Trump ने की भारत की चुनावी व्यवस्था की तारीफ, कुमारी सैलजा का पलटवार- ‘जमीन पर क्या हो रहा है, ये भी जानें’

Donald Trump ने भारत की चुनावी व्यवस्था की तारीफ की तो कांग्रेस नेता कुमारी सैलजा ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि जमीन पर क्या हो रहा है, इसे भी जानना जरूरी है

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत की चुनाव प्रणाली की तारीफ करते हुए इसे मतदाता पहचान और चुनावी प्रक्रिया के संदर्भ में उदाहरण के तौर पर पेश किया है।

Kumari Selja: अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से भारत की चुनावी व्यवस्था और मतदाता पहचान प्रणाली की तारीफ किए जाने के बाद देश में राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद कुमारी सैलजा ने ट्रंप के बयान पर सवाल उठाते हुए कहा कि केवल वोटर आईडी व्यवस्था देखना पर्याप्त नहीं है, बल्कि चुनाव प्रक्रिया में जमीन पर क्या हो रहा है, इसका भी आकलन होना चाहिए।

भारत की चुनावी व्यवस्था एक बार फिर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के बाद राजनीतिक चर्चा के केंद्र में है। ट्रंप ने अमेरिका में मतदाता पहचान से जुड़े कड़े नियमों की वकालत करते हुए भारत की व्यवस्था का उदाहरण दिया। उन्होंने भारतीय चुनाव प्रणाली में फोटो पहचान पत्र के इस्तेमाल का उल्लेख करते हुए इसे अपने प्रस्तावित चुनाव सुधारों के समर्थन में पेश किया।

ट्रंप के बयान को बीजेपी नेताओं की ओर से भारतीय चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता के समर्थन के तौर पर देखा जा रहा है। वहीं कांग्रेस और कुछ विपक्षी दलों ने इसे अलग नजरिए से लिया है। इसी विवाद के बीच कांग्रेस की वरिष्ठ नेता और सांसद कुमारी सैलजा ने ट्रंप के बयान पर अपनी प्रतिक्रिया दी।

‘सिर्फ वोटर आईडी देखना काफी नहीं’

कुमारी सैलजा ने कहा कि भारत में वोटर आईडी व्यवस्था होना एक बात है, लेकिन चुनाव प्रक्रिया में वास्तविक स्तर पर क्या हो रहा है, इसे भी समझना जरूरी है। उन्होंने चुनाव में कथित ‘वोट चोरी’ और व्यवस्था के संचालन से जुड़े विपक्ष के आरोपों का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि क्या ट्रंप को इन तमाम मुद्दों की पूरी जानकारी है।

सैलजा ने यह भी कहा कि भारत को अपनी लोकतांत्रिक विरासत पर गर्व होना चाहिए। उनके मुताबिक, देश ने आजादी के बाद दशकों तक लोकतांत्रिक व्यवस्था को बनाए रखा है और इसमें जनता के साथ-साथ अलग-अलग सरकारों की भी भूमिका रही है। उनका कहना था कि भारत की लोकतांत्रिक यात्रा को सिर्फ किसी एक चुनाव या किसी एक तकनीकी व्यवस्था के आधार पर नहीं देखा जाना चाहिए, बल्कि पूरे राजनीतिक और संस्थागत ढांचे को ध्यान में रखना चाहिए।

‘ट्रंप को जमीनी स्थिति भी देखनी चाहिए’

कांग्रेस सांसद ने अपने बयान में संसद और विपक्ष की भूमिका से जुड़े मुद्दे भी उठाए। उन्होंने दावा किया कि मौजूदा समय में विपक्ष की बातों और सवालों को पर्याप्त महत्व नहीं दिया जा रहा है। सैलजा ने कहा कि अगर कोई विदेशी नेता भारत की चुनावी प्रणाली पर टिप्पणी करता है, तो उसे देश की जमीनी राजनीतिक स्थिति का भी व्यापक आकलन करना चाहिए।

उन्होंने लोकतंत्र की मजबूती का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था लंबे समय से कायम है और यह देश के लिए गर्व का विषय है। साथ ही उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक संस्थाओं के कामकाज पर चर्चा और सवाल उठना भी लोकतंत्र का हिस्सा है।

ट्रंप ने किस बात की तारीफ की?

ट्रंप ने हालिया सार्वजनिक टिप्पणी में भारत की मतदाता पहचान व्यवस्था का उल्लेख करते हुए कहा कि भारत में मतदाताओं की पहचान के लिए फोटो आईडी का इस्तेमाल किया जाता है। उन्होंने इस उदाहरण का उपयोग अमेरिका में चुनावों के लिए अनिवार्य फोटो पहचान और नागरिकता प्रमाण से जुड़े प्रस्तावित कानून SAVE America Act के पक्ष में तर्क देने के लिए किया।

भारतीय मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के साथ बातचीत का हवाला देते हुए ट्रंप ने अमेरिकी चुनाव प्रणाली में सख्त पहचान नियमों की आवश्यकता पर जोर दिया। उनके बयान के बाद भारत की चुनावी व्यवस्था पर घरेलू राजनीतिक प्रतिक्रिया सामने आई।

कांग्रेस ने भी साधा निशाना

कांग्रेस नेताओं ने ट्रंप के बयान को लेकर सरकार और चुनाव आयोग पर तंज कसा। कांग्रेस नेता सुरेंद्र राजपूत ने सवाल उठाया कि जब देश में चुनाव आयोग की भूमिका को लेकर विपक्ष की ओर से लगातार सवाल उठाए जा रहे हैं, तब विदेशी नेता के बयान को प्रमुखता देने की जरूरत क्यों पड़ रही है। कांग्रेस सांसद और प्रवक्ता पवन खेड़ा ने भी मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को लेकर व्यंग्यात्मक टिप्पणी की। 

उन्होंने सोशल मीडिया पर कहा कि कुमार को अमेरिका ले जाया जाना चाहिए। यह टिप्पणी ट्रंप की ओर से भारतीय चुनाव व्यवस्था के उदाहरण का हवाला दिए जाने के बाद आई।

सपा ने भी कसा तंज

समाजवादी पार्टी ने भी इस मुद्दे पर कांग्रेस के करीब रुख अपनाते हुए सरकार पर सवाल उठाए। सपा प्रवक्ता आशुतोष वर्मा ने चुनावी पहचान और लोकतंत्र से जुड़े मुद्दों को लेकर व्यंग्य किया और कहा कि बहस सिर्फ पहचान पत्र तक सीमित नहीं होनी चाहिए। इस पूरे घटनाक्रम से साफ है कि भारत की चुनावी व्यवस्था को लेकर राजनीतिक बहस एक बार फिर तेज हो गई है।

एक ओर बीजेपी और उसके समर्थक ट्रंप की टिप्पणी को भारतीय चुनाव प्रणाली की विश्वसनीयता के संदर्भ में देख रहे हैं, वहीं विपक्ष का कहना है कि चुनाव प्रक्रिया पर उठ रहे घरेलू सवालों का जवाब केवल विदेशी प्रशंसा से नहीं दिया जा सकता।

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