सर्वाइकल कैंसर: हर 8 मिनट में एक महिला की मौत और बचाव का उपाय

भारत में सर्वाइकल कैंसर तेजी से बढ़ रहा है। ICMR के मुताबिक हर 8 मिनट में एक महिला की मौत होती है। HPV वैक्सीन और जांच से जोखिम कम किया जा सकता है।

भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं के लिए तेजी से बढ़ती स्वास्थ्य चुनौती बन गया है। ICMR के आंकड़ों के मुताबिक, हर 8 मिनट में एक महिला की मौत इस बीमारी से हो रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर HPV वैक्सीन, नियमित जांच और जागरूकता से इस खतरे को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

Cervical Cancer Prevention: भारत में सर्वाइकल कैंसर के बढ़ते मामलों ने स्वास्थ्य विशेषज्ञों की चिंता बढ़ा दी है। यह बीमारी महिलाओं को प्रभावित कर रही है और ICMR के अनुसार देश में हर 8 मिनट में एक महिला की मौत इसका शिकार बन रही है। यह कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआती लक्षण साफ नहीं होते, जिससे समय पर पहचान मुश्किल हो जाती है। आरएमएल हॉस्पिटल की डॉक्टरों के मुताबिक, HPV संक्रमण इसका मुख्य कारण है और 9 से 14 साल की उम्र में वैक्सीन लगवाना सबसे प्रभावी बचाव माना जाता है। जागरूकता और समय पर जांच से जोखिम घटाया जा सकता है।

बढ़ते मामलों के बीच चेतावनी

भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में तेजी से बढ़ती गंभीर बीमारी बन चुका है। भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) के आंकड़ों के अनुसार, देश में हर 8 मिनट में एक महिला की मौत सर्वाइकल कैंसर के कारण हो रही है। यह कैंसर धीरे-धीरे बढ़ता है और शुरुआती चरण में इसके लक्षण साफ नहीं दिखाई देते, जिससे समय पर पहचान मुश्किल हो जाती है। विशेषज्ञ मानते हैं कि जागरूकता, समय पर जांच और बचाव के उपाय अपनाने से इस कैंसर से होने वाली मौतों को काफी हद तक रोका जा सकता है।

सर्वाइकल कैंसर: हर 8 मिनट में एक महिला की मौत और बचाव का उपाय

सर्वाइकल कैंसर की वैक्सीन और सही उम्र

आरएमएल हॉस्पिटल की एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. सलोनी चड्ढा के अनुसार, सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए HPV वैक्सीन 9 से 14 साल की उम्र में सबसे प्रभावी होती है। इस उम्र में इम्यूनिटी मजबूत होने के कारण वायरस से सुरक्षा अधिक मिलती है। 15 से 26 साल की उम्र में भी वैक्सीन लगवाई जा सकती है, जबकि 26 साल के बाद डॉक्टर की सलाह पर ही इसे लेना चाहिए। HPV वैक्सीन का मुख्य उद्देश्य इस वायरस से बचाव करना है, जो सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा कारण माना जाता है।

कारण और लक्षण

सर्वाइकल कैंसर का प्रमुख कारण HPV संक्रमण है। इसके अलावा कम उम्र में शादी, बार-बार गर्भधारण, धूम्रपान, कमजोर इम्यूनिटी और नियमित जांच न करवाना जोखिम बढ़ाते हैं। शुरुआती चरण में लक्षण अस्पष्ट होते हैं, लेकिन बाद में असामान्य ब्लीडिंग, पीरियड्स के बीच ब्लीडिंग, इंटरकोर्स के दौरान दर्द, बदबूदार वजाइनल डिस्चार्ज और पेल्विक दर्द जैसे संकेत दिखाई देते हैं।

किन महिलाओं के लिए अधिक खतरनाक

  • HPV संक्रमण वाली महिलाएं
  • नियमित जांच न करवाने वाली महिलाएं
  • धूम्रपान करने वाली महिलाएं
  • कमजोर इम्यूनिटी वाली महिलाएं
  • कम उम्र में शादी या गर्भधारण करने वाली महिलाएं

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