लंगाना में कांग्रेस की डिजिटल मौजूदगी बढ़ाने पर जोर, AI और सोशल मीडिया के इस्तेमाल की अपील

तेलंगाना के मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कांग्रेस की डिजिटल मौजूदगी मजबूत करने की अपील की। उन्होंने सोशल मीडिया, रील्स और AI के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया।

तेलंगाना के मंत्री उत्तम कुमार रेड्डी ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से डिजिटल मौजूदगी मजबूत करने की अपील की। कोडाड में आयोजित सत्र में उन्होंने सोशल मीडिया, शॉर्ट वीडियो और AI टूल्स के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर दिया और पार्टी गतिविधियों को जनता तक पहुंचाने की बात कही।

हैदराबाद: तेलंगाना के सिंचाई एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री कैप्टन एन. उत्तम कुमार रेड्डी ने राज्य में कांग्रेस पार्टी की डिजिटल मौजूदगी को और मजबूत करने की अपील की है। उन्होंने कहा कि मौजूदा राजनीतिक दौर में सोशल मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म जनसंपर्क तथा राजनीतिक संवाद के महत्वपूर्ण माध्यम बन चुके हैं। पार्टी की गतिविधियों और सरकार के कामकाज की जानकारी लोगों तक प्रभावी तरीके से पहुंचाने के लिए कार्यकर्ताओं को नई डिजिटल तकनीकों को अपनाना चाहिए। सूर्यापेट जिले के कोडाड में कांग्रेस के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं के लिए आयोजित मार्गदर्शन एवं संवाद सत्र को संबोधित करते हुए उत्तम कुमार रेड्डी ने डिजिटल संचार की बदलती भूमिका पर विस्तार से बात की। उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया के नए ट्रेंड और तकनीकों से लगातार अपडेट रहने तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), शॉर्ट-फॉर्म वीडियो और अन्य डिजिटल माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल करने का आह्वान किया।

राजनीतिक संवाद में सोशल मीडिया की बढ़ती भूमिका

उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि इंस्टाग्राम, एक्स, यूट्यूब और फेसबुक जैसे प्लेटफॉर्म अब राजनीतिक और सार्वजनिक संवाद के प्रमुख माध्यम बन गए हैं। ऐसे में किसी राजनीतिक संगठन के लिए केवल पारंपरिक प्रचार माध्यमों पर निर्भर रहना पर्याप्त नहीं है।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने और कांग्रेस की गतिविधियों को व्यवस्थित तरीके से लोगों तक पहुंचाने की अपील की। उनके मुताबिक, पार्टी या सरकार की ओर से किए जा रहे कार्यों की जानकारी तभी व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचेगी, जब उसे सही डिजिटल प्रारूप और प्रभावी संदेश के साथ प्रस्तुत किया जाएगा।

मंत्री ने कार्यकर्ताओं को डिजिटल प्लेटफॉर्म की प्रकृति को समझने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दर्शकों की पसंद और सामग्री देखने का तरीका अलग हो सकता है। इसलिए हर प्लेटफॉर्म के लिए एक जैसी सामग्री प्रकाशित करने के बजाय उसके अनुरूप संचार रणनीति तैयार करने की जरूरत है।

फोटो पोस्ट के बजाय शॉर्ट वीडियो पर जोर

मंत्री ने खास तौर पर शॉर्ट-फॉर्म वीडियो और रील्स के बढ़ते प्रभाव का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आकर्षक और संक्षिप्त तरीके से तैयार की गई रील्स कई बार केवल फोटो और कैप्शन वाली पारंपरिक पोस्ट की तुलना में अधिक लोगों का ध्यान खींच सकती हैं।

उन्होंने पार्टी के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे केवल कार्यक्रम की तस्वीरें साझा करने तक सीमित न रहें। इसके बजाय राजनीतिक कार्यक्रमों, सरकारी योजनाओं और विधानसभा क्षेत्र से जुड़ी गतिविधियों को छोटे, स्पष्ट और जानकारीपूर्ण वीडियो के माध्यम से प्रस्तुत किया जाए।

