यूपी PET परीक्षा में सख्त चेकिंग लड़कियों के बाल खुलवाए मोजे और रुमाल भी उतरवाए 60 जिलों में स्कूल बंद

यूपी PET परीक्षा में केंद्रों पर कड़ी जांच हुई। कहीं छात्राओं के बाल खुलवाए गए तो कहीं जूते मोजे और रुमाल बाहर रखवाए गए। 60 जिलों में 12वीं तक स्कूल बंद रहे।
यूपी PET परीक्षा में सख्त चेकिंग लड़कियों के बाल खुलवाए मोजे और रुमाल भी उतरवाए 60 जिलों में स्कूल बंद
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उत्तर प्रदेश में प्रारंभिक अर्हता परीक्षा यानी PET 2026 के दूसरे दिन शुक्रवार को परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा के कड़े इंतजाम देखने को मिले। प्रदेश के 60 जिलों में बनाए गए परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की तीन स्तरों पर जांच की गई। प्रवेश से पहले आधार कार्ड और एडमिट कार्ड का मिलान किया गया, इसके बाद बायोमेट्रिक और अन्य सुरक्षा जांच की प्रक्रिया पूरी कराई गई। कई केंद्रों पर जांच के दौरान छात्राओं के बाल खुलवाए गए, जबकि कुछ जगहों पर अभ्यर्थियों के जूते-मोजे और रुमाल तक बाहर रखवा दिए गए। परीक्षा में किसी भी तरह की नकल या प्रतिबंधित सामग्री के इस्तेमाल को रोकने के लिए प्रशासन ने सख्ती बरती। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों की आवाजाही को देखते हुए परीक्षा वाले 60 जिलों में कक्षा 12वीं तक के स्कूलों में एक दिन का शैक्षणिक अवकाश भी घोषित किया गया।

परीक्षा केंद्रों पर सुबह से ही अभ्यर्थियों की भीड़ जुटने लगी थी। उम्मीदवार अपने एडमिट कार्ड पर दिए गए समय के अनुसार केंद्रों पर पहुंचे। प्रवेश द्वार पर तैनात कर्मचारियों ने दस्तावेजों की जांच के बाद अभ्यर्थियों को सुरक्षा जांच के लिए आगे भेजा। अलग-अलग जिलों से सामने आई तस्वीरों में जांच की सख्ती दिखाई दी। कुछ केंद्रों पर छात्राओं के बाल खुलवाकर जांच की गई, ताकि बालों में कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण या प्रतिबंधित सामग्री छिपाकर ले जाने की आशंका न रहे। वहीं कई जगहों पर हेयर पिन, कान की बालियां और अन्य आभूषण भी उतरवाए गए।

जूते और मोजे उतरवाकर जांच करने की तस्वीरें भी सामने आईं। कुछ परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों को रुमाल तक अंदर ले जाने की अनुमति नहीं दी गई। अलीगढ़ में महिला अभ्यर्थियों ने पायल और गले की चेन उतारकर परिजनों को सौंप दी, जिसके बाद उन्हें प्रवेश मिला। लखनऊ में कुछ छात्राओं के कलावे काटे गए और कान की बालियां तथा हेयर पिन उतरवाई गईं। कानपुर और बरेली के कुछ केंद्रों पर छात्राओं के बाल खुलवाकर जांच की गई। अलग-अलग केंद्रों पर सुरक्षा जांच के नियमों को सख्ती से लागू किया गया।

परीक्षा केंद्रों पर अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए आधार कार्ड और एडमिट कार्ड की जांच के साथ बायोमेट्रिक मिलान तथा फेस और रेटिना स्कैन की व्यवस्था भी की गई। आयोग का उद्देश्य किसी दूसरे व्यक्ति के स्थान पर परीक्षा देने और नकल जैसी गतिविधियों को रोकना है। केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है। इसके अलावा पुलिसकर्मियों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि परीक्षा के दौरान किसी तरह की अव्यवस्था न हो।

इस बीच PET परीक्षा के चलते प्रदेश के 60 जिलों में 30 अक्टूबर को कक्षा 1 से 12वीं तक के स्कूलों में शैक्षणिक अवकाश घोषित किया गया। परीक्षा केंद्रों के आसपास बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों और उनके परिजनों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यह फैसला लिया गया। सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी विद्यालयों को जारी निर्देशों के अनुसार बंद रखा गया। हालांकि, शिक्षकों और कर्मचारियों को उनके निर्धारित प्रशासनिक और अन्य दायित्वों से पूरी तरह मुक्त नहीं किया गया था। जिन जिलों में PET परीक्षा आयोजित नहीं की जा रही है, वहां स्कूलों के संचालन को लेकर अलग निर्देश लागू रहे।

UPSSSC की ओर से आयोजित PET 2026 के लिए 35 लाख से अधिक अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया है। परीक्षा प्रदेश के 60 जिलों के 1,372 केंद्रों पर तीन तारीखों 25 अक्टूबर, 30 अक्टूबर और 1 नवंबर को दो पालियों में आयोजित की जा रही है। शुक्रवार को दूसरे दिन की परीक्षा में करीब 12 लाख अभ्यर्थियों के शामिल होने की संभावना जताई गई। पहली पाली सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 3 बजे से शाम 5 बजे तक निर्धारित है।

परीक्षा के दौरान प्रशासन ने यातायात और सुरक्षा व्यवस्था पर भी ध्यान दिया है। बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों के पहुंचने से बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और परीक्षा केंद्रों के आसपास भीड़ बढ़ने की संभावना रहती है। इसी को देखते हुए संबंधित अधिकारियों को व्यवस्था बनाए रखने और उम्मीदवारों को केंद्र तक पहुंचने में मदद करने के निर्देश दिए गए हैं। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे अपने एडमिट कार्ड पर दर्ज केंद्र और पाली की जानकारी ध्यान से जांचें तथा निर्धारित समय से पहले पहुंचें।

 

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