सुल्तानपुर शहर में गणेशोत्सव के सातवें दिन भी श्रद्धा और उत्साह का माहौल बना रहा। शहर के अलग-अलग इलाकों में सजाए गए गणेश पंडालों में सुबह से ही श्रद्धालुओं की आवाजाही जारी रही। कहीं पूजा-अर्चना और आरती हुई तो कहीं भक्तों ने गणपति बप्पा को विदाई देने के लिए विसर्जन यात्रा निकाली। गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन को लेकर शहर के कई हिस्सों में भक्तिमय माहौल देखने को मिला। वहीं दूसरी ओर प्रतिमा विसर्जन और शोभायात्राओं के कारण कुछ प्रमुख रास्तों पर यातायात भी प्रभावित हुआ। सब्जी मंडी क्षेत्र में विसर्जन यात्रा के दौरान एक डीजे वाहन का चक्का टूट गया, जिसके चलते कुछ देर तक जाम की स्थिति बनी रही।
गणेश महोत्सव के दौरान शहर के प्रमुख बाजारों और मोहल्लों में पहले से ही पंडाल सजाए गए थे। मेजरगंज, शाहगंज, चौक, पंचरास्ता, ठठेरीबाजार, गल्लामंडी और नेशनल टॉकीज रोड सहित कई इलाकों में गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ पहुंचती रही। रंग-बिरंगी रोशनी और आकर्षक सजावट से पंडालों को सजाया गया था। सुबह और शाम आरती के साथ भजन-कीर्तन होते रहे और गणपति बप्पा मोरया के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय बना रहा
सातवें दिन कुछ स्थानों पर गणेश प्रतिमाओं को विसर्जन के लिए ले जाया गया। श्रद्धालुओं ने ढोल-नगाड़ों और डीजे की धुन के बीच गणपति की प्रतिमा के साथ यात्रा निकाली। भक्त नाचते-गाते और गणपति बप्पा के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़े। जिन पंडालों में विसर्जन का कार्यक्रम तय था, वहां सुबह से ही तैयारियां शुरू कर दी गई थीं। प्रतिमा को वाहन पर स्थापित करने के बाद श्रद्धालु जुलूस के रूप में विसर्जन स्थल की ओर रवाना हुए।
विसर्जन यात्राओं के कारण शहर के कई मार्गों पर लोगों की आवाजाही बढ़ गई। जहां एक तरफ श्रद्धालुओं के लिए यह धार्मिक उत्सव का हिस्सा था, वहीं दूसरी ओर जुलूस के चलते सड़कों पर वाहनों की रफ्तार प्रभावित हुई। कई स्थानों पर पुलिस और स्थानीय लोगों को यातायात संभालना पड़ा। भीड़ बढ़ने के कारण कुछ जगह वाहनों को धीरे-धीरे आगे बढ़ाया गया, जिससे जाम की स्थिति भी बनी।
सब्जी मंडी क्षेत्र में विसर्जन यात्रा के दौरान डीजे वाहन का चक्का टूटने से स्थिति कुछ देर के लिए और बिगड़ गई। डीजे वाहन के रास्ते में खराब हो जाने के कारण शोभायात्रा की गति रुक गई। पीछे से आने वाले वाहनों और श्रद्धालुओं की भीड़ के कारण सड़क पर आवाजाही प्रभावित हुई। वाहन का चक्का ठीक कराने और रास्ता साफ कराने में समय लगा, जिसके बाद यातायात को आगे बढ़ाया जा सका।
शहर में गणेशोत्सव के दौरान इस बार भी पंडालों में बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। परिवार के साथ महिलाएं, बच्चे और पुरुष भगवान गणेश के दर्शन के लिए पहुंचते रहे। कई स्थानों पर देर रात तक धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। गणेश प्रतिमा के सामने आरती और भजन-कीर्तन के दौरान श्रद्धालुओं की भीड़ जमा होती रही। इससे बाजारों में भी उत्सव जैसा माहौल बना रहा।
गणेशोत्सव के दौरान केवल सार्वजनिक पंडालों में ही नहीं, बल्कि शहर के कई घरों में भी गणपति की स्थापना की गई थी। परिवारों ने निर्धारित दिनों तक भगवान गणेश की पूजा-अर्चना की और इसके बाद अपनी परंपरा के अनुसार प्रतिमा का विसर्जन किया। कई घरों में परिवार के सदस्यों ने मिलकर आरती की और प्रसाद बांटा। बच्चों में भी गणेश उत्सव को लेकर खास उत्साह देखने को मिला।
पंडालों में सजावट और धार्मिक कार्यक्रमों के साथ श्रद्धालुओं की भीड़ ने शहर की रौनक बढ़ा दी। गणेश प्रतिमाओं के दर्शन के लिए आने वाले लोगों के कारण प्रमुख बाजारों में देर शाम तक चहल-पहल रही। दुकानों और आसपास के इलाकों में भी लोगों की आवाजाही बढ़ी रही। कई पंडालों में आयोजकों की ओर से श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था भी की गई।
