ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने अक्टूबर 2026 से घरेलू बिजली बिलों पर VAT हटाने का ऐलान किया है। सरकार का दावा है कि इससे परिवारों को राहत मिलेगी, जबकि विपक्ष ने इस योजना की फंडिंग को लेकर सवाल उठाए हैं।
लंदन: ब्रिटेन के नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने पदभार संभालने के एक दिन बाद ही अपनी सरकार का पहला बड़ा आर्थिक फैसला घोषित किया है। सरकार ने अक्टूबर 2026 से घरेलू बिजली बिलों पर लगने वाला वैट (VAT) समाप्त करने का ऐलान किया है। इस कदम का उद्देश्य बढ़ती जीवन-यापन लागत के बीच परिवारों को राहत देना है। सरकारी अनुमान के अनुसार, औसत ऊर्जा खपत वाले एक परिवार को इस फैसले से सालाना लगभग 45 पाउंड (करीब 4 पाउंड प्रति माह) की बचत होगी। हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि वास्तविक राहत ऊर्जा की अंतरराष्ट्रीय कीमतों पर भी निर्भर करेगी।
पहली कैबिनेट बैठक पर नजर
प्रधानमंत्री बनने के बाद एंडी बर्नहैम आज पहली बार अपनी नई कैबिनेट के साथ औपचारिक बैठक करेंगे। इस बैठक में सरकार की शुरुआती प्राथमिकताओं, आर्थिक रणनीति और आगामी नीतियों पर चर्चा होने की संभावना है। नई कैबिनेट में जॉन हीली को वित्त मंत्री (चांसलर), एड मिलिबैंड को विदेश मंत्री, वेस स्ट्रीटिंग को रक्षा मंत्री बनाया गया है। वहीं एंजेला रेयनर को फिर से आवास मंत्री और शबाना महमूद को गृह मंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
बिजली बिलों पर VAT हटाने से क्या होगा फायदा
ब्रिटेन सरकार का कहना है कि अक्टूबर से घरेलू बिजली बिलों पर VAT हटाने के बाद एक सामान्य परिवार के बिजली खर्च में लगभग 45 पाउंड सालाना की कमी आएगी। हालांकि ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यह राहत स्वागत योग्य है, लेकिन ऊर्जा की वैश्विक कीमतों में उतार-चढ़ाव के कारण उपभोक्ताओं के कुल बिल में कमी सीमित रह सकती है। हाल ही में मध्य पूर्व में बढ़े भू-राजनीतिक तनाव के कारण थोक ऊर्जा कीमतों में वृद्धि हुई है, जिसके चलते जुलाई में औसत घरेलू ऊर्जा बिल लगभग 13 प्रतिशत बढ़ गया।
बढ़ती महंगाई बनी चुनौती
ब्रिटेन में महंगाई का असर अब भी आम लोगों की जेब पर दिखाई दे रहा है। खाद्य वस्तुओं की कीमतों में पिछले कुछ वर्षों के दौरान लगातार वृद्धि दर्ज की गई है। विशेषज्ञों का कहना है कि बिजली बिलों पर VAT हटाने से कुछ राहत जरूर मिलेगी, लेकिन यह बढ़ती महंगाई और जीवन-यापन की लागत की समस्या का पूर्ण समाधान नहीं है। सरकार का यह कदम जनता को यह संकेत भी देता है कि वह घरेलू खर्च कम करने के लिए हस्तक्षेप करने को तैयार है, बशर्ते उसके लिए वैकल्पिक वित्तीय संसाधन उपलब्ध हों।
डिजिटल आईडी योजना होगी समाप्त
सरकार ने स्पष्ट किया है कि बिजली बिलों पर VAT समाप्त करने से होने वाले राजस्व नुकसान की भरपाई पूर्व प्रधानमंत्री कीर स्टार्मर सरकार की डिजिटल आईडी (Digital ID) योजना को समाप्त करके की जाएगी।
हालांकि इस दावे पर राजनीतिक विवाद शुरू हो गया है।
