सुल्तानपुर में तीन नाबालिग छात्राओं के अचानक लापता होने से परिवार और पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। तीनों छात्राएं स्कूल जाने के बाद घर वापस नहीं लौटीं। परिजनों ने काफी तलाश की, लेकिन जब कोई जानकारी नहीं मिली तो पुलिस को सूचना दी गई। मामला सामने आते ही सुल्तानपुर पुलिस ने बिना समय गंवाए उनकी तलाश शुरू कर दी। पुलिस ने संभावित रास्तों, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल फोन से मिले सुरागों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। कुछ ही घंटों में पुलिस को पता चला कि तीनों छात्राएं वाराणसी पहुंच चुकी हैं। इसके बाद वाराणसी पुलिस की मदद से उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस टीम करीब पांच घंटे के भीतर तीनों को उनके परिजनों के पास वापस ले आई।
मामला सुल्तानपुर के कादीपुर कोतवाली क्षेत्र का है। रिपोर्ट के मुताबिक तीनों छात्राएं कादीपुर खुर्द क्षेत्र की रहने वाली हैं और मंगलवार को स्कूल गई थीं। स्कूल की छुट्टी के बाद तीनों अपने घर नहीं पहुंचीं। परिजनों ने पहले आसपास के इलाकों, रिश्तेदारों और परिचितों के यहां जानकारी की, लेकिन छात्राओं का पता नहीं चला। इसके बाद परिवार की चिंता बढ़ गई और पुलिस को सूचना दी गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने तत्काल संज्ञान लिया और छात्राओं की सकुशल बरामदगी के लिए पुलिस टीम को सक्रिय किया।
पुलिस ने छात्राओं की तलाश शुरू करते हुए उनके आने-जाने वाले संभावित रास्तों की जानकारी जुटाई। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और मोबाइल फोन से मिलने वाली जानकारी को भी जांच का हिस्सा बनाया गया। पुलिस अधिकारियों की निगरानी में टीम लगातार सुराग तलाशती रही। इसी दौरान फोन से पुलिस को महत्वपूर्ण जानकारी मिली, जिससे पता चला कि तीनों छात्राएं सुल्तानपुर से निकलकर वाराणसी पहुंच गई हैं। इसके बाद सुल्तानपुर पुलिस ने वाराणसी पुलिस से संपर्क किया और वहां उनकी तलाश तेज की गई।
जानकारी मिलने के कुछ ही समय बाद तीनों छात्राएं वाराणसी कैंट रेलवे स्टेशन पर सुरक्षित मिल गईं। रिपोर्ट के मुताबिक पुलिस को छात्राएं स्टेशन पर एक स्टॉल के पास मिलीं। वाराणसी पुलिस ने उन्हें सुरक्षित अपनी निगरानी में लिया और इस बात की जानकारी सुल्तानपुर पुलिस को दी। इसके बाद सुल्तानपुर से पुलिस टीम और परिवार के सदस्य वाराणसी के लिए रवाना हुए। बच्चियों के सुरक्षित मिलने की खबर जैसे ही परिजनों को मिली, उनकी चिंता कुछ कम हुई और उन्होंने राहत की सांस ली।
पुलिस के मुताबिक पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि रक्षाबंधन के मौके पर उन्हें नेग के तौर पर कुछ पैसे मिले थे। तीनों ने उन पैसों से घूमने का मन बनाया था। इसी इच्छा के चलते वे घरवालों को बताए बिना निकल गईं। बताया गया कि वे पहले बस से सुल्तानपुर पहुंचीं और इसके बाद ट्रेन से वाराणसी चली गईं। हालांकि, नाबालिग होने के कारण इतनी दूर अकेले पहुंच जाना परिवार के लिए चिंता का बड़ा कारण बन गया।
वाराणसी पहुंचने के बाद तीनों छात्राएं कैंट रेलवे स्टेशन पर थीं। इसी दौरान पुलिस की सक्रियता से उनकी लोकेशन का पता चला और उन्हें सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पुलिस ने यह सुनिश्चित किया कि छात्राओं को किसी तरह का नुकसान न हुआ हो। इसके बाद सुल्तानपुर पुलिस की टीम वाराणसी पहुंची और आवश्यक प्रक्रिया पूरी करने के बाद तीनों को अपने साथ लेकर वापस आई। करीब पांच घंटे के भीतर छात्राओं की सुरक्षित बरामदगी पुलिस के लिए बड़ी राहत रही।
इस घटना में पुलिस की त्वरित कार्रवाई इसलिए भी महत्वपूर्ण रही क्योंकि नाबालिग बच्चों के घर से अचानक चले जाने के बाद शुरुआती कुछ घंटे बेहद अहम होते हैं। पुलिस ने सूचना मिलने के बाद संभावित रास्तों और तकनीकी सुरागों पर तेजी से काम किया। स्थानीय स्तर पर जानकारी जुटाने के साथ ही वाराणसी पुलिस से समन्वय किया गया। दोनों जिलों की पुलिस के बीच बेहतर तालमेल के कारण छात्राओं तक जल्द पहुंचने में मदद मिली।
पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी कादीपुर विनय गौतम और थाना प्रभारी मामले की लगातार निगरानी करते रहे। पुलिस टीम ने छात्राओं के स्कूल पहुंचकर भी जानकारी जुटाई और यह पता लगाने का प्रयास किया कि वे स्कूल से निकलने के बाद किस दिशा में गई थीं। इसके साथ ही रास्ते में लगे कैमरों और उपलब्ध तकनीकी जानकारी को खंगाला गया। इन प्रयासों से पुलिस को छात्राओं के वाराणसी पहुंचने का सुराग मिला।
छात्राओं के वाराणसी में होने की पुष्टि होने के बाद सुल्तानपुर पुलिस ने वहां की पुलिस से संपर्क किया। वाराणसी पुलिस ने भी तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टेशन क्षेत्र में उनकी तलाश की। छात्राओं के मिलने के बाद पुलिस ने उनके पिता से फोन पर बातचीत भी कराई। परिजनों ने अपनी बेटियों से बात की तो उनकी चिंता काफी कम हुई। इसके बाद सुल्तानपुर से पुलिस टीम वाराणसी पहुंची और तीनों छात्राओं को सुरक्षित वापस लेकर आई।
इस पूरे मामले में यह भी सामने आया कि रक्षाबंधन के दौरान मिले पैसों को लेकर तीनों ने घूमने की योजना बनाई थी। बच्चों के मन में घूमने की इच्छा होना सामान्य बात है, लेकिन बिना किसी बड़े को बताए घर से दूर निकल जाना उनके लिए जोखिम भरा हो सकता है। खासकर जब बच्चे नाबालिग हों और उन्हें रास्ते, यात्रा तथा अनजान शहर की परिस्थितियों की पूरी जानकारी न हो। ऐसे में अभिभावकों के लिए भी यह घटना एक जरूरी सावधानी का संकेत देती है कि बच्चों के साथ यात्रा और बाहर जाने को लेकर लगातार संवाद बनाए रखना जरूरी है।
परिजनों ने बताया कि छात्राओं के अचानक घर नहीं पहुंचने के बाद परिवार में घबराहट का माहौल बन गया था। उन्हें आशंका थी कि कहीं उनके साथ कोई अनहोनी तो नहीं हुई। पुलिस को सूचना देने के बाद तलाश शुरू हुई और कुछ ही समय में वाराणसी से उनके सुरक्षित मिलने की जानकारी मिली। छात्राओं के घर लौटने के बाद परिवार ने राहत की सांस ली। पुलिस की त्वरित कार्रवाई की भी सराहना की गई।
फिलहाल पुलिस इस बात की भी जानकारी जुटा रही है कि तीनों छात्राएं घर से निकलने के बाद किस तरह वाराणसी तक पहुंचीं और यात्रा के दौरान किन परिस्थितियों से गुजरीं। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक उन्होंने घूमने के उद्देश्य से खुद वाराणसी जाने का फैसला किया था। पुलिस ने छात्राओं को सुरक्षित बरामद करने के बाद उन्हें उनके परिजनों के सुपुर्द कर दिया है।
सुल्तानपुर पुलिस की इस कार्रवाई को बच्चों की गुमशुदगी के मामलों में त्वरित रिस्पॉन्स के उदाहरण के तौर पर देखा जा रहा है। इससे पहले भी जिले में पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत लापता बच्चों को कम समय में खोजकर परिजनों तक पहुंचाया है। जुलाई 2025 में भी सुल्तानपुर पुलिस ने पांच वर्षीय बच्चे को करीब तीन घंटे में बरामद कर उसके परिवार को सौंपा था।
तीनों छात्राओं के सुरक्षित मिलने के बाद अब मामले में सबसे महत्वपूर्ण बात यही है कि वे बिना बताए घर से इतनी दूर क्यों चली गईं और यात्रा के दौरान उनकी सुरक्षा कैसे सुनिश्चित हुई। हालांकि पुलिस की कार्रवाई से फिलहाल परिवार को बड़ी राहत मिली है। छात्राओं को सुरक्षित उनके घर पहुंचा दिया गया है और मामले से जुड़े बाकी पहलुओं की जानकारी पुलिस जुटा रही है।
इस घटना ने एक बार फिर यह भी दिखाया कि किसी बच्चे के अचानक लापता होने की स्थिति में परिवार को समय गंवाए बिना पुलिस को सूचना देनी चाहिए। शुरुआती घंटों में पुलिस को दी गई जानकारी, मोबाइल फोन, सीसीटीवी और संभावित यात्रा मार्गों की जांच से बच्चे तक जल्दी पहुंचने में मदद मिल सकती है। इस मामले में भी यही हुआ। सुल्तानपुर पुलिस ने सूचना मिलते ही तलाश शुरू की, वाराणसी पुलिस से संपर्क किया और करीब पांच घंटे में तीनों छात्राओं को सुरक्षित बरामद कर लिया।
रक्षाबंधन के नेग में मिले पैसों से घूमने की इच्छा पूरी करने के लिए घर से निकलीं तीनों छात्राओं की यह यात्रा परिवार के लिए चिंता का कारण बन गई थी। हालांकि पुलिस की तत्परता से मामला किसी अनहोनी में बदलने से पहले ही खत्म हो गया। वाराणसी से सुरक्षित बरामद होने के बाद तीनों को सुल्तानपुर लाकर परिजनों को सौंप दिया गया। अब पुलिस छात्राओं के घर से निकलने से लेकर वाराणसी पहुंचने तक की पूरी जानकारी जुटा रही है, ताकि घटना के सभी पहलुओं को स्पष्ट किया जा सके।










