कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में 12 तरह के नौकरशाहों का जिक्र किया। उन्होंने फाइलें रोकने, देर रात बैठक बुलाने और कर्मचारियों से गलत व्यवहार करने जैसी आदतों पर सवाल उठाए। साथ ही प्रशासनिक कामकाज सुधारने पर जोर दिया।
नई दिल्ली: केंद्र सरकार के बड़े अधिकारियों की हुई बैठक में कैबिनेट सचिव टी.वी. सोमनाथन ने सरकारी दफ्तरों में काम करने के तरीकों पर सवाल उठाए। उन्होंने एक प्रेजेंटेशन में 12 तरह के अफसरों की आदतें बताईं। इनमें फाइलें रोककर रखने वाले, कर्मचारियों से गलत व्यवहार करने वाले और ऑफिस में देर से आने वाले अधिकारी शामिल थे। सोमनाथन ने कार्टून के जरिए इन अफसरों पर तंज कसा और बताया कि सरकारी दफ्तरों में काम करने का तरीका बदलने की जरूरत है।
फाइलें रोकने और कर्मचारियों से बदतमीजी करने वाले अफसरों पर सवाल
कैबिनेट सचिव ने ऐसे अधिकारियों का जिक्र किया, जो अपने कर्मचारियों से ठीक से बात नहीं करते। कुछ अफसर गुस्से में फाइलें फेंक देते हैं, तो कुछ छोटी-छोटी बातों पर कर्मचारियों को डांटने लगते हैं। उन्होंने उन अफसरों पर भी सवाल उठाए, जो जरूरी फाइलों को आगे भेजने के बजाय अपने पास रख लेते हैं। इससे सरकारी काम अटक जाते हैं और दूसरे विभागों को भी परेशानी होती है।
सोमनाथन ने कहा कि कुछ अधिकारी ऐसे फैसले भी खुद नहीं लेते, जिन्हें लेने का अधिकार उनके पास होता है। वे फाइल मंत्रियों के पास भेज देते हैं। इससे छोटे कामों में भी जरूरत से ज्यादा समय लग जाता है।
शनिवार को कर्मचारियों को बुलाते हैं, खुद देर से आते हैं
बैठक में ऐसे अफसरों की आदतों पर भी सवाल उठाए गए, जो शनिवार को कर्मचारियों को ऑफिस बुला लेते हैं, लेकिन खुद समय पर नहीं पहुंचते। इसके अलावा शाम सात बजे के बाद मीटिंग रखने वाले अधिकारियों का भी जिक्र हुआ। सोमनाथन का कहना था कि कर्मचारियों के समय का ध्यान रखना जरूरी है। बिना जरूरत देर तक मीटिंग करने या लोगों को ऑफिस में रोकने से काम बेहतर हो, यह जरूरी नहीं है। उन्होंने अधिकारियों को समय पर काम पूरा करने और बेवजह लंबी बैठकें न करने का संदेश दिया।
महिला कर्मचारियों से गलत व्यवहार का भी उठाया मुद्दा
कैबिनेट सचिव ने सरकारी दफ्तरों में महिला कर्मचारियों के साथ होने वाले गलत व्यवहार का मुद्दा भी उठाया। प्रेजेंटेशन में ऐसे अफसरों का उदाहरण दिया गया, जो महिला कर्मचारियों को कोई कागज या फाइल दिखाने के बहाने जरूरत से ज्यादा करीब बुलाते हैं। इस उदाहरण के जरिए बताया गया कि ऑफिस में हर कर्मचारी के साथ सम्मान से पेश आना चाहिए। किसी भी सहकर्मी के साथ ऐसा व्यवहार नहीं होना चाहिए, जिससे वह असहज महसूस करे।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, सोमनाथन ने अपनी प्रेजेंटेशन में कुल 12 तरह के अफसरों की आदतों पर बात की थी। हालांकि, इन सभी 12 श्रेणियों की पूरी आधिकारिक सूची अभी सार्वजनिक नहीं हुई है।
आर.के. लक्ष्मण के कार्टून से समझाई अफसरों की आदतें
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इस बैठक की एक खास बात कैबिनेट सचिव का प्रेजेंटेशन देने का तरीका रहा। उन्होंने केवल निर्देश पढ़ने के बजाय अलग-अलग तरह के अधिकारियों की आदतों को कार्टून के जरिए समझाया। बताया जा रहा है कि इनमें कई कार्टून प्रसिद्ध कार्टूनिस्ट आर.के. लक्ष्मण के थे। लक्ष्मण अपने कार्टून में आम आदमी की परेशानियों और सरकारी व्यवस्था की कमियों को दिखाने के लिए जाने जाते थे।
मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, प्रेजेंटेशन के दौरान कुछ वरिष्ठ अधिकारी असहज नजर आए। हालांकि, इस बारे में किसी अधिकारी की व्यक्तिगत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अधिकारियों की रेटिंग पर भी उठाया बड़ा सवाल
बैठक में वरिष्ठ अधिकारियों के कामकाज का मूल्यांकन भी चर्चा का विषय रहा। कैबिनेट सचिव ने कहा कि प्रदर्शन की समीक्षा में अक्सर अधिकारियों को बहुत ज्यादा अंक मिलते हैं। उन्होंने बताया कि एक से दस के पैमाने पर कई अधिकारियों के अंक दस के आसपास होते हैं। ऐसे में यह समझना मुश्किल हो जाता है कि किस अधिकारी ने वास्तव में बेहतरीन काम किया और किसका प्रदर्शन केवल संतोषजनक रहा। इसलिए परफॉर्मेंस रिव्यू की प्रक्रिया में ऐसा अंतर दिखाई देना जरूरी है, जिससे बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की सही पहचान हो सके।
वित्त और वाणिज्य मंत्रालय को लेकर क्या कहा?
सोमनाथन ने कहा कि सरकारी मंत्रालयों को आपस में बेहतर तालमेल रखकर काम करना चाहिए। अगर किसी मंत्रालय से किसी मामले पर राय मांगी जाती है, तो उसे समय पर जवाब देना चाहिए। उन्होंने खासतौर पर वित्त और वाणिज्य मंत्रालय से जुड़े मामलों में देरी न करने की बात कही। दरअसल, सरकार के कई फैसलों में एक से ज्यादा मंत्रालयों की राय लेनी पड़ती है।
ऐसे में किसी एक मंत्रालय से जवाब मिलने में देर होती है, तो पूरा काम रुक जाता है। सोमनाथन ने अधिकारियों से कहा कि फाइलों और प्रस्तावों पर समय रहते जवाब दें, ताकि जरूरी काम आगे बढ़ सकें।
जनवरी 2027 से शुरू होगा Deregulation 3.0
बैठक में सरकार के नए कार्यक्रम 'Deregulation 3.0' को लेकर भी चर्चा हुई। इसे जनवरी 2027 से शुरू करने की तैयारी है। इसके तहत ऐसे सरकारी नियम और प्रक्रियाएं कम की जाएंगी, जिनकी वजह से लोगों और कारोबारियों को बेवजह परेशानी होती है। सरकार की कोशिश है कि कंपनियों को जरूरी मंजूरी लेने के लिए बार-बार सरकारी दफ्तरों के चक्कर न लगाने पड़ें। कागजी काम कम हो और विभागों में फैसले भी जल्दी लिए जाएं।
कैबिनेट सचिव सोमनाथन ने अधिकारियों से कहा कि जरूरी फाइलों को बिना वजह रोककर न रखें। काम समय पर पूरा करें और अपने साथ काम करने वाले कर्मचारियों के साथ भी अच्छा व्यवहार रखें।









