तेलंगाना CM रेवंत रेड्डी ने BRS नेताओं पर कांग्रेस सरकार को बदनाम करने और गिराने के लिए तंत्र-मंत्र कराने का आरोप लगाया। हरीश राव ने पलटवार करते हुए इसे झूठ बताया और किसानों, युवाओं व छात्रों के मुद्दे उठाते रहने की बात कही।
हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में मुख्यमंत्री ए. रेवंत रेड्डी के एक बयान के बाद नया विवाद खड़ा हो गया है। मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि विपक्षी भारत राष्ट्र समिति यानी BRS के कुछ नेता कांग्रेस सरकार को अस्थिर करने और बदनाम करने के लिए तंत्र-मंत्र तथा कथित काले जादू का सहारा ले रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर संगारेड्डी में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने दावा किया कि विपक्षी नेता राज्य में सूखा पड़ने, किसानों को परेशानी होने और कांग्रेस सरकार के गिरने की प्रार्थना कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के इस बयान ने तेलंगाना की सियासत में आरोप-प्रत्यारोप को और तेज कर दिया है।
BRS नेताओं पर मुख्यमंत्री ने लगाए गंभीर आरोप
मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपने संबोधन में किसी नेता का सीधे नाम लिए बिना BRS के वरिष्ठ नेता और विधायक टी. हरीश राव की ओर इशारा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ BRS नेता कर्नाटक और तमिलनाडु के मंदिरों में जाकर कांग्रेस सरकार के खिलाफ कथित तंत्र-मंत्र करा रहे हैं। मुख्यमंत्री के मुताबिक विपक्ष राज्य में बारिश, किसानों की स्थिति और सरकार की स्थिरता को लेकर नकारात्मक परिस्थितियां पैदा होने की कामना कर रहा है।
रेवंत रेड्डी ने कहा कि कांग्रेस सरकार जनता के हित में काम कर रही है और उसके खिलाफ इस तरह की कथित गतिविधियों से सरकार के कामकाज पर कोई असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने अपने भाषण में सरकार की विभिन्न योजनाओं और उपलब्धियों का भी उल्लेख किया तथा किसानों और गरीबों के लिए किए गए कामों को अपनी सरकार की प्राथमिकता बताया।
कांग्रेस ने पहले भी लगाए थे ऐसे आरोप
यह पहली बार नहीं है जब तेलंगाना कांग्रेस की ओर से BRS नेताओं पर कथित तंत्र-मंत्र से जुड़े आरोप लगाए गए हैं। इससे पहले 4 अगस्त को तेलंगाना कांग्रेस अध्यक्ष बी. महेश कुमार गौड़ ने भी हरीश राव पर राज्य में बारिश रोकने के लिए कथित क्षुद्र पूजा कराने का आरोप लगाया था। इन आरोपों के बाद राज्य की राजनीति में धार्मिक अनुष्ठानों और राजनीतिक गतिविधियों को लेकर बहस तेज हो गई थी।
इसके बाद 13 अगस्त को मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने भी आरोप लगाया था कि BRS नेताओं ने कांग्रेस सरकार को बदनाम करने के लिए तंत्र-मंत्र और काले जादू का सहारा लिया। अब स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम में मुख्यमंत्री द्वारा इसी तरह के आरोप दोहराए जाने से विवाद फिर चर्चा में आ गया है।
70 लाख किसानों को 36 हजार करोड़ रुपये देने का दावा
अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी ने अपनी सरकार की किसान कल्याण योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार ने रायथु भरोसा योजना के तहत राज्य के करीब 70 लाख किसानों के बैंक खातों में कुल 36 हजार करोड़ रुपये ट्रांसफर किए हैं।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार किसानों को आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के साथ-साथ कृषि क्षेत्र से जुड़ी समस्याओं के समाधान पर भी ध्यान दे रही है। उन्होंने विपक्ष के आरोपों को राजनीतिक बताते हुए सरकार की उपलब्धियों को जनता के सामने रखा।
नदियों में पर्याप्त पानी मिलने का दावा
