स्पेन में 87 वर्षीय महिला की बेदखली के खिलाफ हजारों लोगों का प्रदर्शन, किरायेदारों की सुरक्षा की मांग

स्पेन मे 87 वर्षीय मारिकार्मेन अबास्कल की बेदखली के विरोध मे हजारो लोगो ने मार्च किया। प्रदर्शनकारियों ने किरायेदारों की सुरक्षा और किराये पर नियंत्रण की मांग

स्पेन के मैड्रिड में 87 वर्षीय मारिकार्मेन अबास्कल की बेदखली के विरोध में हजारों लोगों ने प्रदर्शन किया। लोगों ने किरायेदारों की सुरक्षा, बढ़ते किराये पर नियंत्रण और बेदखली पर सख्त नियमों की मांग की। सरकार “मारिकार्मेन डिक्री” लाने की तैयारी में है।

मैड्रिड: स्पेन की राजधानी मैड्रिड में शनिवार को हजारों लोगों ने 87 वर्षीय मारिकार्मेन अबास्कल को उनके जीवनभर के घर से बेदखल किए जाने के विरोध में मार्च निकाला। प्रदर्शनकारियों ने किरायेदारों के अधिकारों की बेहतर सुरक्षा, बढ़ते किराये पर नियंत्रण और बेदखली की प्रक्रिया को अधिक कठिन बनाने की मांग की।

इस सप्ताह बुधवार को पुलिस द्वारा मैड्रिड स्थित अबास्कल के फ्लैट का दरवाजा तोड़कर उन्हें बाहर निकाले जाने की तस्वीरें सामने आने के बाद स्पेन का आवास संकट एक बार फिर राष्ट्रीय बहस के केंद्र में आ गया है। अबास्कल को उनके घर से स्ट्रेचर पर बाहर ले जाया गया था। यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब स्पेन में 2027 में आम चुनाव होने हैं।

मैड्रिड की सड़कों पर उतरे हजारों प्रदर्शनकारी

शनिवार को प्रदर्शनकारियों ने मध्य मैड्रिड की सड़कों पर मार्च किया। लोगों ने चाबियां बजाईं, सीटी बजाई और नारे लगाए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में ऐसे बैनर थे, जिन पर बढ़ती आवास लागत को नियंत्रित करने और किरायेदारों को बेदखली से बचाने के लिए कड़े कदम उठाने की मांग की गई थी।

एक बैनर पर लिखा था, “अगली मारिकार्मेन आप हो सकते हैं।” दूसरे बैनरों पर “अब और कोई मारिकार्मेन नहीं” जैसे संदेश लिखे थे।

सरकारी अधिकारियों के अनुसार प्रदर्शन में करीब 25,000 लोग शामिल हुए। वहीं, प्रदर्शन के आयोजकों ने दावा किया कि इसमें करीब 3 लाख लोगों ने हिस्सा लिया। मार्च का समापन संसद के बाहर हुआ।

मैड्रिड टेनेंट्स यूनियन के प्रवक्ता एलिसिया डेल रियो ने मार्च शुरू होने से पहले पत्रकारों से कहा कि मारिकार्मेन की बेदखली ने लोगों में आक्रोश पैदा किया है और यह एक महत्वपूर्ण मोड़ है।

70 साल पुराने घर से हुई बेदखली

87 वर्षीय मारिकार्मेन अबास्कल ने अपने मैड्रिड स्थित अपार्टमेंट में करीब 70 साल बिताए थे। किरायेदार संघ के अनुसार, एक रियल एस्टेट कंपनी द्वारा संपत्ति का अधिग्रहण किए जाने के बाद किराया 275 प्रतिशत बढ़ाकर 2,650 यूरो कर दिया गया। भारतीय मुद्रा में यह राशि मौजूदा विनिमय दर के अनुसार अलग हो सकती है, जबकि मूल रिपोर्ट में इसे करीब 3,000 अमेरिकी डॉलर बताया गया है।

