ब्रिटेन में बढ़ती जीवन-यापन लागत के बीच प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम देशभर का दौरा करेंगे। सरकार उपभोक्ताओं को राहत देने और हाई स्ट्रीट सुधारने के उपायों पर काम कर रही है। अक्टूबर बजट से पहले सरकार पर महंगाई और आर्थिक दबाव कम करने की चुनौती है।
लंदन: ब्रिटेन में बढ़ती जीवन-यापन लागत और आम लोगों पर बढ़ते आर्थिक दबाव के बीच प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम जल्द ही देशभर के दौरे पर निकलने वाले हैं। डाउनिंग स्ट्रीट के अनुसार, सरकार आने वाले दिनों में ऐसे कई उपायों की घोषणा करने की तैयारी कर रही है, जिनका उद्देश्य रोजमर्रा के खर्चों से जूझ रहे लोगों को राहत देना और उन्हें आर्थिक रूप से कुछ राहत की गुंजाइश उपलब्ध कराना है। प्रधानमंत्री के प्रस्तावित दौरे के दौरान महंगाई, घरेलू खर्च, उपभोक्ता अधिकार और स्थानीय बाजारों की स्थिति जैसे मुद्दों पर लोगों से सीधे बातचीत की जाएगी। सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री लंदन स्थित वेस्टमिंस्टर की राजनीति से बाहर निकलकर अलग-अलग क्षेत्रों और समुदायों की वास्तविक समस्याओं को समझना चाहते हैं। इसी प्रक्रिया को सरकार की आगामी 10 वर्षीय योजना का आधार बनाने की तैयारी है।
लोगों को आर्थिक दबाव से राहत देने पर जोर
डाउनिंग स्ट्रीट के मुताबिक प्रधानमंत्री का मानना है कि आम नागरिकों को कई ऐसी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, जिन्हें लंबे समय से सामान्य मान लिया गया है। इनमें छिपी हुई कीमतें, उपभोक्ताओं से अधिक पैसे वसूले जाने की शिकायतें और रोजमर्रा की सेवाओं की बढ़ती लागत शामिल हैं।
सरकार का कहना है कि इन समस्याओं से निपटने के लिए उपभोक्ता हितों से जुड़े नए कदम उठाए जाएंगे। इन उपायों का उद्देश्य लोगों को रोजमर्रा के खर्चों में कुछ राहत देना और बाजार में उपभोक्ताओं की स्थिति मजबूत करना है। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, सरकार ऐसे फैसलों पर काम कर रही है, जिनसे परिवारों को अपने बजट को संभालने में मदद मिल सके। हालांकि, इन कदमों का पूरा विवरण अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है।
देशभर में लोगों से सीधे संवाद करेंगे प्रधानमंत्री
एंडी बर्नहैम के प्रस्तावित दौरे का एक प्रमुख उद्देश्य ब्रिटेन के अलग-अलग हिस्सों में जाकर लोगों की समस्याओं को सुनना है। सरकार के मुताबिक प्रधानमंत्री इस दौरान सुनने की भूमिका में रहेंगे और स्थानीय लोगों, कारोबारियों तथा समुदायों से बातचीत करेंगे।
यह दौरा केवल जीवन-यापन की लागत तक सीमित नहीं रहेगा। प्रधानमंत्री स्थानीय बाजारों और हाई स्ट्रीट को मजबूत करने के तरीकों पर भी चर्चा करेंगे। ब्रिटेन के कई शहरों और कस्बों में दुकानों के बंद होने तथा खाली पड़े व्यावसायिक परिसरों को लेकर चिंता बनी हुई है। सरकार का मानना है कि स्थानीय हाई स्ट्रीट को मजबूत किए बिना छोटे कारोबार, रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था को स्थायी मजबूती देना मुश्किल होगा।
हाई स्ट्रीट को बेहतर बनाने की योजना
ब्रिटेन के हाई स्ट्रीट लंबे समय से ऑनलाइन खरीदारी, बढ़ते कारोबारी खर्च और उपभोक्ताओं की बदलती आदतों जैसी चुनौतियों का सामना कर रहे हैं। विपक्षी दलों ने सरकार की आर्थिक नीतियों को लेकर पहले ही सवाल उठाए हैं। प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान स्थानीय कारोबारियों से यह जानने की कोशिश की जाएगी कि उन्हें किन समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। सरकार हाई स्ट्रीट को अधिक आकर्षक और आर्थिक रूप से टिकाऊ बनाने के विकल्पों पर भी विचार कर रही है। हालांकि, सरकार के सामने वित्तीय सीमाएं भी हैं। आगामी बजट से पहले बड़े पैमाने पर खर्च वाली योजनाओं की संभावना कम मानी जा रही है। वित्त मंत्री जॉन हीली पहले ही वित्तीय अनुशासन बनाए रखने की प्रतिबद्धता जता चुके हैं।
अक्टूबर के बजट पर टिकी नजर
महंगाई और जीवन-यापन की लागत को लेकर सरकार पर लगातार दबाव बना हुआ है। हालांकि, बड़ी आर्थिक घोषणाओं के लिए अक्टूबर में पेश होने वाला बजट महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सरकार के सामने एक ओर आम लोगों को राहत देने की मांग है, तो दूसरी ओर सरकारी वित्त को नियंत्रित रखने की चुनौती है। ऐसे में प्रधानमंत्री के प्रस्तावित उपायों का दायरा इस बात पर निर्भर करेगा कि सरकार कितनी वित्तीय गुंजाइश निकाल पाती है। सरकार का लक्ष्य लोगों को तत्काल राहत देने के साथ-साथ लंबी अवधि में आर्थिक स्थिति सुधारने का है। इसी वजह से प्रधानमंत्री 10 वर्षीय योजना के लिए जनता से मिले सुझावों को महत्वपूर्ण मान रहे हैं।