रेवंत रेड्डी ने मौसम और जल संसाधनों से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि एल नीनो के प्रभाव के बावजूद तेलंगाना में गोदावरी और कृष्णा नदियों में पर्याप्त पानी उपलब्ध रहा। मुख्यमंत्री ने इसे राज्य के लिए महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि सरकार जल संसाधनों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम कर रही है।
उनके मुताबिक राज्य में कृषि और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने के लिए सरकार कई स्तरों पर योजनाएं लागू कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर सरकार की उपलब्धियों को नजरअंदाज कर राजनीतिक आरोप लगाने का आरोप लगाया।

हर महीने 3.48 करोड़ लोगों को चावल वितरण का दावा
मुख्यमंत्री ने खाद्य सुरक्षा से जुड़ी सरकारी योजनाओं का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार हर महीने लगभग 3.48 करोड़ लोगों को दो लाख क्विंटल से अधिक चावल उपलब्ध करा रही है। सरकार का दावा है कि गरीब और जरूरतमंद परिवारों तक खाद्यान्न पहुंचाने के लिए सार्वजनिक वितरण प्रणाली को मजबूत किया जा रहा है।
रेवंत रेड्डी ने इन आंकड़ों का उल्लेख करते हुए कहा कि कांग्रेस सरकार का ध्यान आम लोगों के जीवन को बेहतर बनाने और कल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने पर है।
हरीश राव ने आरोपों को बताया झूठ
मुख्यमंत्री के आरोपों पर BRS विधायक टी. हरीश राव ने तीखा पलटवार किया। हरीश राव ने मुख्यमंत्री पर स्वतंत्रता दिवस के दिन झूठे आरोप लगाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि वह लगातार किसानों, बेरोजगार युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को उठाते रहे हैं और इसी वजह से मुख्यमंत्री उनके खिलाफ इस तरह के बयान दे रहे हैं।
हरीश राव ने कहा कि विपक्ष का काम सरकार से सवाल पूछना और जनता की समस्याओं को सामने रखना है। उन्होंने भ्रष्टाचार, अधूरी किसान कर्जमाफी और खाद की कमी जैसे मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि BRS इन सवालों को उठाती रहेगी।
मानहानि का मुकदमा करने की चेतावनी
हरीश राव ने मुख्यमंत्री के आरोपों को गंभीरता से लेते हुए मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात भी कही। उनका कहना है कि बिना ठोस आधार के इस तरह के आरोप उनकी राजनीतिक और व्यक्तिगत छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हैं।
BRS नेता ने संकेत दिया कि पार्टी किसानों, बेरोजगार युवाओं और छात्रों से जुड़े मुद्दों को आगे भी राजनीतिक रूप से उठाती रहेगी। इस तरह मुख्यमंत्री और विपक्षी नेता के बीच आरोप-प्रत्यारोप का यह सिलसिला आने वाले दिनों में और तेज हो सकता है।
तेलंगाना की राजनीति में बढ़ सकता है टकराव
रेवंत रेड्डी के आरोप और हरीश राव के पलटवार से साफ है कि तेलंगाना में सत्तारूढ़ कांग्रेस और BRS के बीच राजनीतिक संघर्ष लगातार तीखा बना हुआ है। जहां मुख्यमंत्री अपनी सरकार की कल्याणकारी योजनाओं और विकास कार्यों को उपलब्धि के तौर पर पेश कर रहे हैं, वहीं BRS सरकार की नीतियों और कामकाज पर सवाल उठा रही है।
तंत्र-मंत्र और कथित काले जादू जैसे आरोपों ने इस राजनीतिक संघर्ष को एक अलग दिशा दे दी है। हालांकि इन आरोपों के समर्थन में सार्वजनिक रूप से कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं रखा गया है। ऐसे में यह मामला फिलहाल राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तक सीमित दिखाई देता है।
आने वाले दिनों में यदि BRS मुख्यमंत्री के आरोपों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करती है, तो यह विवाद और बढ़ सकता है। दूसरी ओर, कांग्रेस इन आरोपों के जरिए विपक्ष की कथित गतिविधियों को जनता के सामने रखने की कोशिश कर रही है। तेलंगाना की राजनीति में किसानों, युवाओं, रोजगार, कर्जमाफी और कल्याणकारी योजनाओं के साथ अब यह विवाद भी राजनीतिक बहस का हिस्सा बन गया है।