किराये में भारी वृद्धि के बाद अबास्कल को अपना घर छोड़ना पड़ा। बुधवार को पुलिस की कार्रवाई के दौरान उन्हें फ्लैट से स्ट्रेचर पर बाहर ले जाने की तस्वीरों ने इस मामले को व्यापक सार्वजनिक चर्चा का विषय बना दिया।

बेदखली के बाद अबास्कल का अस्पताल में थकान का इलाज चल रहा है। उन्होंने प्रदर्शन शुरू होने से कुछ घंटे पहले ऑनलाइन पोस्ट किए गए एक वीडियो संदेश के जरिए लोगों से मार्च में शामिल होने की अपील की।

‘मेरे साथ जो हुआ, वह दूसरों के साथ न हो’

अस्पताल से जारी वीडियो संदेश में अबास्कल ने कहा कि वह चाहती हैं कि उनके साथ जो हुआ, उससे यह सुनिश्चित करने में मदद मिले कि ऐसा किसी और के साथ न हो।

उन्होंने कहा कि उनकी स्थिति लोगों को संघर्ष करने के लिए प्रेरित करे और उन कानूनों में बदलाव लाने में मदद करे, जिनके कारण उन्हें अपना घर छोड़ना पड़ा।

अबास्कल का मामला अब स्पेन में आवास संकट के खिलाफ चल रहे आंदोलनों का प्रतीक बन गया है। उनकी बेदखली के बाद देश के विभिन्न हिस्सों में नियमित रूप से विरोध प्रदर्शन हुए हैं।

‘आवास बाजार असंभव हो गया है’

प्रदर्शन में शामिल 38 वर्षीय ग्राफिक डिजाइनर एनरिक ओर्टेगा डी मिगुएल ने स्पेन के आवास बाजार को “असंभव” बताया। उन्होंने कहा कि लोगों के लिए अपनी आय के भीतर घर ढूंढना मुश्किल हो गया है और घर मिलने के बाद भी बेदखली का डर बना रहता है।

33 वर्षीय इंजीनियर आइरीन लोपेज ने भी मौजूदा स्थिति को “अस्थिर” बताया। उनके मुताबिक, कई लोग शहरों में रहने का खर्च वहन नहीं कर पा रहे हैं और किराये तथा वेतन के बीच बड़ा अंतर पैदा हो गया है।

उन्होंने मारिकार्मेन की बेदखली को उस स्थिति की “आखिरी हद” बताया, जिसमें आवास की लागत लगातार लोगों की आय से दूर होती जा रही है।

बुजुर्गों और युवाओं की स्थिति पर चिंता

प्रदर्शन में शामिल 76 वर्षीय पेंशनभोगी मारिकार्मेन अर्नेडो ने बुजुर्गों के घरों से बाहर होने और युवाओं के अपने माता-पिता के घरों से अलग नहीं हो पाने की समस्या पर ध्यान आकर्षित किया।

उन्होंने कहा कि एक ओर बुजुर्ग लोगों को उनके घरों से बाहर किया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर युवा अपने माता-पिता के घरों से अलग होकर स्वतंत्र जीवन शुरू नहीं कर पा रहे हैं।

उन्होंने घरों और किराये की कीमतें कम करने की मांग करते हुए कहा कि वह अपने 53 वर्षीय बेटे के कपड़े धोते-धोते परेशान हो चुकी हैं।

यह टिप्पणी स्पेन में बढ़ती आवास लागत के उस सामाजिक प्रभाव को रेखांकित करती है, जिसमें युवाओं के लिए स्वतंत्र आवास हासिल करना मुश्किल हो रहा है।

प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज पर बढ़ा दबाव

स्पेन के समाजवादी प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज की सरकार पर आवास संकट को लेकर कार्रवाई करने का दबाव बढ़ रहा है। सांचेज ने पिछले साल आवास को सरकार की प्राथमिकता बनाने का वादा किया था।

अबास्कल की बेदखली पर प्रधानमंत्री ने इसे “एक सामाजिक त्रासदी जिसे हम स्वीकार नहीं कर सकते” बताया है।

