उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 के लिए 45 जिलों में ग्रामवार गन्ना सर्वे और सट्टा प्रदर्शन शुरू हो गया है। 30 अगस्त तक चलने वाले अभियान में किसानों के रिकॉर्ड का सत्यापन और संशोधन किया जाएगा।
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में पेराई सत्र 2026-27 की तैयारियों के तहत गन्ना सर्वे अभियान शुरू कर दिया गया है। 45 जिलों में चल रहे इस कार्यक्रम के दौरान किसानों को गन्ना सर्वे, सट्टा, बैंक खाते, मोबाइल नंबर, भूमि विवरण और अन्य अभिलेखों के सत्यापन व संशोधन की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है।
45 जिलों में शुरू हुआ गन्ना सर्वे अभियान
उत्तर प्रदेश में आगामी पेराई सत्र 2026-27 को ध्यान में रखते हुए ग्रामवार गन्ना सर्वेक्षण और सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम शुरू कर दिया गया है। यह अभियान प्रदेश के 45 जिलों में संचालित किया जा रहा है और 30 अगस्त तक चलेगा। गन्ना विकास विभाग के अनुसार इस दौरान किसानों के सभी जरूरी रिकॉर्ड का सत्यापन किया जाएगा, ताकि आगामी पेराई सत्र में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
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किसानों के गन्ना सर्वे, सट्टा, बैंक खाते, मोबाइल नंबर, गन्ना क्षेत्रफल और अन्य अभिलेखों का मिलान राजस्व रिकॉर्ड से किया जाएगा। यदि किसी प्रकार की त्रुटि मिलती है तो उसे मौके पर ही सुधारने की व्यवस्था की गई है।
41 हजार से अधिक गांवों में पहुंचेगी सर्वे टीम
गन्ना विकास विभाग के मुताबिक इस अभियान के तहत प्रदेश के 41,818 गन्ना ग्रामों में सर्वे और सट्टा प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान को सफल बनाने के लिए 4,294 सर्वेक्षण टीमों का गठन किया गया है, जो गांव-गांव जाकर किसानों के रिकॉर्ड का सत्यापन करेंगी।
सर्वे के दौरान किसानों को गन्ना सर्वे और सट्टा से जुड़े 63 महत्वपूर्ण बिंदुओं की जानकारी भी दी जाएगी। साथ ही उन्हें अपने रिकॉर्ड की जांच करने और किसी भी गलती की स्थिति में तुरंत आपत्ति दर्ज कराने का अवसर मिलेगा।
शिकायतों के समाधान के लिए बनाई गई विशेष व्यवस्था
गन्ना विकास विभाग ने किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए जिला, परिक्षेत्र और प्रदेश स्तर पर शिकायत निवारण केंद्र स्थापित किए हैं। किसानों की आपत्तियों का निस्तारण प्रतिदिन ऑनलाइन और मौके पर किया जाएगा, ताकि रिकॉर्ड समय पर अपडेट हो सकें।
इसके अलावा किसान टोल फ्री नंबर 1800-121-3203 पर भी अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। विभाग का कहना है कि अभियान का उद्देश्य किसानों के सभी रिकॉर्ड को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है।
सर्वेक्षण पूरा होने के बाद किसान 30 सितंबर तक अपनी संबंधित गन्ना समिति में आवश्यक दस्तावेजों के साथ सदस्यता प्राप्त करने के लिए आवेदन भी कर सकेंगे। इससे आगामी पेराई सत्र में गन्ना आपूर्ति और भुगतान प्रक्रिया को अधिक सुचारु और पारदर्शी बनाने में मदद मिलेगी।