उनके मुताबिक, डिजिटल सामग्री ऐसी होनी चाहिए जिसे लोग कम समय में समझ सकें और जो देखने में भी आकर्षक हो। इससे पार्टी के संदेश की पहुंच और लोगों की भागीदारी दोनों बढ़ाई जा सकती हैं।

'हर गतिविधि की सही जानकारी लोगों तक पहुंचे'

उत्तम कुमार रेड्डी ने सोशल मीडिया रणनीति के महत्व को रेखांकित करते हुए कहा कि पार्टी की हर गतिविधि को सही तरीके से लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा कि वे सोशल मीडिया पर लगातार सक्रिय रहें और यह सुनिश्चित करें कि पार्टी तथा सरकार की ओर से किए जा रहे काम जनता तक प्रभावी तरीके से पहुंचें।

उनका जोर केवल अधिक पोस्ट प्रकाशित करने पर नहीं, बल्कि ऐसी सामग्री तैयार करने पर था जो तथ्यात्मक, उपयोगी और लोगों के लिए आसानी से समझ में आने वाली हो। उन्होंने कार्यकर्ताओं से बदलती डिजिटल आदतों और दर्शकों की प्राथमिकताओं को समझने की भी अपील की।

AI तकनीक का इस्तेमाल सीखने की सलाह

मंत्री ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के बढ़ते उपयोग पर भी चर्चा की। उन्होंने कहा कि AI आधारित उपकरण राजनीतिक संचार के साथ-साथ प्रशासनिक कामकाज में भी उपयोगी हो सकते हैं।

उन्होंने विशेष रूप से ChatGPT जैसे AI टूल्स का उल्लेख किया और बताया कि इनका इस्तेमाल जानकारी को व्यवस्थित करने तथा लिखित सामग्री तैयार करने में किया जा सकता है। उन्होंने अपने अनुभव का उदाहरण देते हुए कहा कि वॉइस डिक्टेशन को व्यवस्थित लिखित सामग्री में बदला जा सकता है।

इसके जरिए नोट्स और आधिकारिक संचार तैयार करने में भी सहायता मिल सकती है। हालांकि, AI से तैयार सामग्री के इस्तेमाल से पहले उसकी तथ्यात्मक जांच और आवश्यक संपादन महत्वपूर्ण है।

बैठकों की तैयारी में भी AI उपयोगी

उत्तम कुमार रेड्डी ने बताया कि AI टूल्स का इस्तेमाल महत्वपूर्ण बैठकों की तैयारी के लिए भी किया जा सकता है। उनके अनुसार, यदि किसी विषय से संबंधित आवश्यक पृष्ठभूमि की जानकारी AI टूल को दी जाए, तो उससे प्रमुख बिंदुओं को व्यवस्थित करने में मदद मिल सकती है।

इस तरह अधिकारी या राजनीतिक कार्यकर्ता बैठक से पहले संभावित मुद्दों, महत्वपूर्ण तथ्यों और चर्चा के बिंदुओं को एक संरचित रूप में तैयार कर सकते हैं।

उन्होंने कहा कि AI का उपयोग केवल सोशल मीडिया सामग्री बनाने तक सीमित नहीं होना चाहिए। इसे प्रशासनिक काम, जानकारी के संगठन और संचार की तैयारी जैसे क्षेत्रों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

पार्टी कार्यकर्ताओं को डिजिटल ट्रेंड समझने की सलाह

मंत्री ने कांग्रेस के सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं से कहा कि डिजिटल दुनिया तेजी से बदल रही है। ऐसे में पार्टी की ऑनलाइन रणनीति को भी समय के साथ बदलना जरूरी है।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को नए प्लेटफॉर्म, नए कंटेंट फॉर्मेट और दर्शकों के बदलते व्यवहार पर नजर रखने की सलाह दी। उनका कहना था कि राजनीतिक कार्यक्रमों और सरकार की योजनाओं को डिजिटल माध्यमों पर इस तरह पेश किया जाना चाहिए कि उनका संदेश कम समय में अधिक से अधिक लोगों तक पहुंच सके।

