जलवायु कार्यकर्ता Sonam Wangchuk ने गुरुवार को बड़ा ऐलान किया है कि यदि कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के संस्थापक अभिजीत दिपके या आंदोलन से जुड़े अन्य सदस्यों को जंतर-मंतर पर प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार किया जाता है, तो वे 42 दिनों की भूख हड़ताल शुरू करेंगे।
नई दिल्ली: जलवायु कार्यकर्ता और सामाजिक सुधारों के लिए सक्रिय सोनम वांगचुक ने एक बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि यदि उनके संगठन या साथियों को दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले गिरफ्तार किया गया, तो वे 42 दिनों की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। यह घोषणा उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर जारी वीडियो संदेश में की।
वांगचुक का यह बयान ऐसे समय में आया है जब राजधानी दिल्ली के जंतर-मंतर पर एक संभावित प्रदर्शन की तैयारी की जा रही है, जिसे लेकर राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।
गिरफ्तारी पर 42 दिन की भूख हड़ताल का ऐलान
सोनम वांगचुक ने स्पष्ट कहा कि यदि “कॉकरोच जनता पार्टी (CJP)” से जुड़े किसी सदस्य या इसके संस्थापक अभिजीत दिपके को प्रदर्शन से पहले हिरासत में लिया जाता है, तो वे 42 दिनों तक अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल शुरू करेंगे। उन्होंने कहा कि यह कदम वह नहीं उठाना चाहते, लेकिन परिस्थितियां ऐसी बनीं तो वे इसके लिए तैयार हैं। वांगचुक ने अपने संदेश में यह भी कहा कि वे स्वयं लद्दाख से दिल्ली पहुंचकर इस प्रदर्शन में शामिल होंगे।
शांतिपूर्ण आंदोलन की अपील

अपने वीडियो संदेश में वांगचुक ने समर्थकों और आंदोलनकारियों से पूरी तरह शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन अहिंसा और अनुशासन पर आधारित होना चाहिए ताकि किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था से बचा जा सके। उन्होंने लोगों से आग्रह किया कि प्रदर्शन में केवल आवश्यक वस्तुएं जैसे पानी की बोतल, मोबाइल फोन और फूल लेकर आएं। किसी भी प्रकार की लाठी, पत्थर या अन्य आपत्तिजनक वस्तुएं लाने से बचने की सलाह दी गई है।
वांगचुक ने यह भी कहा कि प्रदर्शन के दौरान किसी भी बाहरी या उपद्रवी तत्व की गतिविधियों पर नजर रखी जानी चाहिए। यदि कोई व्यक्ति हिंसा भड़काने या असामाजिक गतिविधियों में शामिल पाया जाता है, तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस को दी जाए। उन्होंने समर्थकों से अपील की कि वे ऐसी किसी भी स्थिति में तस्वीरें या वीडियो रिकॉर्ड करें, जिससे आंदोलन की पारदर्शिता बनी रहे और कोई गलतफहमी न पैदा हो।
‘कॉकरोच जनता पार्टी’ से जुड़ाव का दावा
अपने बयान में वांगचुक ने कहा कि वे हाल ही में “कॉकरोच जनता पार्टी” के विचारों और युवाओं से गहराई से प्रभावित हुए हैं। उन्होंने इन युवाओं को ईमानदार, सरल और देशभक्त बताया और कहा कि उनके साथ जुड़ाव उनके लिए एक भावनात्मक अनुभव रहा है। हालांकि यह नाम और संगठन पहले व्यापक रूप से चर्चा में नहीं रहा है, लेकिन वांगचुक के बयान के बाद इसे लेकर सोशल मीडिया और राजनीतिक हलकों में बहस शुरू हो गई है।
दिल्ली का जंतर-मंतर लंबे समय से देश में शांतिपूर्ण प्रदर्शनों का प्रमुख केंद्र रहा है। यहां कई सामाजिक, राजनीतिक और पर्यावरणीय आंदोलनों को जगह मिली है। वांगचुक के नेतृत्व में प्रस्तावित यह प्रदर्शन भी उन्हीं मुद्दों पर केंद्रित बताया जा रहा है, जिनमें सामाजिक न्याय और युवा भागीदारी शामिल है।












