सीरिया में तख्तापलट के बाद स्थिति तनावपूर्ण है। भारतीय दूतावास दमिश्क में काम कर रहा है और वहां फंसे भारतीय नागरिकों से संपर्क बनाए हुए है।
Syria News: सीरिया में विद्रोही समूहों ने दमिश्क पर नियंत्रण कर लिया है, जिससे राष्ट्रपति बशर अल-असद की सरकार का अंत हुआ है। विद्रोही ताकतों ने असद शासन को उखाड़ फेंका है और असद परिवार ने मास्को में शरण ली है। यह घटनाक्रम सीरिया में तख्तापलट के बाद बिगड़ते हालात की एक नई दिशा है।
भारतीय दूतावास की स्थिति
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दमिश्क में भारतीय दूतावास अब भी सक्रिय है और सभी भारतीय नागरिकों के संपर्क में है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, सीरिया में लगभग 90 भारतीय नागरिक हैं, जिनमें से 14 संयुक्त राष्ट्र संगठनों में कार्यरत हैं। दूतावास भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए उपलब्ध है। मंत्रालय ने भारतीय नागरिकों को सलाह दी है कि वे अपनी सुरक्षा को प्राथमिकता दें और स्थानीय निर्देशों का पालन करें।
अमेरिका का बयान
सीरिया के अपदस्थ राष्ट्रपति बशर अल-असद के शासन का पतन अमेरिकी राष्ट्रपति जो बाइडन ने एक ऐतिहासिक मोड़ बताया है। बाइडन ने कहा कि सीरिया में पिछले 13 वर्षों के गृहयुद्ध और 50 वर्षों के क्रूर शासन के बाद विद्रोही समूहों ने असद को इस्तीफा देने और देश छोड़ने पर मजबूर किया है। बाइडन ने कहा कि असद और उनके परिवार की स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है, लेकिन रिपोर्ट्स के अनुसार, वे रूस की राजधानी मॉस्को में हैं।
विद्रोह का प्रभाव
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सीरिया में विद्रोही समूहों के सत्ता में आने के बाद, स्थिति और अधिक जटिल हो गई है। विद्रोही ताकतों का असद शासन का अंत करने का कदम राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता को बढ़ा सकता है। हालांकि विद्रोही अब सत्ता में हैं, लेकिन सुरक्षा और स्थिरता की बहाली के लिए संघर्ष जारी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बदलाव सीरिया के भविष्य के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ हो सकता है, हालांकि इसके प्रभाव अभी भी लंबी अवधि में स्पष्ट होंगे।








