टाटा स्टील ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली JFSPL में 100% हिस्सेदारी ₹100 में Churchill Brothers Sports Club को बेचने की मंजूरी दी है। सौदे में ISL लाइसेंस, खिलाड़ी और कोचों के कॉन्ट्रैक्ट भी शामिल हैं।
Business: टाटा स्टील ने अपनी पूर्ण स्वामित्व वाली सहायक कंपनी जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड में पूरी 100% हिस्सेदारी चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब को ट्रांसफर करने का फैसला किया है। कंपनी की ओर से यह सौदा महज ₹100 के मामूली प्रतिफल पर किया जाएगा। इसके साथ JFSPL का ISL लाइसेंस और कुछ खिलाड़ियों व कोचों के कॉन्ट्रैक्ट भी ट्रांसफर होंगे।
₹100 में ट्रांसफर होगी JFSPL की पूरी हिस्सेदारी
टाटा स्टील ने जमशेदपुर फुटबॉल एंड स्पोर्टिंग प्राइवेट लिमिटेड यानी JFSPL में अपनी पूरी हिस्सेदारी बेचने का फैसला किया है। कंपनी के बोर्ड ने 14 अगस्त 2026 को हुई बैठक में 100 प्रतिशत इक्विटी हिस्सेदारी को चर्चिल ब्रदर्स स्पोर्ट्स क्लब प्राइवेट लिमिटेड को ट्रांसफर करने की मंजूरी दी।

इस सौदे की सबसे खास बात इसकी कीमत है। टाटा स्टील अपनी पूरी हिस्सेदारी महज ₹100 के मामूली प्रतिफल पर ट्रांसफर कर रही है। टाटा स्टील के पास JFSPL के 4.08 करोड़ इक्विटी शेयर हैं, जिनकी फेस वैल्यू ₹10 प्रति शेयर है।
शेयर बाजार को दी गई जानकारी के अनुसार, यह सौदा कुछ पूर्व-निर्धारित शर्तों के पूरा होने पर निर्भर है। हिस्सेदारी ट्रांसफर की संभावित तारीख 31 अगस्त 2026 बताई गई है।
ISL लाइसेंस और खिलाड़ियों के कॉन्ट्रैक्ट भी होंगे ट्रांसफर
सौदे के तहत केवल JFSPL का मालिकाना हक ही नहीं बदलेगा, बल्कि इंडियन सुपर लीग यानी ISL से संबंधित लाइसेंस भी चर्चिल ब्रदर्स को ट्रांसफर किया जाएगा। इसके अलावा 12 खिलाड़ियों और दो कोचों के कॉन्ट्रैक्ट भी नए क्लब को सौंपे जाएंगे।
यह बदलाव सितंबर 2026 से प्रभावी होने की उम्मीद है। इससे मौजूदा खिलाड़ियों और कोचों को अपने फुटबॉल करियर को जारी रखने का अवसर मिलेगा। टाटा स्टील ने कहा है कि इस बदलाव के दौरान खिलाड़ियों और कोचों की निरंतरता को ध्यान में रखा गया है।
चर्चिल ब्रदर्स गोवा का जाना-पहचाना फुटबॉल क्लब है। इसके मालिक और प्रमुख चर्चिल अलेमाओ हैं। उनकी बेटी वालंका अलेमाओ क्लब की CEO के तौर पर काम करती हैं। इसी वजह से इस सौदे को लेकर फुटबॉल जगत में भी चर्चा बनी हुई है।
टाटा स्टील ने क्यों बेचा फुटबॉल क्लब?
टाटा स्टील ने संकेत दिया है कि कंपनी अब अपने फुटबॉल कार्यक्रम में ग्रासरूट और युवा प्रतिभाओं के विकास पर ज्यादा ध्यान केंद्रित करेगी। कंपनी के कॉर्पोरेट सर्विसेज के वाइस प्रेसिडेंट डी. बी. सुंदरा रामम के अनुसार, चर्चिल ब्रदर्स का भारतीय फुटबॉल में लंबा इतिहास रहा है और इस समझौते से खिलाड़ियों तथा कोचों को क्लब फुटबॉल जारी रखने का अवसर मिलेगा।
कंपनी ने यह भी कहा है कि वह अपने स्पोर्ट्स इंफ्रास्ट्रक्चर को बनाए रखेगी और उसे ग्रासरूट फुटबॉल तथा एथलीट डेवलपमेंट के लिए इस्तेमाल करेगी। टाटा फुटबॉल अकादमी के जरिए युवा खिलाड़ियों को तैयार करने का काम भी जारी रहेगा।
JFSPL का टर्नओवर ₹32.23 करोड़
टाटा स्टील की एक्सचेंज फाइलिंग के अनुसार वित्त वर्ष 2025-26 में JFSPL का टर्नओवर ₹32.23 करोड़ रहा। यह टाटा स्टील के कुल टर्नओवर का लगभग 0.01 प्रतिशत है। 31 मार्च 2026 को कंपनी की नेटवर्थ करीब ₹5.8 करोड़ नकारात्मक थी।
टाटा स्टील ने स्पष्ट किया है कि JFSPL में अपनी 100 प्रतिशत हिस्सेदारी का यह ट्रांसफर किसी Scheme of Arrangement का हिस्सा नहीं है। यानी यह सौदा कंपनी की सामान्य कॉर्पोरेट पुनर्गठन प्रक्रिया के तहत नहीं किया जा रहा है।
अब सौदे की बाकी शर्तें पूरी होने के बाद JFSPL का नियंत्रण चर्चिल ब्रदर्स के पास चला जाएगा। इसके साथ क्लब से जुड़े ISL अधिकार, खिलाड़ी और कोचों के अनुबंध भी नए प्रबंधन के अधीन आ जाएंगे।










