Arvind Kejriwal ने ई-20 पेट्रोल से वाहनों में कथित रूप से आ रही खराबियों को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। शनिवार को सर्विस सेंटर के दौरे का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए उन्होंने दावा किया कि दिल्ली में कई कार मैकेनिकों और वाहन मालिकों ने एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल के कारण गाड़ियों में तकनीकी समस्याएं और माइलेज में भारी गिरावट की शिकायत की।
Arvind Kejriwal on E20 Petrol: आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने एथेनॉल मिश्रित E20 पेट्रोल को लेकर केंद्र सरकार की नीति पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने दावा किया कि E20 पेट्रोल के उपयोग से कई वाहनों में तकनीकी समस्याएं सामने आ रही हैं और वाहन मालिकों को माइलेज में कमी के साथ-साथ मरम्मत पर अतिरिक्त खर्च उठाना पड़ रहा है।
दिल्ली के कुछ वाहन सर्विस सेंटरों और पेट्रोल पंपों का दौरा करने के बाद केजरीवाल ने सोशल मीडिया पर एक वीडियो साझा किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार को नागरिकों की शिकायतों को गंभीरता से लेना चाहिए और उपभोक्ताओं को E20 तथा पारंपरिक पेट्रोल के बीच विकल्प उपलब्ध कराना चाहिए।
सर्विस सेंटरों में वाहन मालिकों से की बातचीत
अपने दौरे के दौरान अरविंद केजरीवाल ने सर्विस सेंटरों पर मौजूद मैकेनिकों और वाहन मालिकों से बातचीत की। उनके अनुसार, कई मैकेनिकों ने दावा किया कि हाल के महीनों में इंजन, फ्यूल पंप और फ्यूल इंजेक्टर से जुड़ी शिकायतों में बढ़ोतरी हुई है। उन्होंने कहा कि कुछ वाहन मालिकों ने बताया कि उनकी गाड़ियां बार-बार बंद हो रही हैं या स्टार्ट होने में परेशानी आ रही है।
एक वाहन मालिक ने कथित तौर पर बताया कि उनकी E20-अनुकूल (E20 Compatible) कार में भी फ्यूल सिस्टम से जुड़ी समस्या आई और माइलेज पहले की तुलना में कम हो गया। केजरीवाल ने इन दावों के आधार पर कहा कि सरकार को इस विषय पर विस्तृत तकनीकी समीक्षा करानी चाहिए।
माइलेज घटने का भी लगाया आरोप

AAP प्रमुख ने दावा किया कि कई वाहन मालिकों ने E20 पेट्रोल के उपयोग के बाद माइलेज में उल्लेखनीय कमी आने की शिकायत की। उनके अनुसार, कुछ लोगों ने बताया कि पहले जहां एक टैंक ईंधन अधिक दिनों तक चलता था, वहीं अब कम दूरी तय हो रही है। कुछ वाहन मालिकों ने यह भी कहा कि उन्हें पहले की तुलना में अधिक बार ईंधन भरवाना पड़ रहा है, जिससे उनकी मासिक परिवहन लागत बढ़ गई है। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं की गई है और विभिन्न वाहनों में माइलेज कई अन्य तकनीकी एवं परिचालन कारकों पर भी निर्भर करता है।
सरकार से विकल्प देने की मांग
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि यदि सरकार एथेनॉल मिश्रित ईंधन को बढ़ावा देना चाहती है, तो उपभोक्ताओं को विकल्प भी उपलब्ध कराया जाना चाहिए।उन्होंने सुझाव दिया कि पेट्रोल पंपों पर E20 पेट्रोल के साथ-साथ पारंपरिक पेट्रोल भी उपलब्ध कराया जाए, ताकि वाहन मालिक अपने वाहन की अनुकूलता और आवश्यकता के अनुसार ईंधन का चयन कर सकें।
उनका कहना था कि उपभोक्ताओं को बिना विकल्प के किसी एक ईंधन पर निर्भर रहने के लिए मजबूर नहीं किया जाना चाहिए। भारत सरकार ने आयातित कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने, कार्बन उत्सर्जन घटाने और गन्ना उत्पादक किसानों को अतिरिक्त बाजार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण बढ़ाने की नीति अपनाई है।
E20 पेट्रोल का अर्थ है कि उसमें 20 प्रतिशत एथेनॉल और 80 प्रतिशत पेट्रोल का मिश्रण होता है। सरकार का लक्ष्य चरणबद्ध तरीके से पूरे देश में एथेनॉल मिश्रित ईंधन का उपयोग बढ़ाना है। नीति के समर्थकों का कहना है कि इससे जीवाश्म ईंधन पर निर्भरता कम होगी, विदेशी मुद्रा की बचत होगी और पर्यावरण संरक्षण में मदद मिलेगी।












