Revanth Reddy को लेकर राजनीतिक हलकों में अटकलें तेज हो गई हैं। यह चर्चा तब शुरू हुई जब प्रधानमंत्री Narendra Modi की एक टिप्पणी के बाद सियासी माहौल गरमा गया।
हैदराबाद: तेलंगाना की राजनीति में बड़ा सियासी हलचल देखने को मिल रहा है, जहां मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को लेकर भारतीय जनता पार्टी (Bharatiya Janata Party) में शामिल होने की अटकलों ने जोर पकड़ लिया है। हालांकि अभी तक किसी भी तरह की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन बयानबाजी और राजनीतिक संकेतों ने चर्चाओं को और तेज कर दिया है।
BJP सांसद का बड़ा दावा
निजामाबाद से भाजपा सांसद धर्मपुरी अरविंद ने दावा किया है कि मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी भविष्य में भाजपा का हिस्सा बन सकते हैं और वे पश्चिम बंगाल के नेता Suvendu Adhikari की तरह राजनीतिक पाला बदल सकते हैं। सांसद के अनुसार, रेवंत रेड्डी “अगले सुुवेंदु अधिकारी” बन सकते हैं, जिन्होंने पहले तृणमूल कांग्रेस छोड़कर भाजपा का दामन थामा था।
धर्मपुरी अरविंद ने कहा कि रेवंत रेड्डी भी उसी तरह का कदम उठा सकते हैं, जैसा कई नेताओं ने पहले अलग-अलग राज्यों में किया है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पार्टी ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाकर वरिष्ठ नेताओं को नजरअंदाज किया, जिससे पार्टी के भीतर असंतोष की स्थिति बनी है। सांसद ने यह भी कहा कि आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस को तेलंगाना में बड़ा झटका लग सकता है।

पीएम मोदी की टिप्पणी से बढ़ी अटकलें
इन राजनीतिक अटकलों को और बल तब मिला जब हाल ही में हैदराबाद में एक सार्वजनिक कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी को लेकर टिप्पणी की थी। पीएम मोदी ने कथित तौर पर कहा था कि, “आप जहां पहुंचना चाहते हैं, वहां नहीं पहुंच पाएंगे। अच्छा है कि मुझसे ही जुड़ें।” इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया, हालांकि इसे लेकर कोई आधिकारिक राजनीतिक संकेत नहीं दिया गया है।
Telangana की राजनीति पिछले कुछ समय से लगातार बदलाव के दौर से गुजर रही है। राज्य में सत्तारूढ़ और विपक्षी दलों के बीच आरोप-प्रत्यारोप तेज हैं।राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि, नेताओं के दल बदलने की चर्चाएं भारतीय राजनीति में नई नहीं हैं. बयानबाजी अक्सर चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए की जाती है।
किसी भी दावे की पुष्टि केवल आधिकारिक घोषणा से ही होती है. कांग्रेस की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं। अब तक कांग्रेस पार्टी या मुख्यमंत्री रेवंत रेड्डी की ओर से इस पूरे मामले पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। पार्टी के अंदरूनी सूत्र भी इसे केवल राजनीतिक बयानबाजी और अटकलें मान रहे हैं।










