त्रिपुरा में तेज तूफान और आकाशीय बिजली से पिछले 48 घंटों में एक बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई। चार लोग घायल हुए हैं। कई जिलों में कच्चे मकान, फसलें और बिजली पारेषण लाइनें भी प्रभावित हुई हैं।
अगरतला: Tripura में पिछले 48 घंटों के दौरान आए तेज तूफान, भारी बारिश और आकाशीय बिजली की घटनाओं ने जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य में मौसम से जुड़ी अलग-अलग घटनाओं में एक बच्चे समेत दो लोगों की मौत हो गई, जबकि चार अन्य घायल बताए जा रहे हैं।
राज्य आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, तेज हवाओं और बारिश की वजह से कई इलाकों में कच्चे मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं, बिजली व्यवस्था बाधित हुई है और कृषि क्षेत्र को भी भारी नुकसान पहुंचा है।
कच्चा मकान गिरने से बच्चे की मौत
राज्य परियोजना निदेशक (आपदा प्रबंधन) Sanat Kumar Das ने जानकारी दी कि Unakoti district के राधानगर इलाके में गुरुवार को तेज तूफान के दौरान एक कच्चा घर अचानक ढह गया।
इस हादसे में पांच वर्षीय बच्चे की मौत हो गई, जबकि उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। स्थानीय लोगों और प्रशासन की मदद से घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया।
अधिकारियों के अनुसार, तेज हवाओं और लगातार बारिश के कारण मिट्टी और बांस से बने कई कमजोर मकान प्रभावित हुए हैं।
आकाशीय बिजली गिरने से दूसरी मौत
एक अन्य घटना में Dhalai district की लोंगतराई घाटी क्षेत्र में एक व्यक्ति की आकाशीय बिजली गिरने से मौत हो गई।
स्थानीय प्रशासन ने बताया कि खराब मौसम के दौरान वह खुले क्षेत्र में मौजूद था, तभी अचानक बिजली गिरने की घटना हुई।
पूर्वोत्तर राज्यों में मानसून पूर्व मौसम के दौरान आकाशीय बिजली की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, जिससे ग्रामीण इलाकों में जान-माल का खतरा बढ़ जाता है।
चार लोग घायल, अस्पताल में इलाज जारी
आपदा प्रबंधन विभाग के अनुसार, तूफान और बिजली गिरने से जुड़ी घटनाओं में चार अन्य लोग घायल हुए हैं। इनमें कुछ लोगों को मामूली चोटें आई हैं, जबकि कुछ की हालत गंभीर बताई जा रही है।
राज्य सरकार ने प्रभावित परिवारों को हर संभव सहायता देने का आश्वासन दिया है।
बिजली और फसलों को भारी नुकसान
तेज तूफान और बारिश के कारण राज्य के कई हिस्सों में बिजली पारेषण लाइनें क्षतिग्रस्त हो गई हैं। कई क्षेत्रों में पेड़ गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित हुई, जिससे लोगों को घंटों तक अंधेरे में रहना पड़ा।
इसके अलावा खेतों में खड़ी फसलों को भी नुकसान पहुंचा है। किसानों ने बताया कि तेज हवाओं और बारिश से धान, सब्जियों और बागवानी फसलों को भारी क्षति हुई है।
प्रशासन ने जारी किया अलर्ट
Tripura State Disaster Management Authority और मौसम विभाग ने राज्य के कई जिलों के लिए सतर्कता जारी की है।
लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले क्षेत्रों में न जाने, बिजली के खंभों और पेड़ों से दूर रहने तथा सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।
प्रशासन ने आपदा प्रभावित इलाकों में राहत और मरम्मत कार्य शुरू कर दिए हैं।

जलवायु परिवर्तन से बढ़ रही चरम मौसम की घटनाएं
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में पूर्वोत्तर भारत में चरम मौसम की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। अचानक तेज आंधी, भारी बारिश और आकाशीय बिजली जैसी घटनाएं अब अधिक आम होती जा रही हैं।
जलवायु परिवर्तन और पर्यावरणीय असंतुलन को इन बदलते मौसम पैटर्न का एक बड़ा कारण माना जा रहा है।
ग्रामीण इलाकों में बढ़ी चुनौती
त्रिपुरा और अन्य पूर्वोत्तर राज्यों के ग्रामीण क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लोग अब भी कच्चे घरों में रहते हैं। ऐसे में तेज तूफान और भारी बारिश के दौरान जान-माल का खतरा बढ़ जाता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि आपदा प्रबंधन के साथ-साथ सुरक्षित आवास और मजबूत बिजली ढांचे पर निवेश बढ़ाने की आवश्यकता है।
राहत और पुनर्वास कार्य जारी
राज्य प्रशासन ने प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत सामग्री उपलब्ध कराने और क्षतिग्रस्त बिजली लाइनों की मरम्मत के निर्देश दिए हैं।
स्थानीय प्रशासन और आपदा प्रबंधन टीमें प्रभावित क्षेत्रों में लगातार निगरानी बनाए हुए हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।









