देश के प्रमुख औद्योगिक समूह टाटा ग्रुप की कंपनी टाइटन के शेयर ने आज कारोबार के दौरान ऑल टाइम हाई का स्तर छू लिया। यही वह शेयर है जिसने दिवंगत दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला को भारतीय शेयर बाजार का ‘बिग बुल’ बनाने में अहम भूमिका निभाई थी।
बिजनेस न्यूज़: टाटा ग्रुप की प्रमुख ज्वेलरी कंपनी टाइटन के शेयरों में एक बार फिर जोरदार तेजी देखने को मिल रही है। कंपनी का स्टॉक कारोबार के दौरान अपने नए ऑल टाइम हाई पर पहुंच गया। लंबे समय तक सीमित रिटर्न देने के बाद टाइटन के शेयर ने 2026 में निवेशकों का ध्यान फिर से खींचा है। इस साल कंपनी के मार्केट कैप में करीब ₹80,000 करोड़ से अधिक की बढ़ोतरी हुई है।
टाइटन का नाम भारतीय शेयर बाजार के दिग्गज निवेशक राकेश झुनझुनवाला के निवेश से भी जुड़ा रहा है। टाइटन में शुरुआती निवेश ने उन्हें बाजार के सबसे चर्चित निवेशकों में शामिल करने में अहम भूमिका निभाई थी। यही वजह है कि कंपनी के शेयर में होने वाली बड़ी तेजी पर निवेशकों की नजर रहती है।
नए रिकॉर्ड हाई पर पहुंचा Titan Share
बीएसई पर पिछले कारोबारी सत्र में टाइटन का शेयर करीब ₹4,943 पर बंद हुआ था। इसके बाद मंगलवार के कारोबार में स्टॉक लगभग ₹4,977 के स्तर पर खुला। दिन के कारोबार में इसमें 3 फीसदी से अधिक की तेजी आई और शेयर ₹5,121.30 के नए रिकॉर्ड स्तर तक पहुंच गया। शेयर में तेजी के साथ टाइटन का बाजार पूंजीकरण भी ₹4.5 लाख करोड़ के स्तर को पार कर गया।
पिछले करीब दो वर्षों में कंपनी के शेयर का प्रदर्शन अपेक्षाकृत सुस्त रहा था। ऊंचे वैल्यूएशन, महंगे सोने, खर्च और ज्वेलरी की मांग को लेकर बनी चिंताओं के कारण निवेशक सावधानी बरत रहे थे। लेकिन 2026 में कंपनी के कारोबार से जुड़े कई संकेत बेहतर हुए हैं।
ज्वेलरी की मजबूत मांग से मिला फायदा
टाइटन के शेयर में तेजी के पीछे सबसे बड़ा कारण देश में ज्वेलरी की मांग में मजबूती को माना जा रहा है। उपभोक्ताओं का रुझान धीरे-धीरे पारंपरिक स्थानीय दुकानों से हटकर ऑर्गेनाइज्ड और ब्रांडेड ज्वेलरी चेन की ओर बढ़ रहा है। शहरी इलाकों के अलावा छोटे शहरों और कस्बों में भी बड़े ब्रांडों की पहुंच बढ़ रही है।
इसका फायदा टाइटन को मिल रहा है, क्योंकि कंपनी के पास तनिष्क और कैरेटलेन जैसे स्थापित ब्रांड हैं। ऑर्गेनाइज्ड ज्वेलरी बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी कंपनी की लंबी अवधि की ग्रोथ के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

सोने की कीमत और एक्सचेंज प्रोग्राम भी बने सहारा
ज्वेलरी की मांग के साथ सोने की कीमतों का व्यवहार भी कंपनी के कारोबार के लिए महत्वपूर्ण है। अपेक्षाकृत स्थिर कीमतों ने ग्राहकों को खरीदारी के लिए प्रोत्साहित किया है। टाइटन के ज्वेलरी एक्सचेंज प्रोग्राम ने भी बिक्री बढ़ाने में योगदान दिया है। इसके तहत ग्राहक अपनी पुरानी ज्वेलरी बदलकर नई ज्वेलरी खरीद सकते हैं।
इससे कंपनी को नए ग्राहकों को अपने संगठित रिटेल नेटवर्क से जोड़ने में मदद मिलती है। इसके अलावा तनिष्क और कैरेटलेन के प्रदर्शन को भी टाइटन की मौजूदा ग्रोथ में अहम माना जा रहा है।
जून तिमाही के नतीजों से बढ़ा भरोसा
कंपनी के वित्तीय नतीजों ने भी निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है। जून तिमाही में टाइटन का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर 63 फीसदी बढ़कर ₹1,777 करोड़ रहा। मुनाफे में मजबूत वृद्धि के बाद बाजार में कंपनी के भविष्य के प्रदर्शन को लेकर सकारात्मक धारणा बनी है। हालांकि, शेयर में मौजूदा तेजी के बावजूद निवेशकों के लिए वैल्यूएशन एक महत्वपूर्ण जोखिम बना हुआ है।
ब्रोकरेज का क्या है अनुमान?
टाइटन के शेयर को लेकर कई ब्रोकरेज हाउस सकारात्मक नजरिया बनाए हुए हैं। HSBC ने शेयर के लिए ₹5,290 का टारगेट प्राइस दिया है और उसका मानना है कि भारत के ज्वेलरी सेगमेंट का आउटलुक व्यापक कंजम्पशन सेक्टर की तुलना में मजबूत बना हुआ है। वहीं Citi ने टाइटन पर ‘Buy’ रेटिंग बरकरार रखते हुए अपना टारगेट प्राइस ₹5,075 से बढ़ाकर ₹5,700 कर दिया है।
मोतीलाल ओसवाल ने भी ‘Buy’ रेटिंग और ₹6,000 के टारगेट को कायम रखा है। ब्रोकरेज के मुताबिक सोर्सिंग, स्टडेड ज्वेलरी, युवा ग्राहकों पर फोकस और कारोबार में दोबारा निवेश की रणनीति टाइटन को अन्य ब्रांडेड ज्वेलरी कंपनियों के मुकाबले मजबूत स्थिति देती है।












