ब्रिटेन की ईरान को कड़ी चेतावनी: मिलिबैंड बोले- ब्रिटिश धरती पर धमकी या शत्रुतापूर्ण गतिविधि बर्दाश्त नहीं

ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने ईरान को ब्रिटिश धरती पर धमकी और शत्रुतापूर्ण गतिविधियो को लेकर चेतावनी दी। उन्होने दो ब्रिटिश नागरिको की रिहाई की मांग की

ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने ईरान से कहा है कि ब्रिटिश धरती पर धमकी, डराने या शत्रुतापूर्ण गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। न्यूयॉर्क में ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से मुलाकात में उन्होंने तनाव कम करने, कूटनीति और दो ब्रिटिश नागरिकों की रिहाई पर जोर दिया।

लंदन: ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने ईरान को ब्रिटिश धरती पर धमकी, डराने-धमकाने और शत्रुतापूर्ण गतिविधियों को लेकर स्पष्ट चेतावनी दी है। मिलिबैंड ने कहा कि ईरान से जुड़े समूहों की ऐसी गतिविधियों को ब्रिटेन बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने यह बात संयुक्त राष्ट्र महासभा के दौरान न्यूयॉर्क में ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के साथ आमने-सामने हुई बैठक में कही। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों नेताओं की बातचीत में मध्य पूर्व का युद्ध, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने की आवश्यकता और ब्रिटिश धरती पर ईरान से जुड़े समूहों से पैदा होने वाले खतरों से निपटने के लिए ब्रिटेन की प्रतिबद्धता प्रमुख मुद्दे रहे।

मिलिबैंड ने ईरान से तनाव कम करने को कहा

बैठक के बाद जारी विवरण में ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने बताया कि एड मिलिबैंड ने ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची से युद्ध को लंबा खींचने के बजाय तनाव कम करने और कूटनीति का रास्ता अपनाने का आग्रह किया।

मिलिबैंड ने बातचीत के दौरान यह भी रेखांकित किया कि क्षेत्रीय संकट के बीच कूटनीतिक प्रयासों को प्राथमिकता देना जरूरी है। ब्रिटेन का कहना है कि मौजूदा संघर्ष को आगे बढ़ाने के बजाय तनाव कम करने की दिशा में कदम उठाए जाने चाहिए।

यह बैठक ऐसे समय हुई जब मध्य पूर्व में युद्ध और उससे जुड़े क्षेत्रीय तनाव अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रमुख चिंता बने हुए हैं।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर खोलने पर जोर

ब्रिटिश विदेश मंत्री ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में नौवहन की स्वतंत्रता बहाल करने और इस जलमार्ग को पूरी तरह फिर से खोलने के महत्व पर भी जोर दिया।

ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के मुताबिक, मिलिबैंड ने कहा कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में लगातार व्यवधान का असर वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर पड़ रहा है। इस कारण इस महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग में आवाजाही की स्वतंत्रता बहाल करना ब्रिटेन के लिए महत्वपूर्ण मुद्दा है।

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज वैश्विक स्तर पर महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों में से एक है। ऐसे में यहां किसी भी तरह का लंबे समय तक व्यवधान अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा और अर्थव्यवस्था से जुड़े मुद्दों को प्रभावित कर सकता है।

ब्रिटिश धरती पर गतिविधियों को लेकर सख्त संदेश

बैठक में मिलिबैंड ने ईरान से जुड़े समूहों द्वारा ब्रिटेन में की जाने वाली गतिविधियों का मुद्दा भी उठाया। ब्रिटिश विदेश मंत्रालय ने कहा कि सरकार ब्रिटिश धरती पर ईरान से जुड़े समूहों से उत्पन्न खतरों से निपटने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

मिलिबैंड ने विशेष रूप से ब्रिटिश यहूदी समुदाय को निशाना बनाने वाले हमलों का उल्लेख किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि ब्रिटेन डराने-धमकाने, धमकियों या ब्रिटिश धरती पर किसी भी शत्रुतापूर्ण गतिविधि को स्वीकार नहीं करेगा। ब्रिटेन के विदेश मंत्रालय ने यह भी कहा कि सरकार ने ऐसे खतरों के जवाब में कई कदम उठाए हैं।

