उत्तर प्रदेश के सुल्तानपुर में नायब तहसीलदार और दो लेखपालों पर हमले के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। बुधवार सुबह पुलिस ने अलग-अलग इलाकों में दो मुठभेड़ों के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनमें तीन आरोपियों के पैर में गोली लगी है। घायलों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से अवैध हथियार, कारतूस और वाहन भी बरामद किए हैं। इस कार्रवाई के बाद अवैध खनन के कारोबार और राजस्व टीम पर हमला करने वालों के खिलाफ पुलिस ने शिकंजा कसना शुरू कर दिया है।
पूरा मामला सुल्तानपुर के कोतवाली नगर क्षेत्र के अमिलिया कला गांव का है। सोमवार देर रात इलाके में अवैध खनन की सूचना मिलने के बाद एसडीएम सदर ने नायब तहसीलदार धर्मेंद्र कुमार यादव को राजस्व टीम के साथ मौके पर भेजा था। टीम में दो लेखपाल भी शामिल थे। अधिकारियों का उद्देश्य मौके पर पहुंचकर अवैध खनन की गतिविधियों को रोकना और जांच करना था। बताया गया कि टीम के पहुंचने की जानकारी मिलते ही खनन में लगे लोग वहां से भागने लगे।
इसी दौरान आरोपियों ने राजस्व टीम को घेर लिया और उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। हमले में नायब तहसीलदार धर्मेंद्र यादव गंभीर रूप से घायल हो गए। उनके पैर में फ्रैक्चर हो गया, जबकि दोनों लेखपालों को भी चोटें आईं। घटना के बाद घायल अधिकारियों ने प्रशासन को सूचना दी। पुलिस बल मौके पर पहुंचा और घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया। मामले में हत्या के प्रयास समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
राजस्व टीम पर हमले के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमें गठित की थीं। बुधवार सुबह करीब पांच बजे कोतवाली नगर क्षेत्र के खैंचिला इलाके में पुलिस और आरोपियों के बीच पहली मुठभेड़ हुई। पुलिस के मुताबिक, इस दौरान अमिलिया कला निवासी राहुल सिंह के पैर में गोली लगी। पुलिस ने उसे घायल अवस्था में गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ मौजूद नौशाद और मनोज सिंह को भी पकड़ लिया गया। तीनों के कब्जे से .32 बोर की पिस्टल, कारतूस और स्कॉर्पियो बरामद की गई।
पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार राहुल सिंह के खिलाफ जिले के अलग-अलग थानों में करीब 10 आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें हत्या के प्रयास, गैंगस्टर और अन्य गंभीर धाराओं से जुड़े मामले शामिल बताए गए हैं। पुलिस ने अवैध खनन में इस्तेमाल होने वाले चार डंपरों को भी बरामद या जब्त करने की कार्रवाई की है। इन वाहनों की भूमिका और खनन गतिविधियों में इनके इस्तेमाल की जांच की जा रही है। पहली मुठभेड़ के कुछ घंटे बाद बुधवार सुबह करीब 8:45 बजे अखंडनगर थाना क्षेत्र में पुलिस की दूसरी मुठभेड़ हुई। पुलिस के अनुसार, यहां दो वांछित आरोपी पुलिस टीम को देखकर भागने की कोशिश कर रहे थे। इस दौरान हुई जवाबी कार्रवाई में दोनों के पैर में गोली लग गई। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया। उनकी पहचान अमिलिया कला निवासी संदीप सिंह और गोसाईंगंज क्षेत्र के नकहा महमूदपुर निवासी प्रशांत सिंह के रूप में हुई है।
दूसरी मुठभेड़ के बाद पुलिस ने मौके से दो देशी हथियार, कारतूस और बिना नंबर प्लेट की काली थार बरामद की। पुलिस संदीप सिंह के खिलाफ पहले से छह आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की बात कह रही है। दोनों घायल आरोपियों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। इस तरह दोनों मुठभेड़ों में कुल पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें तीन गोली लगने से घायल हुए हैं।
इस घटना के बाद सुल्तानपुर प्रशासन ने अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। राजस्व टीम पर हमले को सरकारी कर्मचारियों के काम में बाधा डालने और उनकी सुरक्षा से जुड़े गंभीर मामले के रूप में देखा जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि अवैध खनन के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि आरोपियों को किसका संरक्षण प्राप्त था और खनन में इस्तेमाल होने वाले वाहनों का संचालन कौन कर रहा था।
पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। प्रशासन की ओर से अवैध खनन पर रोक लगाने और सरकारी टीमों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आगे की कार्रवाई की जा रही है। इस घटना ने जिले में अवैध खनन के कारोबार और उसे रोकने पहुंचने वाले अधिकारियों की सुरक्षा को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।









