वाराणसी-उत्तर प्रदेश में मौसम ने एक बार फिर खतरनाक करवट ले ली है। राज्य के कई जिलों में तेज आंधी, बारिश और गरज-चमक का दौर जारी है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 44 जिलों में अलर्ट जारी किया है। वहीं 10 शहरों में तेज बारिश दर्ज की गई है। राजधानी लखनऊ में तेज आंधी के कारण एक टेंट गिर गया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।
मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले घंटों में हवाओं की रफ्तार 60 से 70 किलोमीटर प्रति घंटा तक पहुंच सकती है। इसके साथ ही कई जिलों में गरज-चमक और बिजली गिरने की संभावना भी जताई गई है। विभाग ने लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलने की सलाह दी है।
सुबह से ही प्रदेश के कई हिस्सों में आसमान में काले बादल छाए रहे। दोपहर के समय कई शहरों में अचानक तेज हवाएं चलने लगीं और उसके बाद बारिश शुरू हो गई। कुछ इलाकों में दिन के समय अंधेरा जैसा माहौल बन गया।
लखनऊ में तेज हवाओं के कारण कई जगह पेड़ की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। बिजली के पोल और होर्डिंग्स भी हिलते नजर आए। कुछ इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित होने की खबरें सामने आई हैं।
मौसम के अचानक बदलने से लोगों को भीषण गर्मी से राहत जरूर मिली, लेकिन तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सड़कों पर जलभराव की स्थिति बन गई और ट्रैफिक धीमा पड़ गया। ऑफिस और बाजार जाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
मौसम विभाग ने बताया कि पश्चिमी विक्षोभ और बंगाल की खाड़ी से आ रही नमी के कारण प्रदेश में मौसम अस्थिर बना हुआ है। यही वजह है कि कई जिलों में तेज हवाओं और बारिश की गतिविधियां लगातार बढ़ रही हैं।
उत्तर प्रदेश के कानपुर, प्रयागराज, वाराणसी, गोरखपुर, अयोध्या, बरेली, मेरठ और आगरा समेत कई जिलों में भी बारिश और तेज हवाओं का असर देखने को मिला। ग्रामीण इलाकों में किसानों की चिंता बढ़ गई है, क्योंकि तेज हवाओं से फसलों को नुकसान पहुंचने की आशंका है।
प्रशासन ने सभी जिला अधिकारियों को अलर्ट मोड पर रहने के निर्देश दिए हैं। आपदा प्रबंधन और बिजली विभाग की टीमें भी सक्रिय कर दी गई हैं ताकि किसी भी आपात स्थिति से तुरंत निपटा जा सके।
विशेषज्ञों का कहना है कि मई महीने में इस तरह का मौसम बदलाव प्री-मानसून गतिविधियों का संकेत है। हालांकि तेज हवाएं और बिजली गिरने की घटनाएं खतरनाक साबित हो सकती हैं।
डॉक्टरों ने लोगों को खराब मौसम के दौरान खुले स्थानों पर खड़े न होने और पेड़ों के नीचे शरण लेने से बचने की सलाह दी है। बिजली चमकने के दौरान मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों का सावधानी से इस्तेमाल करने की भी अपील की गई है।
सोशल मीडिया पर भी बारिश और आंधी के वीडियो तेजी से वायरल हो रहे हैं। कई वीडियो में तेज हवाओं के कारण उड़ते टेंट, झूमते पेड़ और बारिश से भरी सड़कें दिखाई दे रही हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि मौसम में आए इस बदलाव ने गर्मी से राहत जरूर दी है, लेकिन तेज हवाओंऔर बिजली कटौती ने मुश्किलें भी बढ़ा दी हैं। कई लोग देर शाम तक घरों में ही रहने को मजबूर रहे।