ईरान से जुड़े साइबर खतरे का भी जिक्र

बैठक के संदर्भ में ब्रिटेन की नेशनल साइबर सिक्योरिटी सेंटर की हालिया चेतावनी भी सामने आई। केंद्र ने पिछले सप्ताह कहा था कि ईरान से जुड़े राज्य-समर्थित साइबर समूहों ने “CHOSEN BRICK” नामक स्पाइवेयर परिवार का इस्तेमाल किया।

दिए गए विवरण के अनुसार, इन साइबर गतिविधियों के जरिए ईमेल, संदेश और अन्य संवेदनशील सूचनाएं हासिल करने का प्रयास किया गया। इसके लिए मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर “स्पीयर-फिशिंग” अभियानों का इस्तेमाल किया गया, जिनमें WhatsApp और Telegram जैसे प्लेटफॉर्म शामिल थे। साइबर सुरक्षा से जुड़ा यह मुद्दा ब्रिटेन और ईरान के बीच पहले से मौजूद सुरक्षा संबंधी तनाव के एक और पहलू को सामने लाता है।

ईरान की जेल में बंद ब्रिटिश दंपती का मुद्दा उठा

एड मिलिबैंड ने बैठक के दौरान ईरान में हिरासत में रखे गए ब्रिटिश नागरिक क्रेग और लिंडसे फोरमैन का मुद्दा भी उठाया।

दिए गए विवरण के अनुसार, ईस्ट ससेक्स के रहने वाले क्रेग और लिंडसे फोरमैन को पिछले साल जनवरी में ईरानी अधिकारियों ने उस समय गिरफ्तार किया था, जब वे मोटरसाइकिल यात्रा के दौरान ईरान से गुजर रहे थे। दोनों फिलहाल तेहरान की एविन जेल में बंद हैं।

मिलिबैंड ने दोनों की तत्काल रिहाई की मांग दोहराई। ब्रिटिश विदेश मंत्री ने कहा कि उनकी सुरक्षा और कल्याण ब्रिटिश सरकार की प्राथमिकता बनी हुई है।

ब्रिटेन-ईरान संबंधों में सुरक्षा प्रमुख मुद्दा

मिलिबैंड और अराघची के बीच हुई बातचीत से स्पष्ट है कि ब्रिटेन और ईरान के बीच मौजूदा संवाद में क्षेत्रीय युद्ध के साथ-साथ ब्रिटिश घरेलू सुरक्षा भी महत्वपूर्ण मुद्दा बनी हुई है।

एक ओर ब्रिटेन मध्य पूर्व में तनाव कम करने और कूटनीतिक समाधान की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वह ब्रिटिश धरती पर ईरान से जुड़े समूहों की गतिविधियों को लेकर सख्त रुख अपना रहा है।

ब्रिटिश विदेश मंत्रालय के अनुसार, मिलिबैंड ने बातचीत में यह स्पष्ट किया कि ब्रिटेन ईरान से जुड़े खतरों का मुकाबला करने के लिए अपनी प्रतिबद्धता जारी रखेगा। साथ ही उन्होंने ईरान से युद्ध को लंबा खींचने के बजाय तनाव कम करने और कूटनीति का रास्ता अपनाने का आग्रह किया।

वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता पर जोर

स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को फिर से खोलने का मुद्दा भी बैठक में खास तौर पर सामने आया। ब्रिटेन ने इसे केवल क्षेत्रीय सुरक्षा का विषय नहीं बल्कि वैश्विक सुरक्षा और आर्थिक स्थिरता से जुड़ा मुद्दा बताया है। मिलिबैंड का संदेश दो स्तरों पर केंद्रित रहा—मध्य पूर्व में तनाव कम करने के लिए कूटनीति को बढ़ावा देना और ब्रिटिश धरती पर सुरक्षा संबंधी किसी भी खतरे के खिलाफ कार्रवाई जारी रखना। इस बैठक में ईरान में हिरासत में रखे गए क्रेग और लिंडसे फोरमैन की स्थिति भी प्रमुख मानवीय और द्विपक्षीय मुद्दे के रूप में सामने आई। ब्रिटेन ने दोनों की तत्काल रिहाई की अपनी मांग दोहराई है।

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