अमेरिका के विस्कॉन्सिन में डेमोक्रेटिक गवर्नर प्राइमरी में डेविड क्रॉली ने फ्रांसेस्का होंग को करीबी मुकाबले में हरा दिया। क्रॉली की जीत पार्टी के वामपंथी खेमे के लिए झटका मानी जा रही है। नवंबर में उनका मुकाबला रिपब्लिकन टॉम टिफनी से होगा।
विस्कॉन्सिन: अमेरिका के विस्कॉन्सिन राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी के गवर्नर पद के प्राइमरी चुनाव में डेविड क्रॉली की जीत ने पार्टी के वामपंथी खेमे की लगातार बढ़ती चुनावी सफलता को झटका दिया है। क्रॉली ने प्रगतिशील और डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट उम्मीदवार फ्रांसेस्का होंग को बेहद करीबी मुकाबले में पीछे छोड़ दिया। इस जीत के साथ नवंबर में होने वाले गवर्नर चुनाव का मुकाबला क्रॉली और रिपब्लिकन उम्मीदवार टॉम टिफनी के बीच तय हो गया है। क्रॉली मिलवॉकी काउंटी के मुख्य कार्यकारी अधिकारी हैं और उन्हें डेमोक्रेटिक प्राइमरी में अपेक्षाकृत मध्यमार्गी उम्मीदवार माना जा रहा था। वहीं, विस्कॉन्सिन की राज्य विधानसभा सदस्य फ्रांसेस्का होंग पार्टी के प्रगतिशील धड़े की मजबूत आवाज के तौर पर चुनाव मैदान में थीं। वह राज्य की पहली डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट गवर्नर बनने की कोशिश कर रही थीं।
क्रॉली की अप्रत्याशित जीत
डेमोक्रेटिक प्राइमरी में क्रॉली की जीत इसलिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है क्योंकि हाल के महीनों में अमेरिका के कई राज्यों में पार्टी के वामपंथी और प्रगतिशील उम्मीदवारों ने स्थापित नेतृत्व को चुनौती देते हुए बड़ी जीत दर्ज की है।
क्रॉली का अभियान शुरुआत में उतना मजबूत नहीं माना जा रहा था। उन्होंने पिछले महीने कुछ समय के लिए अपनी उम्मीदवारी रोककर एक प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार का समर्थन किया था। इसके बाद उन्होंने दोबारा चुनावी दौड़ में वापसी की और उन्हें विस्कॉन्सिन के मौजूदा गवर्नर टोनी एवर्स का समर्थन मिला। चुनाव के अंतिम चरण में क्रॉली ने तेजी से समर्थन हासिल किया और करीबी मुकाबले में होंग को पीछे छोड़ दिया।
जीत के बाद क्रॉली ने सोशल मीडिया पर कहा कि अब काम शुरू करने का समय है। उन्होंने अपने प्रमुख एजेंडे में जीवन को अधिक किफायती बनाना, स्कूलों को मजबूत करना, बेहतर वेतन वाली नौकरियां पैदा करना और राज्य के हर हिस्से तक अवसर पहुंचाना शामिल बताया।
नवंबर में टॉम टिफनी से मुकाबला
रिपब्लिकन पार्टी की ओर से टॉम टिफनी ने अपनी प्राइमरी आसानी से जीत ली। वह अमेरिकी कांग्रेस के सदस्य हैं और उन्हें राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का समर्थन प्राप्त है।
अब नवंबर में होने वाले गवर्नर चुनाव में डेविड क्रॉली और टॉम टिफनी आमने-सामने होंगे। विस्कॉन्सिन अमेरिकी राजनीति में महत्वपूर्ण स्विंग स्टेट माना जाता है, इसलिए यह मुकाबला दोनों पार्टियों के लिए काफी अहम होगा।
टिफनी ने भी अपने प्रचार में महंगाई और आम लोगों के खर्च को प्रमुख मुद्दा बनाया है। उनके एजेंडे में टैक्स कम करना, किसानों को समर्थन देना और स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार जैसे मुद्दे शामिल हैं।
नवंबर का चुनाव क्यों महत्वपूर्ण?