उन्होंने कार्यकर्ताओं को नियमित रूप से नई तकनीकों को सीखने और अपने डिजिटल कौशल को बेहतर बनाने के लिए भी प्रेरित किया।

सरकारी योजनाओं और स्थानीय गतिविधियों का डिजिटल प्रचार

उत्तम कुमार रेड्डी ने कहा कि पार्टी की डिजिटल रणनीति में केवल बड़े राजनीतिक कार्यक्रमों को ही जगह नहीं मिलनी चाहिए। विधानसभा क्षेत्रों में होने वाली स्थानीय गतिविधियों और सरकार की योजनाओं को भी डिजिटल माध्यमों के जरिए लोगों तक पहुंचाया जाना चाहिए।

स्थानीय स्तर के विकास कार्य, जनकल्याणकारी पहल और राजनीतिक कार्यक्रम यदि सही संदर्भ और जानकारी के साथ प्रस्तुत किए जाएं, तो वे जनता के साथ सीधे संवाद का माध्यम बन सकते हैं।

उन्होंने कार्यकर्ताओं से ऐसी सामग्री तैयार करने की अपील की जो जानकारी देने के साथ-साथ लोगों का ध्यान भी आकर्षित करे।

कोडाड में आयोजित हुआ मार्गदर्शन सत्र

यह मार्गदर्शन एवं संवाद कार्यक्रम सूर्यापेट जिले के कोडाड में आयोजित किया गया था। कार्यक्रम में कांग्रेस के सोशल मीडिया से जुड़े कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया।

सत्र का उद्देश्य पार्टी कार्यकर्ताओं को डिजिटल संचार के बदलते स्वरूप, सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के प्रभावी इस्तेमाल और AI जैसी नई तकनीकों की संभावनाओं से परिचित कराना था।

कोडाड की विधायक एन. पद्मावती रेड्डी भी इस सत्र में शामिल हुईं। कार्यक्रम के दौरान डिजिटल माध्यमों के जरिए पार्टी के संदेश को जनता तक पहुंचाने और सोशल मीडिया गतिविधियों को अधिक प्रभावी बनाने पर चर्चा हुई।

डिजिटल राजनीति पर बढ़ता फोकस

राजनीतिक दलों के लिए सोशल मीडिया अब केवल प्रचार का माध्यम नहीं रह गया है। चुनावों और सामान्य राजनीतिक गतिविधियों के दौरान डिजिटल प्लेटफॉर्म जनता के साथ सीधे संवाद, नीतियों की जानकारी और संगठनात्मक गतिविधियों के प्रचार का महत्वपूर्ण साधन बन चुके हैं।

तेलंगाना में कांग्रेस की डिजिटल मौजूदगी बढ़ाने की उत्तम कुमार रेड्डी की अपील इसी बदलते राजनीतिक संचार परिदृश्य के बीच आई है। उनका संदेश पार्टी कार्यकर्ताओं को पारंपरिक सोशल मीडिया पोस्ट से आगे बढ़कर वीडियो, AI और अन्य डिजिटल तकनीकों का इस्तेमाल करने पर केंद्रित रहा।

आने वाले समय में राजनीतिक संगठनों के लिए डिजिटल संचार की गुणवत्ता, गति और विश्वसनीयता और अधिक महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में कांग्रेस द्वारा अपने सोशल मीडिया नेटवर्क को मजबूत करने और कार्यकर्ताओं को नई तकनीकों से जोड़ने की कोशिश राज्य की राजनीतिक संचार रणनीति का अहम हिस्सा बन सकती है।

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