यूपी में संकरी गलियों के लिए खरीदे जाएंगे छोटे फायर टेंडर, योगी कैबिनेट ने 25.78 करोड़ रुपये मंजूर किए

योगी कैबिनेट ने 25.78 करोड़ रुपये से 44 छोटे वाटर टेंडर और 5 फोम फायर टेंडर खरीदने को मंजूरी दी। संकरी गलियों में राहत तेज होगी।

योगी सरकार ने संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में आग पर तेजी से काबू पाने के लिए 44 छोटे वाटर टेंडर और 5 फोम फायर टेंडर खरीदने को मंजूरी दी है। इस परियोजना पर 25.78 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे।

लखनऊ: उत्तर प्रदेश सरकार ने आग लगने की घटनाओं पर तेजी से नियंत्रण पाने के लिए बड़ा फैसला लिया है। योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में संकरी गलियों, बाजारों और औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 44 छोटे वाटर टेंडर और 5 फोम फायर टेंडर खरीदने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी गई है।

संकरी गलियों में अब तेजी से पहुंचेगी फायर ब्रिगेड

उत्तर प्रदेश सरकार ने भीड़भाड़ वाले शहरी इलाकों, संकरी गलियों और बाजारों में आग लगने की घटनाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए नई व्यवस्था शुरू करने का फैसला किया है। योगी कैबिनेट ने 25 करोड़ 78 लाख 85 हजार रुपये की लागत से आधुनिक फायर टेंडरों की खरीद और निर्माण को मंजूरी दी है।

इस फैसले के तहत 44 छोटे वाटर टेंडर और 5 फोम फायर टेंडर तैयार किए जाएंगे। इन वाहनों का आकार सामान्य फायर ब्रिगेड की तुलना में छोटा होगा, जिससे वे उन स्थानों तक भी आसानी से पहुंच सकेंगे जहां बड़े अग्निशमन वाहन नहीं पहुंच पाते।

44 वाटर टेंडर और 5 फोम टेंडर होंगे शामिल

कैबिनेट के फैसले की जानकारी देते हुए वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि नई आवश्यकता के अनुसार 2500 लीटर क्षमता वाले पांच नए वाटर टेंडर बनाए जाएंगे। इसके अलावा पुराने और निष्प्रयोज्य हो चुके 39 वाटर टेंडरों की जगह भी इसी क्षमता के नए वाहन खरीदे जाएंगे।

इसके साथ ही 55 हजार लीटर क्षमता वाले पांच फोम फायर टेंडर भी खरीदे जाएंगे। इन वाहनों में आधुनिक चेसिस, हाई प्रेशर पंप, फैब्रिकेशन और अन्य जरूरी उपकरण लगाए जाएंगे, ताकि आग बुझाने का कार्य अधिक प्रभावी तरीके से किया जा सके।

इन क्षेत्रों में मिलेगी सबसे ज्यादा राहत

सरकार के अनुसार नए फायर टेंडरों का उपयोग संकरी गलियों वाले मोहल्लों, घनी आबादी वाले बाजारों, कस्बों, औद्योगिक क्षेत्रों, पेट्रोलियम और गैस प्रतिष्ठानों, रासायनिक इकाइयों, एयरपोर्ट, हेलीपैड तथा पेंट और अन्य ज्वलनशील पदार्थों के गोदामों में आग लगने की स्थिति में किया जाएगा।

इन छोटे वाहनों की मदद से ऐसे स्थानों तक भी तुरंत पहुंचा जा सकेगा, जहां बड़े अग्निशमन वाहन रास्ता संकरा होने के कारण नहीं पहुंच पाते। इससे आग पर शुरुआती चरण में ही नियंत्रण पाने में मदद मिलेगी और जान-माल के नुकसान को कम किया जा सकेगा।

हाल की घटनाओं के बाद लिया गया फैसला

सरकार ने यह निर्णय हाल के दिनों में लखनऊ, नोएडा, कानपुर समेत कई शहरों में हुई आग की घटनाओं को ध्यान में रखते हुए लिया है। इन घटनाओं के दौरान कई स्थानों पर फायर ब्रिगेड की बड़ी गाड़ियों को संकरी गलियों और भीड़भाड़ वाले इलाकों तक पहुंचने में कठिनाई का सामना करना पड़ा था।

इसी अनुभव के आधार पर उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग को छोटे आकार के आधुनिक फायर टेंडर उपलब्ध कराने का निर्णय लिया गया है, ताकि भविष्य में ऐसी परिस्थितियों में राहत कार्य तेजी से किया जा सके।

अग्निशमन व्यवस्था होगी और मजबूत

उत्तर प्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवा विभाग जल्द ही इन वाहनों की खरीद प्रक्रिया शुरू करेगा। सरकार का कहना है कि इस पहल से राज्य की अग्निशमन व्यवस्था और अधिक मजबूत होगी तथा ग्रामीण, शहरी और औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाओं पर पहले से अधिक तेजी और प्रभावी ढंग से काबू पाया जा सकेगा। नए फायर टेंडरों के शामिल होने से आपातकालीन सेवाओं की क्षमता बढ़ेगी और नागरिकों की सुरक्षा को और मजबूती मिलेगी।

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