जिन स्थानों से विसर्जन यात्रा निकली, वहां सुरक्षा और यातायात व्यवस्था भी महत्वपूर्ण रही। प्रतिमा विसर्जन के दौरान बड़ी संख्या में लोग एक साथ सड़क पर निकलते हैं। ऐसे में वाहनों की आवाजाही प्रभावित होने की संभावना रहती है। जुलूस के दौरान लोगों की भीड़ और डीजे वाहनों के कारण कई मार्गों पर वाहनों को रुक-रुककर आगे बढ़ना पड़ा। सब्जी मंडी में डीजे वाहन का चक्का टूटने के बाद यह समस्या कुछ देर के लिए और बढ़ गई।
गणेश उत्सव के दौरान शहर में धार्मिक आस्था के साथ सांस्कृतिक गतिविधियां भी देखने को मिलीं। पंडालों में भजन, कीर्तन, आरती और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए गए। कई जगहों पर बच्चों और युवाओं ने भी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। शाम के समय पंडालों में रोशनी और सजावट के कारण लोगों की भीड़ और बढ़ जाती थी।
विसर्जन के लिए प्रतिमा ले जाते समय श्रद्धालु लगातार गणपति बप्पा मोरया के जयकारे लगाते रहे। कई स्थानों पर ढोल-नगाड़ों के साथ भक्त नृत्य करते हुए आगे बढ़े। प्रतिमा विसर्जन को लेकर श्रद्धालुओं में उत्साह के साथ भावुकता भी देखने को मिली। पूजा के बाद प्रतिमा को विदाई देते समय लोगों ने सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
शहर के जिन पंडालों में अभी प्रतिमा स्थापित है, वहां धार्मिक कार्यक्रम जारी रहने की संभावना है। अलग-अलग आयोजक अपनी परंपरा और निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार प्रतिमा विसर्जन कर रहे हैं। इसी कारण सभी स्थानों पर विसर्जन एक ही दिन नहीं हो रहा है। कुछ पंडालों से सातवें दिन ही प्रतिमा को विदाई दी गई, जबकि अन्य स्थानों पर बाद की तिथियों में विसर्जन कार्यक्रम हो सकता है।
गणेश उत्सव के दौरान बाजारों में बढ़ी भीड़ का असर यातायात पर भी दिखाई दिया। शाम के समय सामान्य दिनों की तुलना में अधिक लोग बाजारों में पहुंचे। इसके अलावा विसर्जन यात्राओं के कारण कई मार्गों पर कुछ समय के लिए यातायात धीमा रहा। सब्जी मंडी क्षेत्र में डीजे वाहन खराब होने के बाद जाम की स्थिति बनने से लोगों को अतिरिक्त परेशानी का सामना करना पड़ा।
हालांकि जाम की स्थिति स्थायी नहीं रही और वाहन को रास्ते से हटाने या ठीक करने के बाद यातायात को आगे बढ़ाया गया। स्थानीय लोगों और यात्रा में शामिल लोगों ने मिलकर रास्ता खाली कराने में मदद की। इस दौरान वाहन चालकों को भीड़ के कारण कुछ समय इंतजार करना पड़ा।
गणेशोत्सव के दौरान धार्मिक आयोजनों के साथ शहर की व्यवस्था बनाए रखना भी प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण रहा। पंडालों और विसर्जन यात्राओं वाले रास्तों पर भीड़ के कारण यातायात प्रबंधन की जरूरत बनी रही। आयोजकों की ओर से भी श्रद्धालुओं से यात्रा के दौरान व्यवस्था बनाए रखने और एक-दूसरे का सहयोग करने की अपील की जाती रही।
सुल्तानपुर में गणेश महोत्सव के दौरान पहले से ही पंडालों में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ पहुंच रही थी। सुबह की आरती से लेकर देर रात तक धार्मिक आयोजन चलते रहे। पंडालों में भगवान गणेश के शृंगार और पूजा के साथ भजन-कीर्तन भी आयोजित किए गए। इससे शहर के कई हिस्सों में लगातार उत्सव का माहौल बना रहा।
अब गणेशोत्सव के अंतिम चरण की ओर बढ़ने के साथ अलग-अलग पंडालों से प्रतिमाओं के विसर्जन का सिलसिला तेज होगा। विसर्जन यात्राओं के दौरान शहर में भीड़ और यातायात बढ़ने की संभावना बनी रहेगी। ऐसे में लोगों को यात्रा के दौरान निर्धारित मार्गों और स्थानीय व्यवस्था का पालन करने की जरूरत होगी। वहीं आयोजकों के लिए भीड़ को नियंत्रित करना और डीजे या अन्य वाहनों के साथ सुरक्षित तरीके से यात्रा निकालना महत्वपूर्ण रहेगा।
सातवें दिन सुल्तानपुर शहर में गणेशोत्सव की रौनक अपने चरम पर दिखाई दी। एक ओर पंडालों में पूजा और दर्शन के लिए श्रद्धालु जुटते रहे, वहीं दूसरी ओर कई स्थानों से गणेश प्रतिमाओं को विदाई दी गई। सब्जी मंडी में डीजे के चक्का टूटने से कुछ समय के लिए जाम जरूर लगा, लेकिन इसके बावजूद शहर में उत्सव का माहौल बना रहा। आने वाले दिनों में अन्य पंडालों से भी गणपति प्रतिमाओं के विसर्जन के साथ गणेशोत्सव का समापन होगा।