विस्कॉन्सिन में गवर्नर चुनाव केवल राज्य की राजनीति तक सीमित नहीं रहेगा। नवंबर में होने वाले अमेरिकी मिडटर्म चुनावों के दौरान राज्य में कई महत्वपूर्ण मुकाबले होंगे और इनके नतीजों का असर अमेरिकी कांग्रेस के नियंत्रण पर भी पड़ सकता है।
विस्कॉन्सिन जैसे करीबी राजनीतिक मुकाबले वाले राज्य में डेमोक्रेट और रिपब्लिकन दोनों ही पार्टियां मतदाताओं को अपने पक्ष में करने के लिए जोर लगाएंगी। ऐसे में क्रॉली के सामने प्राइमरी जीतने के बाद अब पार्टी के अलग-अलग धड़ों को एकजुट करने और रिपब्लिकन चुनौती का सामना करने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
फ्रांसेस्का होंग क्यों मानी जा रही थीं मजबूत उम्मीदवार?
फ्रांसेस्का होंग विस्कॉन्सिन की राज्य विधानसभा सदस्य हैं। वह पूर्व शेफ और सिंगल मदर भी रही हैं। प्राइमरी चुनाव से पहले कई राजनीतिक विश्लेषकों ने उन्हें डेमोक्रेटिक उम्मीदवार बनने की दौड़ में मजबूत दावेदार माना था।
होंग का अभियान पार्टी के प्रगतिशील और वामपंथी मतदाताओं को आकर्षित करने पर केंद्रित था। उनका लक्ष्य विस्कॉन्सिन में पहली डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट गवर्नर बनना था।
हालांकि, चुनाव प्रचार के दौरान उनके कुछ पुराने बयानों को लेकर विवाद खड़ा हुआ। पुलिस फंडिंग और अमेरिकी थैंक्सगिविंग अवकाश से जुड़े कुछ बयानों को लेकर उन पर सवाल उठे। बाद में उन्होंने कुछ टिप्पणियों को वापस लिया या उनके संदर्भ को स्पष्ट किया।
इन विवादों ने उनके अभियान को प्रभावित किया और चुनाव के अंतिम चरण में उनके सामने अतिरिक्त राजनीतिक चुनौती खड़ी हो गई।
बर्नी सैंडर्स और ओकासियो-कोर्टेज ने नहीं किया समर्थन
होंग के लिए एक और अहम बात यह रही कि अमेरिका के प्रमुख प्रगतिशील नेताओं में शामिल सीनेटर बर्नी सैंडर्स और कांग्रेस सदस्य अलेक्जेंड्रिया ओकासियो-कोर्टेज ने इस चुनाव में किसी उम्मीदवार का समर्थन नहीं किया।
दोनों नेता आमतौर पर डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील और विद्रोही उम्मीदवारों का समर्थन करते रहे हैं। ऐसे में उनका इस मुकाबले से दूरी बनाए रखना होंग के अभियान के लिए महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाक्रम माना गया।
चुनाव में हार के बाद होंग ने क्रॉली को जीत की बधाई दी। एसोसिएटेड प्रेस के मुताबिक, उन्होंने अपनी हार स्वीकार कर ली और उनके अभियान प्रबंधक ने कहा कि अभियान को जिस तरह चलाया गया, उस पर उन्हें गर्व है।
मिनेसोटा में वामपंथी खेमे को मिली जीत
विस्कॉन्सिन में क्रॉली की जीत के बीच पड़ोसी राज्य मिनेसोटा में डेमोक्रेटिक पार्टी के प्रगतिशील खेमे के लिए अच्छी खबर आई।
पेगी फ्लानागन ने आगामी अमेरिकी सीनेट चुनाव के लिए डेमोक्रेटिक नामांकन हासिल कर लिया। उन्होंने अपने अधिक मध्यमार्गी प्रतिद्वंद्वी एंजी क्रेग को हराया।
फ्लानागन की जीत ने संकेत दिया कि डेमोक्रेटिक पार्टी के वामपंथी उम्मीदवारों का प्रभाव अभी भी कई राज्यों में मजबूत है। इसलिए विस्कॉन्सिन का नतीजा पार्टी के भीतर चल रही व्यापक राजनीतिक बहस के बीच एक अलग तस्वीर पेश करता है।

