजली के तार और दूसरे सामान को निशाना बनाया जा रहा था।

कई बार चोरी हुए सामान की कीमत ज्यादा नहीं होने के कारण मकान मालिक थाने में शिकायत भी नहीं करते थे। इससे ऐसी घटनाओं की जानकारी पुलिस तक नहीं पहुंच पाती थी।

23 अक्टूबर को दर्ज मामले के बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की। अब गिरफ्तार दोनों युवकों से पुरानी चोरियों के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। हालांकि, पिछली सभी वारदातों में उनकी भूमिका की पुष्टि जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगी।

कॉपर वायर जलाकर बेचते थे तांबा

पुलिस ने बताया कि आरोपी उन मकानों को निशाना बनाते थे, जहां निर्माण कार्य चल रहा होता था। वहां से कॉपर वायर चोरी करके ले जाते और फिर तारों को भट्टी में जलाते थे।

तारों के ऊपर चढ़ी प्लास्टिक जलने के बाद अंदर का तांबा अलग हो जाता था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी इसी तांबे को बाजार में बेचकर पैसे जुटाते थे।

जांच में यह भी सामने आया है कि दोनों युवकों को स्मैक के नशे की लत है। पुलिस का दावा है कि रोजाना नशे पर होने वाले खर्च को पूरा करने के लिए वे चोरी करते थे।

फिलहाल यह भी पता लगाया जा रहा है कि चोरी का तांबा किन लोगों को बेचा गया और दोनों आरोपी पहले किन-किन घटनाओं में शामिल रहे हैं।

पुलिस ने परिवार वालों से की खास अपील

थाना प्रभारी सुनील कुमार जांगिड़ ने नशा करने वाले युवकों के परिवारों से भी अपील की है। उन्होंने कहा कि परिवार में कोई व्यक्ति नशे की लत से जूझ रहा है तो उसे इलाज के लिए नशा मुक्ति केंद्र में भर्ती कराना चाहिए।

पुलिस के मुताबिक, नशे की लत के कारण कुछ लोग पैसे जुटाने के लिए चोरी जैसे अपराध करने लगते हैं। समय रहते इलाज और परिवार का सहयोग मिलने से ऐसी स्थिति को रोका जा सकता है।

पुरानी चोरियों के बारे में पूछताछ जारी

कोतवाली पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि दोनों युवकों का संबंध इलाके में हुई दूसरी चोरियों से भी है या नहीं। इसके लिए उनके बयानों और उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच की जा रही है।

पुलिस चोरी हुए सामान की बिक्री से जुड़े लोगों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है। पूछताछ के बाद मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

निर्माणाधीन मकानों से सामान चोरी होने की समस्या को देखते हुए पुलिस ने लोगों से संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी देने और चोरी होने पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की है।

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