सरकार अगली कैबिनेट बैठक में उपायों के एक पैकेज को मंजूरी देने की तैयारी कर रही है। इसे “मारिकार्मेन डिक्री” कहा जा रहा है। प्रस्तावित पैकेज में किराये के अनुबंधों का स्वतः नवीनीकरण और बेदखली पर अतिरिक्त प्रतिबंध शामिल होने की उम्मीद है।

हालांकि, इस पैकेज का संसद में पारित होना निश्चित नहीं है। सांचेज की सरकार के पास संसद में पूर्ण बहुमत नहीं है। इससे प्रस्तावित आवास सुधारों के राजनीतिक भविष्य को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है।

पहले भी गिर चुका है आवास संबंधी विधेयक

आवास सुधारों से जुड़ा एक समान विधेयक इस साल की शुरुआत में संसद में खारिज हो चुका है। लेकिन अबास्कल की बेदखली ने राजनीतिक दलों पर कार्रवाई के लिए दबाव बढ़ा दिया है।

प्रदर्शनकारियों और किरायेदार संगठनों का कहना है कि मौजूदा आवास व्यवस्था में ऐसे लोगों को पर्याप्त सुरक्षा नहीं मिल रही है, जो लंबे समय से किराये के घरों में रह रहे हैं।

अबास्कल का मामला इस बहस को और तेज कर रहा है कि किरायेदारों के अधिकारों और संपत्ति मालिकों के अधिकारों के बीच संतुलन किस तरह बनाया जाए।

स्पेन में करीब 7 लाख घरों की कमी

बैंक ऑफ स्पेन के अनुमान के अनुसार करीब 5 करोड़ आबादी वाले देश में लगभग 7 लाख घरों की कमी है। यह अनुमान आवास की मांग और नए घरों के निर्माण के बीच अंतर के आधार पर लगाया गया है।

स्पेन में सार्वजनिक आवास की उपलब्धता भी सीमित है। विश्लेषकों के अनुसार पर्यटन से बढ़ती मांग और आव्रजन से जुड़ी जनसंख्या वृद्धि ने कुछ क्षेत्रों में आवास की मांग को और बढ़ाया है। इसके साथ ही किराये की कीमतों में भी वृद्धि हुई है।

बड़े शहरों और लोकप्रिय पर्यटन क्षेत्रों में आवास की बढ़ती मांग ने किरायेदारों पर दबाव बढ़ाया है। कम आय वाले परिवारों, युवाओं और बुजुर्गों के लिए किराये का घर बनाए रखना कई जगहों पर चुनौती बनता जा रहा है।

2027 चुनाव से पहले आवास संकट अहम मुद्दा

स्पेन में 2027 में आम चुनाव प्रस्तावित हैं। ऐसे में आवास संकट और किराये की बढ़ती कीमतें राजनीतिक बहस का महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकती हैं। मारिकार्मेन अबास्कल की बेदखली ने इस मुद्दे को मानवीय चेहरा दिया है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि लंबे समय से अपने घरों में रह रहे लोगों को अचानक बढ़े किराये या बेदखली के कारण अपना घर छोड़ने की स्थिति में नहीं पहुंचना चाहिए।

सरकार की प्रस्तावित “मारिकार्मेन डिक्री” इस दबाव के बीच अगला महत्वपूर्ण कदम हो सकती है। हालांकि, संसद में सरकार के पास बहुमत नहीं होने के कारण इसके पारित होने के लिए अन्य राजनीतिक दलों का समर्थन आवश्यक होगा।

मैड्रिड में शनिवार का प्रदर्शन इस बात का संकेत है कि स्पेन में आवास का मुद्दा केवल संपत्ति और किराये की कीमतों तक सीमित नहीं रह गया है। यह किरायेदारों की सुरक्षा, बुजुर्गों के अधिकार, युवाओं की स्वतंत्रता और सरकार की आवास नीति से जुड़ा व्यापक सामाजिक मुद्दा बन चुका है।

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