उत्तर प्रदेश में मानसून का असर अब क्षेत्रवार अलग-अलग दिखाई दे रहा है। मौसम विभाग के अनुसार पूर्वांचल के कई जिलों में अगले 24 घंटे के दौरान भारी बारिश की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में मानसूनी बादलों की सक्रियता फिलहाल कमजोर पड़ गई है। इस बदलते मौसम के बीच गोरखपुर में लगातार हुई बारिश से कई प्रमुख सड़कें जलमग्न हो गईं। हालात का जायजा लेने के लिए शहर के मेयर स्वयं जलभराव वाले इलाकों में पहुंचे, जहां उन्हें पानी से भरी सड़कों पर पैंट मोड़कर पैदल चलते देखा गया।
गोरखपुर में रात से रुक-रुककर हो रही बारिश के कारण शहर के कई निचले इलाकों में पानी भर गया। प्रमुख बाजारों, कॉलोनियों और मुख्य मार्गों पर जलभराव होने से लोगों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। कई स्थानों पर दोपहिया वाहन बंद हो गए, जबकि चारपहिया वाहनों की रफ्तार भी काफी धीमी रही। स्कूल, दफ्तर और बाजार जाने वाले लोगों को घंटों तक जाम और जलभराव के बीच सफर करना पड़ा।
बारिश के बाद नगर निगम की टीमें जल निकासी में जुट गईं। कई जगहों पर पंपिंग सेट लगाकर पानी निकालने का काम किया गया। मेयर ने अधिकारियों के साथ विभिन्न प्रभावित इलाकों का निरीक्षण किया और जल निकासी कार्य में तेजी लाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान वे स्वयं जलभराव वाले रास्तों से होकर गुजरे, जिसकी तस्वीरें और वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बन गए।
मौसम विभाग के अनुसार बिहार से सटे पूर्वी उत्तर प्रदेश के जिलों—गोरखपुर, देवरिया, कुशीनगर, महाराजगंज, सिद्धार्थनगर, बस्ती, संतकबीरनगर, बलिया, मऊ, आजमगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मध्यम से भारी बारिश हो सकती है। कुछ स्थानों पर तेज हवा और वज्रपात की भी आशंका जताई गई है। लोगों से खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की अपील की गई है।
दूसरी ओर पश्चिमी उत्तर प्रदेश के मेरठ, नोएडा, गाजियाबाद, आगरा, अलीगढ़, सहारनपुर, बागपत, बुलंदशहर और आसपास के क्षेत्रों में मानसून की गतिविधियां फिलहाल कमजोर पड़ी हैं। कई जिलों में बादलों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन व्यापक बारिश की संभावना कम बताई गई है। हालांकि मौसम विभाग का कहना है कि अगले कुछ दिनों में मानसूनी प्रणाली फिर सक्रिय हो सकती है।
राज्य सरकार ने सभी जिलों के प्रशासन को अलर्ट मोड में रहने के निर्देश दिए हैं। नगर निकायों, सिंचाई विभाग, बिजली विभाग और आपदा प्रबंधन की टीमों को संवेदनशील क्षेत्रों पर विशेष निगरानी रखने को कहा गया है। जहां-जहां जलभराव की स्थिति बनी है, वहां अतिरिक्त पंपिंग मशीनें लगाई जा रही हैं और नालों की सफाई का कार्य तेज किया गया है।
लगातार बारिश को देखते हुए किसानों को भी सलाह दी गई है कि वे खेतों में जल निकासी की व्यवस्था बनाए रखें। अधिक वर्षा वाले क्षेत्रों में धान और अन्य खरीफ फसलों को जलभराव से बचाने के लिए आवश्यक उपाय करने की अपील की गई है। वहीं, बिजली गिरने की आशंका वाले इलाकों में लोगों से खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहने को कहा गया है।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि जलभराव वाले रास्तों से गुजरते समय सावधानी बरतें, अनावश्यक यात्रा से बचें और किसी भी आपात स्थिति की सूचना तुरंत स्थानीय प्रशासन को दें। मौसम विभाग की ताजा चेतावनियों पर नजर बनाए रखने की भी सलाह दी गई है।
फिलहाल पूर्वांचल में बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है, जबकि पश्चिमी उत्तर प्रदेश के लोग मानसून की अगली सक्रिय लहर का इंतजार कर रहे हैं। प्रशासन और नगर निकाय लगातार हालात पर नजर रखे हुए हैं ताकि बारिश से होने वाली परेशानियों को कम किया जा सके।









