मुजफ्फरपुर जिले के बंदरा प्रखंड स्थित मध्य विद्यालय सिमरा में दादा-दादी सम्मान समारोह का आयोजन बड़े उत्साह और उल्लास के साथ किया गया। इस अवसर पर विद्यालय परिसर में विशेष कार्यक्रम रखा गया, जिसमें छात्रों ने अपने दादा-दादी और बुजुर्ग अभिभावकों का फूल-माला पहनाकर स्वागत किया और उनके प्रति सम्मान व्यक्त किया।
कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और स्वागत गीत से हुई। विद्यालय के प्रधानाध्यापक और शिक्षकों ने बुजुर्गों का अभिनंदन करते हुए कहा कि दादा-दादी परिवार की धरोहर होते हैं। उनके अनुभव और संस्कार नई पीढ़ी के लिए मार्गदर्शक का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि इस तरह के आयोजन का उद्देश्य बच्चों में अपने बड़ों के प्रति सम्मान और संवेदनशीलता की भावना विकसित करना है।
छात्र-छात्राओं ने मंच पर विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। गीत, नृत्य, कविताएं और लघु नाटिकाओं के माध्यम से उन्होंने दादा-दादी के महत्व को दर्शाया। एक नाटक में बुजुर्गों की उपेक्षा और उनके सम्मान की आवश्यकता पर प्रभावशाली संदेश दिया गया, जिसे दर्शकों ने खूब सराहा। कार्यक्रम के दौरान तालियों की गूंज से पूरा परिसर गूंज उठा।
इस अवसर पर उपस्थित बुजुर्गों ने भी अपने अनुभव साझा किए। कई दादा-दादी भावुक हो गए और बच्चों को आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि विद्यालय द्वारा इस तरह का सम्मान मिलना उनके लिए गर्व और खुशी का विषय है। कुछ बुजुर्गों ने अपने बचपन और शिक्षा के दिनों की यादें भी साझा कीं, जिससे माहौल भावनात्मक हो गया।
विद्यालय प्रबंधन समिति के सदस्यों और स्थानीय अभिभावकों ने कार्यक्रम की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजनों से पारिवारिक मूल्यों को मजबूती मिलती है और बच्चों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना विकसित होती है।
समारोह के अंत में सभी बुजुर्गों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ और उपस्थित सभी लोगों ने इसे यादगार आयोजन बताया।









