Swara Bhasker ने तालिबान के महिलाओं विरोधी नए कानून पर जताई नाराजगी, बोलीं- 'क्रूर और राक्षस...'

अभिनेत्री Swara Bhasker ने तालिबान द्वारा लागू किए गए महिलाओं विरोधी नए कानून की आलोचना की और इसे 'क्रूर और राक्षस' करार दिया। जानें Swara Bhasker की

अफगानिस्तान में तालिबान के नए कानून ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हलचल मचा दी है और Swara Bhasker ने इसे लेकर तीखी प्रतिक्रिया दी है। नए कानून के तहत पुरुषों को अपनी पत्नियों को पीटने की खुली छूट दी गई है, बशर्ते हड्डी न टूटे और कोई खुला जख्म न दिखे।

एंटरटेनमेंट न्यूज़: अपने बेबाक और बिंदास अंदाज के लिए जानी जाने वाली Swara Bhasker ने महिलाओं के खिलाफ तालिबान के नए कानून पर कड़ा ऐतराज जताया है। इस कानून में महिलाओं को मारने की शर्तों के साथ खुली छूट दी गई है, जो पूरी दुनिया में चर्चा का विषय बन गई है। स्वरा भास्कर ने तालिबान को मानव जाति के “सबसे घिनौने नमूनों” में से एक बताते हुए उन्हें राक्षस तक कहा। अफगानिस्तान में तालिबान के शासन के बाद महिलाओं पर अत्यधिक सख्ती बरती जा रही है और उनकी स्थिति लगातार बद से बदतर होती जा रही है।

तालिबान के नए कानून के तहत, एक पति को पत्नी को मारने-पीटने की छूट दी गई है, बशर्ते हड्डी न टूटे और कोई खुला घाव न रह जाए। यानी अगर चोट बाहरी रूप से स्पष्ट नहीं है, तो यह हिंसा कानूनी रूप से जायज मानी जाएगी। इस कानून पर विश्व स्तर पर गंभीर चिंता और आलोचना हो रही है।

तालिबान का नया कानून क्या कहता है?

तालिबान ने अपने नेता Hibatullah Akhundzada द्वारा साइन की गई 90 पेज की नई दंड संहिता लागू की है। इस संहिता के तहत महिलाओं को घरेलू हिंसा के खिलाफ शिकायत करने का अधिकार तो है, लेकिन इसके लिए कड़ी शर्तें रखी गई हैं:

  • महिला को पति या किसी गार्जियन के साथ कोर्ट में उपस्थित होना होगा।
  • अदालत में अपने खुले घाव दिखाने होंगे।
  • अगर महिला साबित कर देती है कि पति ने हमला किया, तो पति को 15 साल तक की जेल हो सकती है।
  • यदि हड्डी नहीं टूटी और कोई जख्म नहीं दिख रहा, तो मारना जायज है और सजा नहीं।

इस कानून को अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों ने भी “महिलाओं के खिलाफ अभूतपूर्व और क्रूर” बताया है।

Swara Bhasker ने तालिबान के महिलाओं विरोधी नए कानून पर जताई नाराजगी, बोलीं- 'क्रूर और राक्षस...'

स्वरा भास्कर की प्रतिक्रिया

स्वरा भास्कर ने इंस्टाग्राम स्टोरी में लिखा:

'विश्वास नहीं होता। सच कहूं तो तालिबान मानव जाति के सबसे घिनौने नमूनों में से एक है। निर्दयी और क्रूर, बिलकुल राक्षस। यह मानवता और उस धर्म का अपमान है, जिसका वो प्रतिनिधित्व करने का दावा करते हैं। बेहद घृणित।'

स्वरा ने अपने बयानों में तालिबान के अत्याचारों और महिलाओं के खिलाफ उनके नीति निर्णयों को दुनिया के सामने उजागर किया।

स्वरा भास्कर और उनके विवाद

स्वरा भास्कर पहले भी अपने बेबाक बयानों के लिए सुर्खियों में रही हैं।

  • 2021 में तालिबान और हिंदुत्व आतंकवाद पर बयान: उन्होंने ट्वीट कर कहा था कि "हम हिंदुत्व आतंकवाद के साथ ठीक नहीं हो सकते और तालिबान आतंक से सभी हैरान हैं।"
  • 2025 में गाजा हमले पर समर्थन: उन्होंने फिलिस्तीन का समर्थन करते हुए इजरायल के गाजा हमले की आलोचना की।
  • भारतीय सेना और पाकिस्तान पर विवाद: उन्होंने भारतीय सेना की आलोचना की और पाकिस्तान की तारीफ करते हुए कहा था कि यह देश लंदन, लाहौर और न्यू यॉर्क से बेहतर है। बाद में फिल्म 'वीरे दी वेडिंग' पाकिस्तान में बैन हुई, जिसके बाद उन्होंने पाकिस्तान के शरिया कानून पर टिप्पणी की।

इन सभी विवादों के कारण स्वरा भास्कर का नाम अक्सर वैश्विक मीडिया में सामने आता रहा है। तालिबान का यह नया कानून केवल अफगान महिलाओं के जीवन को ही प्रभावित नहीं करता, बल्कि पूरे वैश्विक समुदाय में चिंता का विषय बन गया है। महिला अधिकारों और मानवाधिकारों के संगठनों ने इसे गंभीर रूप से लिया है और दुनिया भर के नेताओं से इसका विरोध करने की अपील की है। 

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