पूर्व मंत्री डैरेन जोन्स ने कहा कि डिजिटल आईडी कार्यक्रम के लिए पहले से पर्याप्त बजट निर्धारित ही नहीं था। उनके अनुसार यदि योजना पूरी तरह वित्तपोषित नहीं थी, तो उसे समाप्त कर मिलने वाली बचत का उपयोग किसी नई योजना के लिए नहीं किया जा सकता।
![]()
सरकार ने दिया जवाब
व्यापार मंत्री जोनाथन रेनॉल्ड्स ने विपक्ष की आलोचना का जवाब देते हुए कहा कि सरकार ने उपलब्ध संसाधनों का मूल्यांकन करने के बाद यह निर्णय लिया है। उन्होंने कहा कि नई सरकार वित्तीय अनुशासन बनाए रखते हुए जनता को राहत देने वाली नीतियों पर आगे बढ़ेगी और बजट के दौरान सभी वित्तीय प्रावधान स्पष्ट किए जाएंगे।
विपक्ष ने उठाए सवाल
कंजर्वेटिव पार्टी की नेता केमी बेडेनॉक ने बिजली बिलों पर VAT हटाने के फैसले का स्वागत किया, लेकिन इसके लिए धन जुटाने के तरीके पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि डिजिटल आईडी योजना पूरी तरह वित्तपोषित नहीं थी, तो उसकी कथित बचत का उपयोग किसी अन्य योजना के लिए नहीं किया जा सकता। ग्रीन पार्टी के नेता जैक पोलांस्की ने भी कहा कि बिजली बिलों में VAT कटौती एक सकारात्मक शुरुआत है, लेकिन यह सर्दियों के दौरान बढ़ते ऊर्जा खर्च से जूझ रहे लाखों परिवारों के लिए पर्याप्त नहीं होगी। उन्होंने ऊर्जा कीमतों को नियंत्रित करने के लिए अधिक मजबूत उपायों की मांग की।
नई कैबिनेट में महिलाओं की रिकॉर्ड भागीदारी
एंडी बर्नहैम की नई कैबिनेट ने एक नया रिकॉर्ड भी बनाया है। पहली बार ब्रिटेन की पूर्ण कैबिनेट में महिलाओं की संख्या पुरुषों से अधिक है। 23 सदस्यीय मंत्रिमंडल में प्रधानमंत्री सहित 12 महिलाएं और 11 पुरुष शामिल हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड 2024 में बना था, जब कैबिनेट में 11 महिला मंत्री थीं। नई सरकार में शबाना महमूद, एंजेला रेयनर, लुईस हेग और लूसी पॉवेल जैसी वरिष्ठ महिला नेताओं को महत्वपूर्ण मंत्रालय सौंपे गए हैं।
परिवारों की भूमिका भी चर्चा में
नई कैबिनेट में कुछ ऐसे मंत्री भी शामिल हैं जिनके परिवार के अन्य सदस्य भी ब्रिटिश राजनीति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा चुके हैं। एल्ली रीव्स को अटॉर्नी जनरल नियुक्त किया गया है। उनकी बहन रैचेल रीव्स पहले वित्त मंत्री रह चुकी हैं। विदेश मंत्री एड मिलिबैंड भी ऐसे परिवार से आते हैं, जहां उनके भाई डेविड मिलिबैंड पहले इसी पद पर कार्य कर चुके हैं। वहीं पर्यावरण मंत्री एंजेला ईगल की जुड़वां बहन मारिया ईगल भी ब्रिटिश सरकार में मंत्री रह चुकी हैं।
आगे क्या होगा
अब सबकी नजर नई सरकार की पहली कैबिनेट बैठक और आगामी बजट पर है। सरकार को यह स्पष्ट करना होगा कि बिजली बिलों पर VAT हटाने सहित अन्य चुनावी वादों के लिए वित्तीय संसाधन कैसे जुटाए जाएंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि सरकार वित्तीय संतुलन बनाए रखते हुए जनता को राहत देने में सफल रहती है, तो यह उसके लिए मजबूत राजनीतिक शुरुआत साबित हो सकती है। वहीं विपक्ष सरकार की हर नई आर्थिक नीति पर कड़ी नजर बनाए हुए है।