कैदियों की समयपूर्व रिहाई पर भी सरकार घिरी
जीवन-यापन की लागत के मुद्दे के साथ सरकार को इंग्लैंड और वेल्स में कैदियों की समयपूर्व रिहाई की प्रस्तावित योजना को लेकर भी आलोचना का सामना करना पड़ रहा है। यह योजना अक्टूबर से लागू होने वाली है। इस योजना के तहत कुछ कैदियों को उनकी सजा पूरी होने से पहले रिहा किया जा सकता है। प्रधानमंत्री ने सरकार में आने के शुरुआती दौर में इस व्यवस्था की समीक्षा का आदेश दिया था। इसके बाद कुछ श्रेणियों के अपराधियों को योजना से बाहर रखने के लिए पात्रता में बदलाव किया गया।

हालांकि, हत्या के कुछ मामलों में दोषी ठहराए गए कैदियों के पात्र होने को लेकर विवाद बना हुआ है। इनमें पुलिस अधिकारी एंड्रयू हार्पर की हत्या के मामले में दोषी ठहराए गए दो लोग भी शामिल हैं।
एंड्रयू हार्पर के परिवार ने जताई आपत्ति
एंड्रयू हार्पर के परिवार, कुछ पूर्व वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और विपक्षी नेताओं ने सरकार से मांग की है कि इस मामले में दोषी लोगों को समयपूर्व रिहाई का लाभ नहीं मिलना चाहिए। प्रधानमंत्री पर इस मामले में फैसला बदलने का दबाव बढ़ा है। हालांकि, सरकार का कहना है कि जेलों में क्षमता की समस्या को देखते हुए योजना में बहुत अधिक बदलाव करना व्यावहारिक नहीं होगा।
डाउनिंग स्ट्रीट ने संकेत दिया है कि फिलहाल सरकार की स्थिति में कोई बदलाव नहीं हुआ है। सरकार के सामने एक ओर जेलों में भीड़ कम करने की चुनौती है, वहीं दूसरी ओर गंभीर अपराधों में दोषी लोगों की समयपूर्व रिहाई को लेकर सार्वजनिक सुरक्षा और पीड़ित परिवारों की चिंताएं हैं।
विपक्ष ने सरकार पर साधा निशाना
प्रधानमंत्री के देशव्यापी दौरे को लेकर विपक्षी दलों ने सरकार पर हमला बोला है। कंजर्वेटिव पार्टी ने दावा किया कि सरकार की कर नीतियां और कारोबारी नियम हाई स्ट्रीट के कारोबारों पर अतिरिक्त बोझ डाल रहे हैं। शैडो चांसलर मेल स्ट्राइड ने सरकार की आलोचना करते हुए कहा कि एक तरफ कारोबारियों पर दबाव बढ़ रहा है और दूसरी तरफ सरकार महंगाई से राहत देने की बात कर रही है। उन्होंने समयपूर्व कैदी रिहाई योजना को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा।
लिबरल डेमोक्रेट्स ने भी प्रधानमंत्री के दौरे को लेकर सवाल उठाए हैं। पार्टी का कहना है कि संघर्ष कर रहे छोटे कारोबारों को केवल राजनीतिक दौरे की नहीं, बल्कि ठोस आर्थिक सहायता की जरूरत है। पार्टी ने हाई स्ट्रीट के लिए कारोबारियों पर लगने वाले करों में बदलाव, हॉस्पिटैलिटी क्षेत्र के लिए वैट में राहत, कारोबारी दरों की व्यवस्था में सुधार और लंबे समय से खाली दुकानों की समस्या दूर करने जैसे कदमों की मांग की है।
ऊर्जा बिल और टैक्स को लेकर भी विपक्ष का दबाव
रिफॉर्म यूके ने भी सरकार से ऊर्जा बिलों पर लगने वाले करों और ग्रीन लेवी में कटौती करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि यदि सरकार वास्तव में लोगों की जीवन-यापन लागत कम करना चाहती है, तो उसे ऊर्जा खर्च को कम करने के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। विपक्षी दलों की अलग-अलग मांगों से स्पष्ट है कि सरकार को आने वाले महीनों में आर्थिक मोर्चे पर कई चुनौतियों का सामना करना पड़ेगा।
10 साल की योजना पर प्रधानमंत्री का फोकस
सरकार का कहना है कि प्रधानमंत्री का देशव्यापी दौरा केवल तत्काल राजनीतिक समस्याओं का समाधान तलाशने के लिए नहीं है। इसका उद्देश्य ब्रिटेन के भविष्य के लिए 10 वर्षीय योजना तैयार करना भी है। प्रधानमंत्री लोगों से उनकी प्राथमिकताओं और समस्याओं के बारे में जानकारी लेकर ऐसी नीतियां तैयार करना चाहते हैं, जिनसे रोजगार, स्थानीय कारोबार, उपभोक्ता अधिकार और जीवन-यापन की लागत जैसे मुद्दों पर लंबे समय में सुधार किया जा सके।
फिलहाल ब्रिटेन में आम लोगों को महंगाई से राहत देने और अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की चुनौती सरकार के सामने सबसे अहम मुद्दों में बनी हुई है। प्रधानमंत्री के आगामी दौरे और अक्टूबर के बजट से यह स्पष्ट होगा कि सरकार इन चुनौतियों से निपटने के लिए कितने प्रभावी कदम उठाती है।