दक्षिण कैरोलिना में भी दिलचस्प मुकाबला
दक्षिण कैरोलिना में सीनेट की एक विशेष रिपब्लिकन प्राइमरी में डार्लिन ग्राहम नॉर्डोन आगे बढ़ने में सफल रहीं। यह चुनाव सीनेटर लिंडसे ग्राहम के निधन के बाद खाली हुई सीट के लिए आयोजित किया गया था।
नॉर्डोन अब महीने के अंत में होने वाले रनऑफ मुकाबले में हिस्सा लेंगी। इस चुनाव ने भी रिपब्लिकन पार्टी के भीतर उम्मीदवार चयन को लेकर ध्यान आकर्षित किया है।
डेमोक्रेटिक पार्टी में वामपंथी लहर
विस्कॉन्सिन का नतीजा ऐसे समय आया है जब अमेरिका में डेमोक्रेटिक पार्टी के कई प्रगतिशील उम्मीदवार प्राइमरी चुनावों में स्थापित नेताओं को चुनौती देकर जीत हासिल कर रहे हैं।
इनमें से कुछ उम्मीदवारों को डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स ऑफ अमेरिका (DSA) जैसे संगठनों का समर्थन या उनसे राजनीतिक जुड़ाव मिला है। इन नेताओं ने सिर्फ रिपब्लिकन नीतियों की आलोचना नहीं की, बल्कि डेमोक्रेटिक पार्टी के मौजूदा नेतृत्व और वॉशिंगटन की राजनीतिक व्यवस्था को भी चुनौती दी है।
प्रगतिशील उम्मीदवारों ने महंगाई, आवास, स्वास्थ्य सेवाओं और रोजगार जैसे घरेलू मुद्दों के साथ विदेश नीति को भी अपने अभियानों का हिस्सा बनाया है। इनमें गाजा में इजरायल की सैन्य कार्रवाई के बीच अमेरिका की इजरायल को दी जाने वाली सहायता को कम करने या समाप्त करने की मांग भी शामिल रही है।
हाल के चुनावों में भी प्रगतिशील उम्मीदवारों का प्रदर्शन
पिछले सप्ताह मिशिगन में अब्दुल एल-सईद ने अमेरिकी सीनेट के डेमोक्रेटिक प्राइमरी चुनाव में जीत दर्ज की। उन्होंने कांग्रेस सदस्य हेली स्टीवंस को हराया।
इसी तरह जून में न्यूयॉर्क सिटी के मेयर जोहरान ममदानी ने क्षेत्रीय अमेरिकी प्रतिनिधि सभा चुनावों में तीन प्रगतिशील डेमोक्रेटिक उम्मीदवारों का समर्थन किया था। इन तीनों उम्मीदवारों ने अपनी-अपनी प्राइमरी जीत ली।
इनमें से कुछ उम्मीदवारों ने मौजूदा सांसदों को भी चुनौती देकर हराया। इससे डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर प्रगतिशील राजनीति के बढ़ते प्रभाव की चर्चा तेज हुई।
अब डेमोक्रेट्स के सामने बड़ी चुनौती
विस्कॉन्सिन में डेविड क्रॉली की जीत यह संकेत देती है कि डेमोक्रेटिक पार्टी के भीतर वामपंथी उम्मीदवारों की लगातार जीत का सिलसिला हर जगह समान नहीं है। नवंबर में क्रॉली के सामने टॉम टिफनी की चुनौती होगी और यह मुकाबला राज्य की राजनीतिक दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
क्रॉली के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती पार्टी के मध्यमार्गी और प्रगतिशील दोनों धड़ों को साथ लेकर चलने की होगी। वहीं रिपब्लिकन उम्मीदवार टिफनी राष्ट्रपति ट्रंप के समर्थन और अपने आर्थिक एजेंडे के साथ मतदाताओं के बीच जाने की तैयारी करेंगे।
नवंबर के चुनाव में यह मुकाबला केवल दो उम्मीदवारों के बीच नहीं, बल्कि अमेरिकी राजनीति में डेमोक्रेटिक पार्टी की भविष्य की दिशा और उसके भीतर मध्यमार्गी बनाम प्रगतिशील राजनीति की बहस का भी महत्वपूर्ण परीक्षण माना जा सकता है।











