टाटा स्टील कर्मचारियों को मिलेगा 315 करोड़ रुपये का बोनस, 11 सितंबर को खातों में आएगी राशि

टाटा स्टील के 11,021 कर्मचारियों को ₹315 करोड़ का बोनस मिलेगा। बोनस राशि 11 सितंबर को खातों में आएगी। कंपनी के FY26 मुनाफे से कर्मचारियों को लाभ हुआ।

टाटा स्टील ने कर्मचारियों के लिए 315 करोड़ रुपये के बोनस समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं। जमशेदपुर प्लांट और ट्यूब डिवीजन के 11,021 कर्मचारियों को 11 सितंबर को बोनस राशि बैंक खातों में मिलेगी।

जमशेदपुर: टाटा स्टील में कर्मचारियों के बोनस समझौते पर गुरुवार को हस्ताक्षर हो गया। कंपनी इस वर्ष 315 करोड़ रुपये का बोनस वितरित करेगी। टाटा स्टील जमशेदपुर प्लांट और ट्यूब डिवीजन के 11,021 कर्मचारी बोनस के दायरे में आएंगे। बोनस की राशि 11 सितंबर को कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। कंपनी के वित्तीय वर्ष 2025-26 के 10,886 करोड़ रुपये के शुद्ध मुनाफे का भी कर्मचारियों को लाभ मिला है।

315 करोड़ रुपये के बोनस समझौते पर हस्ताक्षर

टाटा स्टील के बोर्ड रूम में कंपनी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन और उप श्रम आयुक्त अरविंद कुमार की मौजूदगी में टाटा वर्कर्स यूनियन के नेतृत्व ने त्रिपक्षीय बोनस समझौते पर हस्ताक्षर किए। समझौते के तहत कर्मचारियों के बीच कुल 315 करोड़ रुपये बोनस के रूप में वितरित किए जाएंगे।

टाटा स्टील कर्मचारियों को मिलेगा 315 करोड़ रुपये का बोनस, 11 सितंबर को खातों में आएगी राशि

जमशेदपुर प्लांट और ट्यूब डिवीजन के 11,021 कर्मचारियों को इस समझौते का लाभ मिलेगा। इस वर्ष कर्मचारियों को औसतन करीब 1.49 लाख रुपये बोनस मिलने की बात कही गई है। ओल्ड सीरीज ग्रेड के कर्मचारियों को अधिकतम 4,45,512 रुपये और न्यूनतम करीब 39,012 रुपये बोनस मिलेगा। वहीं, एनएस ग्रेड के कर्मचारियों को निर्धारित फार्मूले के अनुसार बोनस राशि दी जाएगी।

बोनस की पूरी राशि 11 सितंबर को कर्मचारियों के बैंक खातों में भेजी जाएगी। समझौते के बाद कर्मचारियों में बोनस को लेकर उत्साह है।

10,886 करोड़ रुपये के मुनाफे से बोनस की गणना

टाटा स्टील को वित्तीय वर्ष 2025-26 में 10,886 करोड़ रुपये का शुद्ध मुनाफा हुआ। अन्य परिसंपत्तियों को जोड़ने के बाद बोनस गणना के लिए शुद्ध लाभ की राशि 11,035.24 करोड़ रुपये रही।

पुराने बोनस फार्मूले के आधार पर कर्मचारियों के लिए करीब 314.53 करोड़ रुपये बोनस बन रहा था। हालांकि, कंपनी के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक टीवी नरेंद्रन की पहल पर इस राशि को राउंड फिगर करते हुए 315 करोड़ रुपये कर दिया गया।

टाटा स्टील में बोनस का निर्धारण मुनाफा, बिक्री, स्टील उत्पादकता और सुरक्षा जैसे विभिन्न मानकों को शामिल करते हुए तय फार्मूले के आधार पर किया जाता है। इस बार उत्पादकता के आंकड़े ने भी बोनस राशि बढ़ाने में भूमिका निभाई।

उत्पादकता बढ़ने से 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि

पूर्व में टाटा स्टील में अधिकतम 600 टन प्रति कर्मचारी प्रतिवर्ष उत्पादकता के आधार पर उत्पादकता मद में 90 करोड़ रुपये बोनस का प्रावधान था। इस वर्ष कर्मचारियों की उत्पादकता बढ़कर 675 मीट्रिक टन प्रति कर्मचारी प्रतिवर्ष हो गई।

उत्पादकता में इस बढ़ोतरी के बाद कंपनी प्रबंधन ने बोनस फार्मूले को रिवाइज किया और उत्पादकता मद में 10 करोड़ रुपये की अतिरिक्त राशि जोड़ी। इसका सीधा लाभ कर्मचारियों को बोनस के रूप में मिला।

यूनियन नेतृत्व के अनुसार, कोविड-19 के बाद यह अब तक का दूसरा सबसे अधिक बोनस है। बोनस समझौते पर सहमति बनने और भुगतान की तारीख तय होने के बाद कर्मचारियों के बीच खुशी का माहौल है।

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